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सदर प्रमुख की कुर्सी पर भी मंडरा रहा संकट!
Updated Tue, 04 Dec 2018 05:55 PM IST
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सदर प्रमुख की कुर्सी पर भी मंडरा रहा संकट!
बीडीसी सदस्यों को साधने की कोशिश में जुटे करवरिया बंधु
जल्द ही लाया जा सकता है अविश्वास प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। गैंगरेप का आरोप लगने के बाद से फरार चल रहे सदर ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी पर भी संकट मंडरा सकता है। दरअसल, करवरिया बंधुओं ने बीडीसी सदस्यों को साधने की कोशिशें शुरू कर दी हैं। माना जा रहा है कि बंधुओं के जेल से बाहर आते ही उनके परिवार से ताल्लुक रखने वाले पूर्व प्रमुख अविश्वास प्रस्ताव करा सकते हैं।
मंझनपुर ब्लॉक प्रमुख हरिमोहन यादव, हिसामपुर प्रधानपति कज्जन व इनके एक साथी पर करारी इलाके की किशोरी ने चार नवम्बर को बंधक बनाकर रेप करने का आरोप लगाया था। मामले में पांच नवम्बर को केस दर्ज हुआ। बुधवार शाम पुलिस ने प्रधानपति को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। करीब हफ्ते भर पहले जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने सदर प्रमुख को छह महीने के लिए जिलाबदर कर दिया। हालांकि प्रमुख गैंगरेप का आरोप लगने के बाद से ही फरार चल रहे हैं। जिलाबदर होने के बाद अब उनका दोआबा की सीमा में घुसना भी मुश्किल हो गया है। उनकी इस मजबूरी का करवरिया बंधु फायदा उठा सकते हैं। बताया जा रहा है कि करवरिया बंधुओं से नाता रखने वाले उनके परिवार के (चचेरे भाई) पूर्व प्रमुख शेष नारायण करवरिया बीडीसी सदस्यों को साधने की कोशिश में लगे हुए हैं। वह सदस्यों के साथ कई बार बैठक कर चुके हैं। चर्चा तो यहां तक है कि सारी योजना तैयार हो चुकी है। अब बस करवरिया बंधुओं के जेल से बाहर आने का इंतजार है। इसके बाद अविश्वास प्रस्ताव ला दिया जाएगा।
पुलिस के लिए हथियार बनी जिलाबदर की कार्रवाई
गैंगरेप पीड़िता का आरोप है कि पुलिस सदर प्रमुख को गिरफ्तार करने में पहले से ही आनाकानी कर रही थी। अब जिलाबदर की कार्रवाई होने के बाद पुलिस ने इसे हथियार बना लिया है। हर सवाल के जवाब में पुलिस अफसर प्रमुख के जिलाबदर होने का हवाला देकर पल्ला झाड़ लेते हैं। इसे लेकर पीड़िता के साथ उसका परिवार भी सहमा हुआ है।
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बीडीसी सदस्यों को साधने की कोशिश में जुटे करवरिया बंधु
जल्द ही लाया जा सकता है अविश्वास प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। गैंगरेप का आरोप लगने के बाद से फरार चल रहे सदर ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी पर भी संकट मंडरा सकता है। दरअसल, करवरिया बंधुओं ने बीडीसी सदस्यों को साधने की कोशिशें शुरू कर दी हैं। माना जा रहा है कि बंधुओं के जेल से बाहर आते ही उनके परिवार से ताल्लुक रखने वाले पूर्व प्रमुख अविश्वास प्रस्ताव करा सकते हैं।
मंझनपुर ब्लॉक प्रमुख हरिमोहन यादव, हिसामपुर प्रधानपति कज्जन व इनके एक साथी पर करारी इलाके की किशोरी ने चार नवम्बर को बंधक बनाकर रेप करने का आरोप लगाया था। मामले में पांच नवम्बर को केस दर्ज हुआ। बुधवार शाम पुलिस ने प्रधानपति को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। करीब हफ्ते भर पहले जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने सदर प्रमुख को छह महीने के लिए जिलाबदर कर दिया। हालांकि प्रमुख गैंगरेप का आरोप लगने के बाद से ही फरार चल रहे हैं। जिलाबदर होने के बाद अब उनका दोआबा की सीमा में घुसना भी मुश्किल हो गया है। उनकी इस मजबूरी का करवरिया बंधु फायदा उठा सकते हैं। बताया जा रहा है कि करवरिया बंधुओं से नाता रखने वाले उनके परिवार के (चचेरे भाई) पूर्व प्रमुख शेष नारायण करवरिया बीडीसी सदस्यों को साधने की कोशिश में लगे हुए हैं। वह सदस्यों के साथ कई बार बैठक कर चुके हैं। चर्चा तो यहां तक है कि सारी योजना तैयार हो चुकी है। अब बस करवरिया बंधुओं के जेल से बाहर आने का इंतजार है। इसके बाद अविश्वास प्रस्ताव ला दिया जाएगा।
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पुलिस के लिए हथियार बनी जिलाबदर की कार्रवाई
गैंगरेप पीड़िता का आरोप है कि पुलिस सदर प्रमुख को गिरफ्तार करने में पहले से ही आनाकानी कर रही थी। अब जिलाबदर की कार्रवाई होने के बाद पुलिस ने इसे हथियार बना लिया है। हर सवाल के जवाब में पुलिस अफसर प्रमुख के जिलाबदर होने का हवाला देकर पल्ला झाड़ लेते हैं। इसे लेकर पीड़िता के साथ उसका परिवार भी सहमा हुआ है।
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