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आखिर कुपोषण से चली गई मासूम की जान
Updated Sat, 06 Oct 2018 01:08 AM IST
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मंझनपुर। मुख्यालय के करीब समदा स्थित कांशीराम कॉलोनी में शुक्रवार भोर में कुपोषण से एक मासूम की मौत हो गई। बच्चे को आंगनबाड़ी केंद्र से एनआरसी (जिला अस्पताल भेजा) भेजा गया था। घटना से पीड़ित परिवार में कोहराम है।
कॉलोनी के बी ब्लाक में रहने वाला परमेश मजदूूरी करता है। परमेश का करीब चार वर्षीय बेटा कुलदीप दो साल से कुपोषण से पीड़ित था। कुलदीप घर के सामने स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में पंजीकृत था। कार्यकर्ता पुष्पा ने उसे कुपोषण की पुष्टि करते हुए पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराने की सलाह दी थी। इसके बाद भी परिवार के लोग बच्चे को भर्ती कराने के लिए राजी नहीं थे। घरवाले कुलदीप का झाड़-फूंक करा रहे थे। उन लोगों का मानना था कि बच्चे को सूखा हुआ है। बीमारी से जूझते हुए गुरुवार देर रात कुलदीप की मौत हो गई। वहीं डीपीओ राकेश मिश्र का कहना है कि कुपोषण से बच्चे की मौत के बारे में जानकारी नहीं है। अगर किसी बच्चे की मौत कुपोषण से हुई है तो मामले की जांच कराई जाएगी। अगर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
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कॉलोनी के बी ब्लाक में रहने वाला परमेश मजदूूरी करता है। परमेश का करीब चार वर्षीय बेटा कुलदीप दो साल से कुपोषण से पीड़ित था। कुलदीप घर के सामने स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में पंजीकृत था। कार्यकर्ता पुष्पा ने उसे कुपोषण की पुष्टि करते हुए पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराने की सलाह दी थी। इसके बाद भी परिवार के लोग बच्चे को भर्ती कराने के लिए राजी नहीं थे। घरवाले कुलदीप का झाड़-फूंक करा रहे थे। उन लोगों का मानना था कि बच्चे को सूखा हुआ है। बीमारी से जूझते हुए गुरुवार देर रात कुलदीप की मौत हो गई। वहीं डीपीओ राकेश मिश्र का कहना है कि कुपोषण से बच्चे की मौत के बारे में जानकारी नहीं है। अगर किसी बच्चे की मौत कुपोषण से हुई है तो मामले की जांच कराई जाएगी। अगर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
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