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पॉलीथिन से बड़े दुकानदारों ने बनाई दूरी
Updated Mon, 16 Jul 2018 12:09 AM IST
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मंझनपुर। पॉलीथिन पर पाबंदी के पहले दिन जिले का कारोबार प्रभावित रहा। कारोबारी इसका विकल्प खोजने में परेशान रहे। फुटपाथ के दुकानदारों ने तो रविवार को चोरी-छीपे पॉलीथिन का इस्तेमाल किया, लेकिन बड़े दुकानदारों ने छापे की डर से एकदम दूरी बनाए रखा। पुराने स्टॉक को अपने-अपने प्रतिष्ठानों से हटाकर ठिकाने लगा दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 जुलाई से पॉलीथिन के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी है। इस निर्देश का कड़ाई से अनुपालन कराने के लिए जिला प्रशासन को निर्देश भी दिया है। प्रतिबंधित पॉलीथिन का इस्तेमाल करते पकड़े जाने पर पहली बार पांच, दूसरी बार दस व तीसरी बार 25 हजार रुपये जुर्माने के साथ तीन महीने की सजा देने का भी निर्देश है। इस डर से जिले के कारोबारियों ने प्रतिष्ठानों में पहले से मौजूद पॉलीथिन को ठिकाने लगा दिया। रविवार को जिले के मंझनपुर, सिराथू, करारी, भरवारी, अजुहा, सरायअकिल, मनौरी आदि प्रमुख बाजारों की बड़ी दुकानों में देखा गया कि ग्राहक भले ही वापस लौट जाए, लेकिन पॉलीथिन में सामान नहीं दिया। इसके चलते पहले दिन व्यापार काफी प्रभावित हुआ। साथ ही ग्राहकों को भी परेशानी हुई। दरअसल लंबे समय से हाथ में थैला लेकर चलने की आदत छूट चुकी है। इसलिए लोग घर से निकलते वक्त भूल कर बैठते हैं। दूसरी तरफ फुटपाथ पर फल आदि बेचने वालों ने चोरी-छीपे पॉलीथिन इस्तेमाल किया। सिराथू के किराना व्यापारी विनोद केसरवानी ने बताया कि पॉलीथिन का विकल्प मसलन कागज और कपड़े के थैले अभी बाजार में उपलब्ध नहीं है। इसलिए परेशानी हो रही है।
पॉलीथिन पर पाबंदी से सर्वाधिक प्रभावित डेयरी और चाय की दुकान चलाने वाले हुए। दरअसल लोग खाली हाथ आते थे और पॉलीथिन में दूध की डिमांड करते थे। मंझनपुर के डेयरी संचालक गुलशन यादव ने बताया कि रविवार को खाली हाथ आने वाले दर्जनों ग्राहकों को वापस घर जाकर बर्तन लाना पड़ा। इसी तरह चाय विक्रेता सिकंदर ने बताया कि चाय की पैकिंग कराने वाले तमाम लोग दिन भर परेशान रहे। पॉलीथिन पर रोक से पहले दिन काफी नुकसान हुआ। पॉलीथिन पर पाबंदी के लिए शासन ने 15 जुलाई से अभियान चलाकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। बड़े दुकानदारों ने इसी डर के चलते दुकानों से पॉलीथिन हटा दिया था। पहले दिन जिले की किसी बाजार में कोई अफसर छापेमारी के लिए नहीं निकला। माना जा रहा है कि रविवार को अवकाश होने के कारण टीमें नहीं निकली। सोमवार को अभियान चलने की पूरी संभावना है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 जुलाई से पॉलीथिन के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी है। इस निर्देश का कड़ाई से अनुपालन कराने के लिए जिला प्रशासन को निर्देश भी दिया है। प्रतिबंधित पॉलीथिन का इस्तेमाल करते पकड़े जाने पर पहली बार पांच, दूसरी बार दस व तीसरी बार 25 हजार रुपये जुर्माने के साथ तीन महीने की सजा देने का भी निर्देश है। इस डर से जिले के कारोबारियों ने प्रतिष्ठानों में पहले से मौजूद पॉलीथिन को ठिकाने लगा दिया। रविवार को जिले के मंझनपुर, सिराथू, करारी, भरवारी, अजुहा, सरायअकिल, मनौरी आदि प्रमुख बाजारों की बड़ी दुकानों में देखा गया कि ग्राहक भले ही वापस लौट जाए, लेकिन पॉलीथिन में सामान नहीं दिया। इसके चलते पहले दिन व्यापार काफी प्रभावित हुआ। साथ ही ग्राहकों को भी परेशानी हुई। दरअसल लंबे समय से हाथ में थैला लेकर चलने की आदत छूट चुकी है। इसलिए लोग घर से निकलते वक्त भूल कर बैठते हैं। दूसरी तरफ फुटपाथ पर फल आदि बेचने वालों ने चोरी-छीपे पॉलीथिन इस्तेमाल किया। सिराथू के किराना व्यापारी विनोद केसरवानी ने बताया कि पॉलीथिन का विकल्प मसलन कागज और कपड़े के थैले अभी बाजार में उपलब्ध नहीं है। इसलिए परेशानी हो रही है।
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पॉलीथिन पर पाबंदी से सर्वाधिक प्रभावित डेयरी और चाय की दुकान चलाने वाले हुए। दरअसल लोग खाली हाथ आते थे और पॉलीथिन में दूध की डिमांड करते थे। मंझनपुर के डेयरी संचालक गुलशन यादव ने बताया कि रविवार को खाली हाथ आने वाले दर्जनों ग्राहकों को वापस घर जाकर बर्तन लाना पड़ा। इसी तरह चाय विक्रेता सिकंदर ने बताया कि चाय की पैकिंग कराने वाले तमाम लोग दिन भर परेशान रहे। पॉलीथिन पर रोक से पहले दिन काफी नुकसान हुआ। पॉलीथिन पर पाबंदी के लिए शासन ने 15 जुलाई से अभियान चलाकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। बड़े दुकानदारों ने इसी डर के चलते दुकानों से पॉलीथिन हटा दिया था। पहले दिन जिले की किसी बाजार में कोई अफसर छापेमारी के लिए नहीं निकला। माना जा रहा है कि रविवार को अवकाश होने के कारण टीमें नहीं निकली। सोमवार को अभियान चलने की पूरी संभावना है।
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