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खुले में शौच मुक्त होने को चाहिए 8870 शौचालय
Updated Thu, 29 Nov 2018 08:51 PM IST
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ओडीएफ हो चुका जिला, फिर भी चाहिए 8870 शौचालय
शासन की हरी झंडी मिलने के बाद शुरू हुआ निर्माण
बेस लाइन सर्वे 2011 के हिसाब से बनवाए जा चुके हैं1,82,537 शौचालय
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। खुले में शौच मुक्त करने के लिए दोआबा के ग्रामीणों को 8870 शौचालयों की और आवश्यकता है। बेस लाइन सर्वे 2011 से छूटे हुए इन पात्रों के घर शौचालय निर्माण के लिए शासन की स्वीकृति भी मिल गई है। जिला पंचायत राज अधिकारी ने चिह्नित संबंधित सचिव और ग्राम प्रधानों को पात्रों के घर शौचालय बनवाने का निर्देश दे दिया है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय निर्माण के लिए बेस लाइन सर्वे कराया गया था। सर्वे के दौरान 8870 परिवारों के नाम छूट गए थे। बेसलाइन सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक जिले के एक लाख 82 हजार 537 पात्र परिवारों के घरों में शौचालय निर्माण कराया गया। इसके बाद 30 सितंबर 2018 को जिले को पूर्ण रूप से खुले में शौच से मुक्त घोषित कर दिया गया। ओडीएफ होने के बाद भी जिले में खुले में शौच जाना बंद नहीं हुआ तो हकीकत खंगालने के लिए जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में पाया गया कि 8870 परिवार ऐसे पात्र है जो बेस लाइन सर्वे की सूची से बाहर होने के कारण उन्हें शौचालय का लाभ नहीं मिल सका। रिपोर्ट शासन को प्रेषित की गई तो सभी के घर शौचालय बनवाने का फरमान जारी हो गया। डीपीआरओ गोपाल जी ओझा ने एडीओ पंचायतों को निर्देशित किया कि पात्रों के घर शौचालय निर्माण कराना शुरू कर दें, योजना की रकम जल्द ही उनके खाते में पहुंच जाएगी। डीपीआरओ का निर्देश मिलते ही संबधित एडीओ पंचायत व सेक्रेटरी पात्रों के घर शौचालय निर्माण के लिए गड्ढा खुदाई शुरू करा दिए हैं। माना जा रहा है कि बचे हुए पात्रों के घर शौचालय निर्माण होने के बाद जिला पूर्ण रूप से खुले में शौच से मुक्त हो जाएगा।
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शासन की हरी झंडी मिलने के बाद शुरू हुआ निर्माण
बेस लाइन सर्वे 2011 के हिसाब से बनवाए जा चुके हैं1,82,537 शौचालय
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। खुले में शौच मुक्त करने के लिए दोआबा के ग्रामीणों को 8870 शौचालयों की और आवश्यकता है। बेस लाइन सर्वे 2011 से छूटे हुए इन पात्रों के घर शौचालय निर्माण के लिए शासन की स्वीकृति भी मिल गई है। जिला पंचायत राज अधिकारी ने चिह्नित संबंधित सचिव और ग्राम प्रधानों को पात्रों के घर शौचालय बनवाने का निर्देश दे दिया है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय निर्माण के लिए बेस लाइन सर्वे कराया गया था। सर्वे के दौरान 8870 परिवारों के नाम छूट गए थे। बेसलाइन सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक जिले के एक लाख 82 हजार 537 पात्र परिवारों के घरों में शौचालय निर्माण कराया गया। इसके बाद 30 सितंबर 2018 को जिले को पूर्ण रूप से खुले में शौच से मुक्त घोषित कर दिया गया। ओडीएफ होने के बाद भी जिले में खुले में शौच जाना बंद नहीं हुआ तो हकीकत खंगालने के लिए जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में पाया गया कि 8870 परिवार ऐसे पात्र है जो बेस लाइन सर्वे की सूची से बाहर होने के कारण उन्हें शौचालय का लाभ नहीं मिल सका। रिपोर्ट शासन को प्रेषित की गई तो सभी के घर शौचालय बनवाने का फरमान जारी हो गया। डीपीआरओ गोपाल जी ओझा ने एडीओ पंचायतों को निर्देशित किया कि पात्रों के घर शौचालय निर्माण कराना शुरू कर दें, योजना की रकम जल्द ही उनके खाते में पहुंच जाएगी। डीपीआरओ का निर्देश मिलते ही संबधित एडीओ पंचायत व सेक्रेटरी पात्रों के घर शौचालय निर्माण के लिए गड्ढा खुदाई शुरू करा दिए हैं। माना जा रहा है कि बचे हुए पात्रों के घर शौचालय निर्माण होने के बाद जिला पूर्ण रूप से खुले में शौच से मुक्त हो जाएगा।
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