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सातवें दिन भी कोहरे की चादर से ढका रहा दोआबा

Sat, 06 Jan 2018 12:41 AM IST
Updated Sat, 06 Jan 2018 12:41 AM IST
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सातवें दिन भी कोहरे की चादर से ढका रहा दोआबा
कोहरे से नहीं मिली निजात, ठंड से सब रहे कांप
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शीतलहर में नाकाम साबित हो रहे अलाव और रजाई, गलन से बाजारों में पसरा रहा सन्नाटा
फोटो नं-12 से 16 तक
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। मौसम के बिगड़े मिजाज से सातवें दिन भी जिला कोहरे की चादर से ढंका रहा। गुरुवार शाम पांच बजे से ही सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया था। शुक्रवार सुबह स्थिति और भयावह हो गई। ऐसे में लोगों को दिन में वाहनों की लाइट जलाकर सफर करना पड़ा। घरों में बैठे लोगों को अलाव व रजाई से भी राहत नहीं मिल रही थी। लोग एक तरफ बदन को सेंकते तो दूसरी ओर बर्फ चिपकने का एहसास हो रहा था। दिन भर धुंध छाए रहने से सड़कों, बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा।
शीतलहर के साथ पड़ रही कड़ाके की ठंड के साथ कोहरे का सितम दोआबा में सप्ताह भर से जारी है। गुरुवार दोपहर धूप खिलने पर लोगों ने थोड़ी राहत महसूस की पर शाम के पांच बजते ही जिला कोहरे की चादर से ढंक गया। रात में मुख्यालय सहित रास्तों में फंसे लोगों का घर पहुंचना मुश्किल हो रहा था। शुक्रवार सुबह स्थिति और भयावह हो गई। दोपहर के 12 बजे तक सड़क पर तीन मीटर दूरी पर कुछ नजर नहीं आ रहा था। ऐसे में समय से कार्यालय पहुंचने व जरूरी काम से निकलने वाले लोगों की फजीहत रही। लोग अपने-अपने वाहनों की लाइट जलाकर आधे घंटे के सफर को सवा से डेढ़ घंटे में तय करते नजर आए। घने कोहरे व कड़ाके की ठंड के चलते बाजारों व सड़कों पर सन्नाटा छाया रहा। शुक्रवार को भगवान भाष्कर के दर्शन नहीं होने से लोग दिन भर घरों में अलाव व रजाई के सहारे दुबके नजर आए। सबसे बुरा हाल तो बस व ट्रेन से सफर करने वाले मुसाफिरों का रहा। ठंड से बचने के लिए रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों पर अलाव का इंतजाम नहीं होने से लोग थर-थर कांपते नजर आए।
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ऐन वक्त पर दगा दे रही बिजली
कोहरे के दौरान फसलों पर पाला लगने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में खेतों की सिंचाई करते हुए नमी के सहारे कोहरे और पाले के प्रभाव को कम किया जा सकता है। नलकूप के सहारे खेती करने वाले किसानों ने अपने खेतों में बोई गई फसलों की सिंचाई शुरू कर दी है। सिंचाई के ऐन वक्त पर बिजली भी किसानों को दगा देने लगी है। बानगी के तौर पर सरायअकिल उपकेंद्र के मंझनपुर फीडर को लिया जा सकता है। इस फीडर से जुड़े 24 गांवों में गुरुवार रात आठ बजे से आपूर्ति ठप रही। किसान नलकूपों पर रात भर बिजली आने का इंतजार करते रहे पर आपूर्ति शुक्रवार दोपहर 11 बजे तक नहीं हो पाई। यह हाल जिले के लगभग सभी ग्रामीण फीडरों का है। विभागीय जिम्मेदारों का कहना है कि ओस और कोहरा के चलते फाल्ट आने से यह समस्या उत्पन्न हो रही है।
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कम नहीं हो रहा आलू की फसल का संकट
हफ्ते भर से लगातार पड़ रहा घना कोहरा आलू की फसलों के लिए संकट बन चुका है। शाम होते ही कोहरे की बूंदे बर्फ की तरह आलू की पत्तियों पर लिपट जाती हैं। इसके पश्चात दोपहर 12 बजे के बाद ही पेड़ों से गिरती हैं। इससे आलू की पछेती फसलों पर झुलसा रोग का प्रकोप तेज होने लगा है। जिन किसानों की फसलों पर झुलसा का असर होने लगा है उन किसानों ने मैंकोजेब आदि का छिड़काव शुरू कर दिया है। इसके बाद भी झुलसा से निजात मिलती नहीं दिख रही है। जानकारों का कहना है कि कोहरा जल्द नहीं थमा तो आलू सहित सरसों व अरहर की फसलों की पैदावार प्रभावित होना तय है।
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