फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   पत्नी को चार माह मायके भेजने को दिव्यांग विवश

पत्नी को चार माह मायके भेजने को दिव्यांग विवश

Thu, 30 Aug 2018 12:57 AM IST
Updated Thu, 30 Aug 2018 12:57 AM IST
विज्ञापन
पत्नी को चार माह मायके भेजने को दिव्यांग विवश
बारा। बरसात के मौसम में दिव्यांग गोविंद को चार महीने पत्नी से अलग रहना पड़ता है। यह कोई बाध्यता नहीं बल्कि मजबूरी है। खुद के सिर छिपाने का ठिकाना नहीं होने के कारण गोविंद के सामने पत्नी को मायके भेजने की मजबूरी होती है।
विज्ञापन


कौशाम्बी विकास खंड के छोटा गढ़वा मजरा कोसम खिराज गांव निवासी गोविंद निषाद पैर से दिव्यांग है। गोविंद की पत्नी सविता देवी मूक बधिर है। गोविंद के पास सिर छिपाने का ठिकाना नहीं है। वह कच्ची मिट्टी की दीवार खड़ी करके उस पर पॉलीथिन डाले हुए है। बरसात में सबसे ज्यादा समस्या घर के अंदर जलभराव की हो जाती है। मजबूरी में गोविंद अपनी पत्नी को ससुराल चित्रकूट जिले के मैदाना गांव भेज देता है। चार महीने मायके में बिताने के बाद ही पत्नी घर आती है। गोविंद को न तो प्रधानमंत्री आवास मिला और न ही शौचालय, पात्र गृहस्थी योजना का राशन कार्ड तक नहीं बनाया जा सका। गोविंद की पत्नी सविता मजदूरी करती है।
विज्ञापन


इससे जो पैसा मिलता है, उसी से घर का खर्च चलता है। बरसात के दौरान सविता के मायके चले जाने से गोविंद के सामने भोजन का भी संकट खड़ा हो जाता है। बताया जाता है कि गोविंद के चार भाई हैं। उसके पिता के हिस्से में एक बीघे जमीन है। गोविंद के हिस्से में पांच बिस्वा जमीन आई है, लेकिन बंजर होने से उस पर खेती नहीं की जा सकती।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed