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सियासत की भेंट चढ़ी म्योहर-सरायअकिल की सड़क
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सियासत की भेंट चढ़ी म्योहर-सरायअकिल की सड़क
चुनाव के समय आश्वासन देकर भूले जनप्रतिनिधि, दस साल से मरम्मत नहीं होने के चलते मिट रहा वजूद
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। म्योहर समेत दर्जनभर गांवों को प्रमुख बाजार सरायअकिल से जोड़ने वाली सड़क दो विधानसभा क्षेत्र में होने का दंश भुगत रही है। सड़क बदहाली की याद जनप्रतिनिधियों को चुनाव के दौरान आती है। चुनावी सीजन खत्म होने के बाद तीन किलोमीटर लंबी सड़क की सुध कोई नहीं लेता है। मरम्मत के अभाव में सड़क का वजूद खतरे में पड़ गया है।
म्योहर गांव के मजरा बड़ा तालाब से सरायअकिल बाजार जाने के लिए तीन किलोमीटर लंबी सड़क इछना गांव होते हुए गई है। इस सड़क से इलाके के अर्का महाबीरपुर, अर्काफतेहपुर, बंधुरी रसूलीपुर, बटबंधुरी, संचवारा, गौहानी, एकौरा समेत दर्जनभर गावों के लोग जरूरत के सामान की खरीददारी करने के लिए सरायअकिल बाजार जाते हैं। सड़क का सौ मीटर हिस्सा मंझनपुर विधानसभा में है तो बाकी हिस्सा चायल क्षेत्र में। दो विधानसभा क्षेत्र की वजह से सड़क की मरम्मत नहीं हो पा रही है। दस साल से मरमत नहीं होने के कारण सड़क की गिट्टियां उखड़कर गायब हो गई हैं। जगह-जगह गड्ढों में तब्दील सड़क की मरम्मत के लिए इलाकाई ग्रामीणों ने विधायक, सांसद व संबंधित अधिकारियों से कई बार गुहार लगाया। हद तो तब हो गई जब प्रदेश सरकार द्वारा गड्ढामुक्त सड़क का अभियान चलाया गया और इसकी अनदेखी हुई। ग्राम प्रधान म्योहर दिनेश सिंह ने सदर विधायक से सड़क मरम्मत के लिए कई बार कहा पर सुनवाई नहीं हो सकी। सरायअकिल कस्बे के भाजपाइयों ने भी विधायक चायल से सड़क मरम्मत कराने के लिए कई बार कहा पर ध्यान नहीं दिया गया। चार साल का समय बीतने के बावजूद सांसद ने भी प्रमुख सड़क को गड्ढामुक्त कराने की नहीं सोची। इस अनदेखी से इलाकाई ग्रामीण नाराज हैं। लोगों की नाराजगी लोकसभा चुनाव में सत्ता के उम्मीदवार को भारी पड़ सकती है।
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चुनाव के समय आश्वासन देकर भूले जनप्रतिनिधि, दस साल से मरम्मत नहीं होने के चलते मिट रहा वजूद
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। म्योहर समेत दर्जनभर गांवों को प्रमुख बाजार सरायअकिल से जोड़ने वाली सड़क दो विधानसभा क्षेत्र में होने का दंश भुगत रही है। सड़क बदहाली की याद जनप्रतिनिधियों को चुनाव के दौरान आती है। चुनावी सीजन खत्म होने के बाद तीन किलोमीटर लंबी सड़क की सुध कोई नहीं लेता है। मरम्मत के अभाव में सड़क का वजूद खतरे में पड़ गया है।
म्योहर गांव के मजरा बड़ा तालाब से सरायअकिल बाजार जाने के लिए तीन किलोमीटर लंबी सड़क इछना गांव होते हुए गई है। इस सड़क से इलाके के अर्का महाबीरपुर, अर्काफतेहपुर, बंधुरी रसूलीपुर, बटबंधुरी, संचवारा, गौहानी, एकौरा समेत दर्जनभर गावों के लोग जरूरत के सामान की खरीददारी करने के लिए सरायअकिल बाजार जाते हैं। सड़क का सौ मीटर हिस्सा मंझनपुर विधानसभा में है तो बाकी हिस्सा चायल क्षेत्र में। दो विधानसभा क्षेत्र की वजह से सड़क की मरम्मत नहीं हो पा रही है। दस साल से मरमत नहीं होने के कारण सड़क की गिट्टियां उखड़कर गायब हो गई हैं। जगह-जगह गड्ढों में तब्दील सड़क की मरम्मत के लिए इलाकाई ग्रामीणों ने विधायक, सांसद व संबंधित अधिकारियों से कई बार गुहार लगाया। हद तो तब हो गई जब प्रदेश सरकार द्वारा गड्ढामुक्त सड़क का अभियान चलाया गया और इसकी अनदेखी हुई। ग्राम प्रधान म्योहर दिनेश सिंह ने सदर विधायक से सड़क मरम्मत के लिए कई बार कहा पर सुनवाई नहीं हो सकी। सरायअकिल कस्बे के भाजपाइयों ने भी विधायक चायल से सड़क मरम्मत कराने के लिए कई बार कहा पर ध्यान नहीं दिया गया। चार साल का समय बीतने के बावजूद सांसद ने भी प्रमुख सड़क को गड्ढामुक्त कराने की नहीं सोची। इस अनदेखी से इलाकाई ग्रामीण नाराज हैं। लोगों की नाराजगी लोकसभा चुनाव में सत्ता के उम्मीदवार को भारी पड़ सकती है।
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