{"_id":"5f6a50da8ebc3e0deb45294f","slug":"18-positives-including-two-doctors-27-patients-recovered-kaushambi-news-ald287009674","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो डॉक्टरों समेत 18 मिले पॉजिटिव, 27 मरीज हुए ठीक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो डॉक्टरों समेत 18 मिले पॉजिटिव, 27 मरीज हुए ठीक
विज्ञापन
18 positives including two doctors, 27 patients recovered
- फोटो : KAUSHAMBI
सीएचसी सरायअकिल के दो डॉक्टर समेत 18 लोग कारोना संक्रमित मिले। इन्हें होम आइसोलेट करने के साथ ही अस्पताल को सैनिटाइज कराया गया। इसके साथद ही जिले में 24 घंटे के भीतर 27 मरीज ठीक भी हुए हैं। इसी के साथ ही रिकवरी रेट 88 फीसदी पहुंच गया।
संक्रमण की रोकथाम के लिए लगातार जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। सर्विलांस अधिकारी डॉ. यश अग्रवाल ने बताया कि मंगलवार को पहली बार जिले में डेढ़ हजार से ज्यादा संदिग्धों की जांच कराई गई।
जिले भर के सभी सीएचसी, पीएचसी और कंटेनमेंट जोन में लगे शिविरों में 1049 लोंगों की जांच एंटीजेन किट के माध्यम से की गई। जबकि, 452 संदिग्धों का स्वॉब सैंपल लेकर आरटीपीसीआर जांच के लिए प्रयागराज स्थित लैब भेजा गया।
विज्ञापन
विभिन्न माध्यमों से आई जांच रिपोर्ट में 10 लोग संक्रमित निकले हैं। संक्रमितों में सीएचसी सरायअकिल में तैनात महिला डॉक्टर समेत दो चिकित्सक व मूरतगंज क्षेत्र में काम कर रहे जीएमआर कंपनी के तीन कर्मचारी शामिल हैं। इनके अलावा मंझनपुर क्षेत्र के दो, चायल, सिराथू व मूरतगंज के एक-एक अन्य लोगों में भी संक्रमण की पुष्टि हुई है। वहीं दूसरी तरफ 24 घंटे के भीतर होम आइसोलेट रहे 21 व अस्पताल में भर्ती छह समेत कुल 27 मरीज ठीक भी हुए हैं। सर्विलांस अधिकारी ने बताया कि अब तक मिले 1398 मरीजों में 1224 स्वस्थ हो चुके हैं। फिलहाल 154 मरीजों का इलाज चल रहा है।
घर के अंदर संदिग्ध दशा में मजूदर की मौत, कोहराम
स्थानीय कोतवाली के हब्बूनगर सिपाह गांव में रहने वाला सुरेश सरोज (45) मजदूरी करता था। उसकी पत्नी सुनीता देवी के मुताबिक मंगलवार को वह बकरी चराने खेतों की तरफ चली गई थी। बच्चे भी घर से बाहर खेल रहे थे। अंदर केवल पति सुरेश ही मौजूद था। शाम को पांच बजे खेतों से आने पर सुरेश का शव बिस्तर में पड़ा मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौका मुआयना करने के बाद लाश पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाल राकेश तिवारी ने बताया कि मृतक के शरीर में चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं। पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह पता चल सकेगी। घटना के बाद से पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
विज्ञापन
संक्रमण की रोकथाम के लिए लगातार जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। सर्विलांस अधिकारी डॉ. यश अग्रवाल ने बताया कि मंगलवार को पहली बार जिले में डेढ़ हजार से ज्यादा संदिग्धों की जांच कराई गई।
विज्ञापन
जिले भर के सभी सीएचसी, पीएचसी और कंटेनमेंट जोन में लगे शिविरों में 1049 लोंगों की जांच एंटीजेन किट के माध्यम से की गई। जबकि, 452 संदिग्धों का स्वॉब सैंपल लेकर आरटीपीसीआर जांच के लिए प्रयागराज स्थित लैब भेजा गया।
विज्ञापन
विभिन्न माध्यमों से आई जांच रिपोर्ट में 10 लोग संक्रमित निकले हैं। संक्रमितों में सीएचसी सरायअकिल में तैनात महिला डॉक्टर समेत दो चिकित्सक व मूरतगंज क्षेत्र में काम कर रहे जीएमआर कंपनी के तीन कर्मचारी शामिल हैं। इनके अलावा मंझनपुर क्षेत्र के दो, चायल, सिराथू व मूरतगंज के एक-एक अन्य लोगों में भी संक्रमण की पुष्टि हुई है। वहीं दूसरी तरफ 24 घंटे के भीतर होम आइसोलेट रहे 21 व अस्पताल में भर्ती छह समेत कुल 27 मरीज ठीक भी हुए हैं। सर्विलांस अधिकारी ने बताया कि अब तक मिले 1398 मरीजों में 1224 स्वस्थ हो चुके हैं। फिलहाल 154 मरीजों का इलाज चल रहा है।
घर के अंदर संदिग्ध दशा में मजूदर की मौत, कोहराम
स्थानीय कोतवाली के हब्बूनगर सिपाह गांव में रहने वाला सुरेश सरोज (45) मजदूरी करता था। उसकी पत्नी सुनीता देवी के मुताबिक मंगलवार को वह बकरी चराने खेतों की तरफ चली गई थी। बच्चे भी घर से बाहर खेल रहे थे। अंदर केवल पति सुरेश ही मौजूद था। शाम को पांच बजे खेतों से आने पर सुरेश का शव बिस्तर में पड़ा मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौका मुआयना करने के बाद लाश पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाल राकेश तिवारी ने बताया कि मृतक के शरीर में चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं। पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह पता चल सकेगी। घटना के बाद से पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है।