{"_id":"5b917b31867a557ed33fb918","slug":"131536260913-kaushambi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एससी-एसटी बिल के खिलाफ सड़क पर दिखा ‘सवर्ण-ओबीसी’ गठबंधन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एससी-एसटी बिल के खिलाफ सड़क पर दिखा ‘सवर्ण-ओबीसी’ गठबंधन
Updated Fri, 07 Sep 2018 12:38 AM IST
विज्ञापन
मंझनपुर। एससी-एसटी बिल के खिलाफ गुरुवार को ‘सवर्ण-ओबीसी’ महागठबंधन सड़क पर उतर आया। केंद्र सरकार के खिलाफ लोगों ने जमकर नारेबाजी करते हुए बाजार बंद कराया। बाजार बंद कराने को लेकर कई जगह नोकझोंक भी हुई। प्रदर्शनकारियों के गुस्से को देख पुलिस भी किसी को रोकने की हिम्मत नहीं जुटा सकी।
मंझनपुर में बंद की अगुवाई कचहरी के अधिवक्ताओं ने की। कचहरी के 48 खंभा परिसर में आम सभा के बाद अधिवक्ता सड़क पर उतरे। वकीलों ने नारेबाजी करते हुए मुख्यालय की दुकानों के शटर गिरवा दिए। मंझनपुर कोतवाली के सामने रामबाबू केसरवानी अपनी दुकान बंद नहीं कर रहे थे। इसे लेकर अधिवक्ताओं से उनकी बहस भी हुई। हालांकि इस दौरान मामला न बिगड़े पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए दुकान को बंद कराया। नाराज अधिवक्ता मंझनपुर चौराहे पर जाम लगाने का प्रयास कर रहे थे, तभी मौके पर पहुंचे सीओ सदर एसएन पाठक ने समझाबुझाकर उन्हें वापस किया। अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का भी बहिष्कार कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम अनिल चतुर्वेदी को सौंपा। इस मौके पर संगठन के जिलाध्यक्ष नर नरायण मिश्र, लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, सुरेंद्र कुमार, अंकुर शुक्ला, तुषार तिवारी, अशोक मिश्रा, मानसिंह, जमीर अली सहित तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे। ओसा चौराहे पर सपा नेता भइयालाल त्रिपाठी की अगुवाई में दुकानों को बंद कराया गया। यहां पर भी एक दुकानदार ने बंद समर्थकों का विरोध किया तो मारपीट हो गई। पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया।
भाजयुमो के मंडल अध्यक्ष ने की बंद की अगुवाई
बारा (ब्यूरो)। विजिया बाजार में भी भारतीय जनता युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष योगेंद्र त्रिपाठी के नेतृत्व में जुटे व्यापारी और प्रधानों ने जुलूस निकाल कर बाजार बंद कराया। वक्ताओं ने कहा एससी-एसटी बिल को लेकर केंद्र सरकार ने नया संशोधन करके सवर्ण और ओबीसी की भावनाओं को आहत करने का काम किया है। इस मौके पर जगत अग्रहरि, पिंटू अग्रहरि, अजय, अरविंद, अमर सिंह, अतीक अहमद, बबलू सिंह, मो. सैयद आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
सरायअकिल में रहे कर्फ्यू सरीखे हालात
सरायअकिल। बिल के विरोध में सरायअकिल कस्बे में कफ्यू जैसे हालात रहे। व्यापारियों ने अपनी स्वेच्छा से दुकानों का ताला तक नहीं खोला। कारोबारी एकजुट होकर पूरे नगर में घूमे और जो दुकानें खुलीं भी उन्हें बंद कराया। इस मौके पर लक्ष्मी कांत त्रिपाठी, शिवसागर भार्गव, शैलेंद्र त्रिपाठी,अशोक पांडेय, गुड्डू दुबे, रामशंकर तिवारी, मुन्ना आदि मौजूद रहे।
चरवा में नेताओं को भेंट की गईं चूड़ियां
चरवा। चरवा बाजार में भी बिल का तगड़ा विरोध हुआ। सवर्ण और ओबीसी के लोग एक मंच पर जुटे। लोगों ने जुलूस निकाल कर दुकानों में तालाबंदी कराई। इसके बाद राजनीतिक पार्टियों के दफ्तर के सामने प्रदर्शन किया गया। चरवा चौराहे पर एससी-एसटी बिल का पुतला फूंका गया। युवाओं की टोली ने राजनीतिक दलों के नेताओं को चूड़ियां भेंट की।
पश्चिमशरीरा में दिखा मिलाजुला असर
पश्चिमशरीरा। इलाके में भारत बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला। कुम्हियावां में लाला सिंह व उदय सिंह की अगुवाई में बाजार बंद कराया गया। पूरबशरीरा व पश्चिमशरीरा में अनिरुद्ध त्रिपाठी, गंगे महराज, जेडी गर्ग के नेतृत्व में बाजार बंद कराया गया। इसी तरह से क्षेत्र के बैरमपुर,गोराजू, चंपहा में बंद का आंशिक असर दिखा।
कड़ा और देवीगंज में भी बंदी का रहा असर
मंझनपुर। शीतला धाम कड़ा और देवीगंज बाजार में भारत बंद की कमान युवाओं की टीम ने संभाला था। हम सवर्ण-ओबीसी के लोगों ने ठाना है, एससी-एसटी बिल हटाना है, जैसे स्लोगन लिखे तख्तियों को लेकर जुलूस निकाला गया।
सिराथू के वकीलों ने भी भारत बंद का दिया साथ
सिराथू (ब्यूरो)। भारत बंद के सर्मथन में सिराथू तहसील के अधिवक्ता भी मैदान में उतरे। वकीलों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को दिया। अधिवक्ता संघ अध्यक्ष बसंत सिंह ने कहा सुप्रीम कोर्ट में अनुसूचित जाति, जनजाति के मामलों में जांच के बाद कार्रवाई करने को कहा था। इस पर केंद्र सरकार ने कैबिनेट में सीधी कार्रवाई का बिल पास करा दिया। अधिवक्ता संघ इसका विरोध करता है। इस मौके पर रामनरेश सिंह, सत्यदेव, ओंकारनाथ, लक्ष्मीकांत आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन
मंझनपुर में बंद की अगुवाई कचहरी के अधिवक्ताओं ने की। कचहरी के 48 खंभा परिसर में आम सभा के बाद अधिवक्ता सड़क पर उतरे। वकीलों ने नारेबाजी करते हुए मुख्यालय की दुकानों के शटर गिरवा दिए। मंझनपुर कोतवाली के सामने रामबाबू केसरवानी अपनी दुकान बंद नहीं कर रहे थे। इसे लेकर अधिवक्ताओं से उनकी बहस भी हुई। हालांकि इस दौरान मामला न बिगड़े पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए दुकान को बंद कराया। नाराज अधिवक्ता मंझनपुर चौराहे पर जाम लगाने का प्रयास कर रहे थे, तभी मौके पर पहुंचे सीओ सदर एसएन पाठक ने समझाबुझाकर उन्हें वापस किया। अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का भी बहिष्कार कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम अनिल चतुर्वेदी को सौंपा। इस मौके पर संगठन के जिलाध्यक्ष नर नरायण मिश्र, लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, सुरेंद्र कुमार, अंकुर शुक्ला, तुषार तिवारी, अशोक मिश्रा, मानसिंह, जमीर अली सहित तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे। ओसा चौराहे पर सपा नेता भइयालाल त्रिपाठी की अगुवाई में दुकानों को बंद कराया गया। यहां पर भी एक दुकानदार ने बंद समर्थकों का विरोध किया तो मारपीट हो गई। पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया।
विज्ञापन
भाजयुमो के मंडल अध्यक्ष ने की बंद की अगुवाई
बारा (ब्यूरो)। विजिया बाजार में भी भारतीय जनता युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष योगेंद्र त्रिपाठी के नेतृत्व में जुटे व्यापारी और प्रधानों ने जुलूस निकाल कर बाजार बंद कराया। वक्ताओं ने कहा एससी-एसटी बिल को लेकर केंद्र सरकार ने नया संशोधन करके सवर्ण और ओबीसी की भावनाओं को आहत करने का काम किया है। इस मौके पर जगत अग्रहरि, पिंटू अग्रहरि, अजय, अरविंद, अमर सिंह, अतीक अहमद, बबलू सिंह, मो. सैयद आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
सरायअकिल में रहे कर्फ्यू सरीखे हालात
सरायअकिल। बिल के विरोध में सरायअकिल कस्बे में कफ्यू जैसे हालात रहे। व्यापारियों ने अपनी स्वेच्छा से दुकानों का ताला तक नहीं खोला। कारोबारी एकजुट होकर पूरे नगर में घूमे और जो दुकानें खुलीं भी उन्हें बंद कराया। इस मौके पर लक्ष्मी कांत त्रिपाठी, शिवसागर भार्गव, शैलेंद्र त्रिपाठी,अशोक पांडेय, गुड्डू दुबे, रामशंकर तिवारी, मुन्ना आदि मौजूद रहे।
चरवा में नेताओं को भेंट की गईं चूड़ियां
चरवा। चरवा बाजार में भी बिल का तगड़ा विरोध हुआ। सवर्ण और ओबीसी के लोग एक मंच पर जुटे। लोगों ने जुलूस निकाल कर दुकानों में तालाबंदी कराई। इसके बाद राजनीतिक पार्टियों के दफ्तर के सामने प्रदर्शन किया गया। चरवा चौराहे पर एससी-एसटी बिल का पुतला फूंका गया। युवाओं की टोली ने राजनीतिक दलों के नेताओं को चूड़ियां भेंट की।
पश्चिमशरीरा में दिखा मिलाजुला असर
पश्चिमशरीरा। इलाके में भारत बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला। कुम्हियावां में लाला सिंह व उदय सिंह की अगुवाई में बाजार बंद कराया गया। पूरबशरीरा व पश्चिमशरीरा में अनिरुद्ध त्रिपाठी, गंगे महराज, जेडी गर्ग के नेतृत्व में बाजार बंद कराया गया। इसी तरह से क्षेत्र के बैरमपुर,गोराजू, चंपहा में बंद का आंशिक असर दिखा।
कड़ा और देवीगंज में भी बंदी का रहा असर
मंझनपुर। शीतला धाम कड़ा और देवीगंज बाजार में भारत बंद की कमान युवाओं की टीम ने संभाला था। हम सवर्ण-ओबीसी के लोगों ने ठाना है, एससी-एसटी बिल हटाना है, जैसे स्लोगन लिखे तख्तियों को लेकर जुलूस निकाला गया।
सिराथू के वकीलों ने भी भारत बंद का दिया साथ
सिराथू (ब्यूरो)। भारत बंद के सर्मथन में सिराथू तहसील के अधिवक्ता भी मैदान में उतरे। वकीलों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को दिया। अधिवक्ता संघ अध्यक्ष बसंत सिंह ने कहा सुप्रीम कोर्ट में अनुसूचित जाति, जनजाति के मामलों में जांच के बाद कार्रवाई करने को कहा था। इस पर केंद्र सरकार ने कैबिनेट में सीधी कार्रवाई का बिल पास करा दिया। अधिवक्ता संघ इसका विरोध करता है। इस मौके पर रामनरेश सिंह, सत्यदेव, ओंकारनाथ, लक्ष्मीकांत आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।