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65 और स्कूलों में शुरू होगी अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई
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65 और स्कूलों में शुरू होगी अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई
पहली बार दस पूर्व माध्यमिक विद्यालय भी इंग्लिश मीडियम के लिए होंगे चयनित
नए शिक्षण सत्र से एक साथ 107 प्राइमरी और पूमावि में मिलेगी कानवेंट शिक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। गरीब परिवारों के बच्चों को परिषदीय विद्यालयों में भी कानवेंट स्कूलों की तर्ज पर अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा मुहैया कराने के लिए पिछले साल हुए प्रयोग को नए शिक्षण सत्र से और विस्तार दिया जाएगा। अप्रैल से प्रारंभ होने वाले नए सत्र में 55 प्राइमरी और दस पूर्व माध्यमिक विद्यालयों समेत 65 अन्य परिषदीय स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से पठन-पाठन होगी। फिलहाल 42 प्राइमरी स्कूलों में ही इंग्लिश मीडियम की पढ़ाई हो रही है। इस तरह से नए शिक्षण सत्र में जिले के 107 परिषदीय स्कूल नए कलेवर में नजर आएंगे। शासकीय फरमान मिलते ही बीएसए अरविंद कुमार ने खंड शिक्षाधिकारियों को स्कूल चयनित करने का निर्देश दे दिया है।
प्राइमरी स्कूलों में पठन-पाठन का स्तर ऊंचा उठाने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से लगातार नए-नए प्रयोग किए जा रहे हैं। पंचायती राज विभाग की मदद से स्कूलों को लकदक करने के लिए ऑपरेशन कायाकल्प चलाया गया। इसके तहत स्कूलों के भवन, फर्नीचर, स्वच्छ पेयजल, शौचालय आदि व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जा रही हैं। पहले चरण में प्रत्येक ब्लॉक के पांच-पांच प्राइमरी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू कराई गई। इससे पहले जिले में दो अन्य प्राथमिक विद्यालयों को मॉडल बनाकर बच्चों को अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाया जा रहा था। अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई शुरू होने से परिषदीय स्कूलों में छात्र-छात्राओं का तेजी से रुझान बढ़ा। नामांकन में आशातीत वृद्धि के साथ ही विद्यालयों में बच्चों के ठहराव पर सकारात्मक प्रभाव पड़े हैं। प्रदेश के अधिकांश जनपदों के शिक्षकों, अभिभावकों तथा जनप्रतिनिधियों ने भी अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों का स्वागत करते हुए इनकी संख्या और बढ़ाने की मांग की है। इस पर सरकार ने प्रदेश भर में पांच हजार प्राइमरी और एक हजार उच्च प्राथमिक विद्यालयों को आगामी शैक्षिक सत्र से संचालित करने का निर्णय लिया गया। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद रूबी सिंह की ओर से इस बाबत सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर विद्यालयों के चयन का निर्देश दिया है।
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ऐसे विद्यालयों का होगा चयन
मंझनपुर (ब्यूरो)। सचिव की ओर से जारी निर्देश के तहत विद्यालयों के चयन में छात्र संख्या, कक्षा कक्षाओं की संख्या, विद्यालय में शैक्षिक अवस्थापना सुविधाएं, फर्नीचर आदि की उपलब्धता का ध्यान दिया जाएगा। स्कूल की स्थिति, पहुंच मार्ग, विद्युतीकरण, सामुदायिक सहभागिता वाले विद्यालयों को वरीयता दी जाएगी।
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एक ही परिसर में एक जैसी पढ़ाई होगी
अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई के लिए चुने गए कई प्राइमरी स्कूल ऐसे हैं, जहां उसी परिसर में स्थित जूनियर हाईस्कूल में हिंदी माध्यम से शिक्षा दी जाती है। इससे बच्चों को दिक्कत होती है। लिहाजा विभाग ने अब एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों को एक इकाई मान लिया है। लिहाजा एक ही परिसर में संचालित प्राइमरी स्कूल में यदि अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई हो रही है तो वहां के उच्च प्राथमिक विद्यालय में भी अप्रैल से इंग्लिश मीडियम की शिक्षा मुहैया कराई जाएगी।
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इनका कहना है
सचिव बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से जारी पत्र में जिले के 55 प्राइमरी एवं दस पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से पठन-पाठन कराने का निर्देश मिला है। इस बाबत सभी खंड शिक्षाधिकारियों को विद्यालय चयनित करने का निर्देश दे दिया गया है। अगले शिक्षण सत्र से चयनित विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई प्रारंभ करा दी जाएगी।
अरविंद कुमार-बीएसए
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पहली बार दस पूर्व माध्यमिक विद्यालय भी इंग्लिश मीडियम के लिए होंगे चयनित
नए शिक्षण सत्र से एक साथ 107 प्राइमरी और पूमावि में मिलेगी कानवेंट शिक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। गरीब परिवारों के बच्चों को परिषदीय विद्यालयों में भी कानवेंट स्कूलों की तर्ज पर अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा मुहैया कराने के लिए पिछले साल हुए प्रयोग को नए शिक्षण सत्र से और विस्तार दिया जाएगा। अप्रैल से प्रारंभ होने वाले नए सत्र में 55 प्राइमरी और दस पूर्व माध्यमिक विद्यालयों समेत 65 अन्य परिषदीय स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से पठन-पाठन होगी। फिलहाल 42 प्राइमरी स्कूलों में ही इंग्लिश मीडियम की पढ़ाई हो रही है। इस तरह से नए शिक्षण सत्र में जिले के 107 परिषदीय स्कूल नए कलेवर में नजर आएंगे। शासकीय फरमान मिलते ही बीएसए अरविंद कुमार ने खंड शिक्षाधिकारियों को स्कूल चयनित करने का निर्देश दे दिया है।
प्राइमरी स्कूलों में पठन-पाठन का स्तर ऊंचा उठाने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से लगातार नए-नए प्रयोग किए जा रहे हैं। पंचायती राज विभाग की मदद से स्कूलों को लकदक करने के लिए ऑपरेशन कायाकल्प चलाया गया। इसके तहत स्कूलों के भवन, फर्नीचर, स्वच्छ पेयजल, शौचालय आदि व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जा रही हैं। पहले चरण में प्रत्येक ब्लॉक के पांच-पांच प्राइमरी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू कराई गई। इससे पहले जिले में दो अन्य प्राथमिक विद्यालयों को मॉडल बनाकर बच्चों को अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाया जा रहा था। अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई शुरू होने से परिषदीय स्कूलों में छात्र-छात्राओं का तेजी से रुझान बढ़ा। नामांकन में आशातीत वृद्धि के साथ ही विद्यालयों में बच्चों के ठहराव पर सकारात्मक प्रभाव पड़े हैं। प्रदेश के अधिकांश जनपदों के शिक्षकों, अभिभावकों तथा जनप्रतिनिधियों ने भी अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों का स्वागत करते हुए इनकी संख्या और बढ़ाने की मांग की है। इस पर सरकार ने प्रदेश भर में पांच हजार प्राइमरी और एक हजार उच्च प्राथमिक विद्यालयों को आगामी शैक्षिक सत्र से संचालित करने का निर्णय लिया गया। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद रूबी सिंह की ओर से इस बाबत सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर विद्यालयों के चयन का निर्देश दिया है।
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ऐसे विद्यालयों का होगा चयन
मंझनपुर (ब्यूरो)। सचिव की ओर से जारी निर्देश के तहत विद्यालयों के चयन में छात्र संख्या, कक्षा कक्षाओं की संख्या, विद्यालय में शैक्षिक अवस्थापना सुविधाएं, फर्नीचर आदि की उपलब्धता का ध्यान दिया जाएगा। स्कूल की स्थिति, पहुंच मार्ग, विद्युतीकरण, सामुदायिक सहभागिता वाले विद्यालयों को वरीयता दी जाएगी।
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एक ही परिसर में एक जैसी पढ़ाई होगी
अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई के लिए चुने गए कई प्राइमरी स्कूल ऐसे हैं, जहां उसी परिसर में स्थित जूनियर हाईस्कूल में हिंदी माध्यम से शिक्षा दी जाती है। इससे बच्चों को दिक्कत होती है। लिहाजा विभाग ने अब एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों को एक इकाई मान लिया है। लिहाजा एक ही परिसर में संचालित प्राइमरी स्कूल में यदि अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई हो रही है तो वहां के उच्च प्राथमिक विद्यालय में भी अप्रैल से इंग्लिश मीडियम की शिक्षा मुहैया कराई जाएगी।
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इनका कहना है
सचिव बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से जारी पत्र में जिले के 55 प्राइमरी एवं दस पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से पठन-पाठन कराने का निर्देश मिला है। इस बाबत सभी खंड शिक्षाधिकारियों को विद्यालय चयनित करने का निर्देश दे दिया गया है। अगले शिक्षण सत्र से चयनित विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई प्रारंभ करा दी जाएगी।
अरविंद कुमार-बीएसए