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21 साल से खोजे नहीं मिल रहा भूमि विकास बैंक चायल
Updated Sat, 08 Dec 2018 12:27 AM IST
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मंझनपुर। चायल तहसील का भूमि विकास बैंक लापता चल रहा है। यह तहसील ही नहीं बल्कि जिले के नक्से से भी गायब है। इसका कोई दर और ठिकाना नहीं मिलने से क्षेत्र के किसान परेशान हैं। इस बैंक को चायल में संचालित कराने के लिए कई मर्तबा अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों से शिकायत भी की गई। पर, जिले के मानचित्र से गायब इस बैंक को लेकर दो दसक बाद भी किसी ने कोई पहल नहीं की।
दो दसक पहले चार अप्रैल 1997 को प्रयागराज से दोआबा को अलग कर कौशाम्बी जनपद का गठन किया गया था। इसके बाद जिले के विकास के लिए सभी सुविधाएं और उनके विभाग स्थापित कर दिए गए। लेकिन किसानों के हित के लिए संचालित होने वाला भूमि विकास बैंक चायल तहसील इलाके से गायब चल रहा है। इस बैंक का क्षेत्र में कोई नाम व निशान नहीं है। इससे तहसील क्षेत्र के तीन विकास खंड चायल, नेवादा और मूरतगंज के कास्तकारों को काफी परेशान होना पड़ रहा है। यह बैंक अब भी पड़ोसी जनपद प्रयागराज की कटरा शाखा से सबद्ध कर संचालित किया जा रहा है। इससे क्षेत्र के किसानों को अपनी जरूरतों के लिए प्रयागराज जाना पड़ता है। इतना ही नहीं यहां पर तैनात कर्मचारी भी क्षेत्र के कास्तकारों के साथ मनमानी करते हैं।
40 किलोमीटर दूर का सफर करते हैं किसान
चायल क्षेत्र के किसानों को जब इस बैंक से अपनी जरूरत पूरी करनी होती है तो उन्हें 40 किलोमीटर दूर का सफर तय करना पड़ता है। इससे किसानों का समय और पैसा जाया होता है। नियमानुसार बैंक यदि तहसील मुख्यालय में संचालित हो जाए तो क्षेत्रीय किसानों को बड़ा फायदा मिल जाएगा।
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मंझनपुर और सिराथू में स्थापित है बैंक
कौशाम्बी जिला गठन के पहले से ही जनपद के मंझनपुर और सिराथू की तहसीलों में भूमि विकास बैंक संचालित हो रहा है। लेकिन चायल तहसील क्षेत्र का यह बैंक अभी भी प्रयागराज जनपद के कटरा शाखा से संबद्ध है।
बैंक में दर्ज हैं क्षेत्र के चार सौ किसान
प्रयागराज के कटरा इलाके में संचालित भूमि विकास बैंक में चायल तहसील क्षेत्र के करीब चार सौ किसान खाताधारक हैं। इन कास्तकारों को अपने पैसों के लेनदेन और कागजी कार्यवाही के लिए परेशान होना पड़ता है। ककिसानों का कहना है कि यदि बैंक की चायल शाखा अपने मूल क्षेत्र में स्थापित हो जाए तो खाताधारकों की संख्या बढ़ सकती है। इससे किसानों के साथ ही बैंक को भी फायदा होगा।
भूमि विकास बैंक की चायल शाखा को प्रयागराज शहर के कटरा ब्रांच से सबद्ध है। चायल तहसील क्षेत्र में शाखा स्थानांतरित कराने की कार्यवाही चल रही है। उम्मीद है कि जल्द ही इसमें सफलता भी मिल जाए।
मोहम्मद आरिफ -बैंक के प्रबंधक, कटरा (प्रयागराज)
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दो दसक पहले चार अप्रैल 1997 को प्रयागराज से दोआबा को अलग कर कौशाम्बी जनपद का गठन किया गया था। इसके बाद जिले के विकास के लिए सभी सुविधाएं और उनके विभाग स्थापित कर दिए गए। लेकिन किसानों के हित के लिए संचालित होने वाला भूमि विकास बैंक चायल तहसील इलाके से गायब चल रहा है। इस बैंक का क्षेत्र में कोई नाम व निशान नहीं है। इससे तहसील क्षेत्र के तीन विकास खंड चायल, नेवादा और मूरतगंज के कास्तकारों को काफी परेशान होना पड़ रहा है। यह बैंक अब भी पड़ोसी जनपद प्रयागराज की कटरा शाखा से सबद्ध कर संचालित किया जा रहा है। इससे क्षेत्र के किसानों को अपनी जरूरतों के लिए प्रयागराज जाना पड़ता है। इतना ही नहीं यहां पर तैनात कर्मचारी भी क्षेत्र के कास्तकारों के साथ मनमानी करते हैं।
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40 किलोमीटर दूर का सफर करते हैं किसान
चायल क्षेत्र के किसानों को जब इस बैंक से अपनी जरूरत पूरी करनी होती है तो उन्हें 40 किलोमीटर दूर का सफर तय करना पड़ता है। इससे किसानों का समय और पैसा जाया होता है। नियमानुसार बैंक यदि तहसील मुख्यालय में संचालित हो जाए तो क्षेत्रीय किसानों को बड़ा फायदा मिल जाएगा।
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मंझनपुर और सिराथू में स्थापित है बैंक
कौशाम्बी जिला गठन के पहले से ही जनपद के मंझनपुर और सिराथू की तहसीलों में भूमि विकास बैंक संचालित हो रहा है। लेकिन चायल तहसील क्षेत्र का यह बैंक अभी भी प्रयागराज जनपद के कटरा शाखा से संबद्ध है।
बैंक में दर्ज हैं क्षेत्र के चार सौ किसान
प्रयागराज के कटरा इलाके में संचालित भूमि विकास बैंक में चायल तहसील क्षेत्र के करीब चार सौ किसान खाताधारक हैं। इन कास्तकारों को अपने पैसों के लेनदेन और कागजी कार्यवाही के लिए परेशान होना पड़ता है। ककिसानों का कहना है कि यदि बैंक की चायल शाखा अपने मूल क्षेत्र में स्थापित हो जाए तो खाताधारकों की संख्या बढ़ सकती है। इससे किसानों के साथ ही बैंक को भी फायदा होगा।
भूमि विकास बैंक की चायल शाखा को प्रयागराज शहर के कटरा ब्रांच से सबद्ध है। चायल तहसील क्षेत्र में शाखा स्थानांतरित कराने की कार्यवाही चल रही है। उम्मीद है कि जल्द ही इसमें सफलता भी मिल जाए।
मोहम्मद आरिफ -बैंक के प्रबंधक, कटरा (प्रयागराज)