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सरायअकिल उपकेंद्र: 90 घंटे से 50 गांवों की बती गुल
Updated Sat, 07 Oct 2017 12:15 AM IST
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सरायअकिल के 50 गांवों में चार दिन से अंधेरा
-चीफ के दबाव बनाने पर 72 घंटे बाद नैनी से मिली सीटी
इंजीनियर के अभाव में संविदा लाइनमैनों से काम करा रहे जेई
अमर उजाला ब्यूरो
सरायअकिल।
स्थानीय विद्युत उपकेंद्र की सी.टी. ब्रस्ट होने से इलाके के 50 गांवों व उनके मजरों के उपभोक्ता चार दिन से बगैर बिजली के जी रहे हैं। ठप बिजली आपूर्ति को देखते हुए उपभोक्ताओं ने अधिकारियों पर दबाव बनाया तो गुरुवार शाम नैनी से सीटी मंगाई गई। सामान मिलने के 24 घंटे बाद भी इंजीनियर के न आने से विद्युत आपूति नहीं बहाल हो सकी। बिजली न मिलने से उपभोक्ताओं का हाल बेहाल है।
सरायअकिल उपकेंद्र में लगी सी.टी. मंगलवार को ब्रस्ट हो गई। सी टी के ब्रस्ट होने के बाद उपकेंद्र से जुड़े गांवों की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से चरमरा गई। पहले दिन तो उपभोक्ताओं को इसकी जानकारी ही नहीं हो सकी। दूसरे दिन दोपहर तक बिजली न मिलने पर उपभोक्ताओं ने उपकेंद्र के एसएसओ व जेई को फोन लगाना शुरू किया। इस दौरान जिम्मेदार बताते रहे कि सी.टी. जिले में उपलब्ध नहीं है। उच्चाधिकारियों को बता दिया गया है। इसके बाद बृहस्पतिवार की सुबह तक जिम्मेदार सी.टी. का इंतजाम नहीं कर सके। उपभोक्ताओं ने एक्सईएन से लेकर चीफ तक जब दबाव बनाया तो उनकी नींद टूटी। किसी तरह गुरुवार की शाम नैनी के स्टोर से सी.टी. का इंतजाम कराया गया। शुक्रवार की सुबह तक जब उपकेंद्र में एक भी मैकेनिक नहीं पहुंचे तो जेई सौरभ मौर्य ने संविदा लाइनमैन के सहारे फिटिंग शुरू कराई और तीन बजे तक कोई सफलता नहीं मिल सकी थी। उधर चार दिन से ठप बिजली आपूर्ति को लेकर इलाके के उपभोक्ताओं का हाल बेहाल है।
इनसेट
पेयजल के लिए मचा हाहाकार
सरायअकिल उपकेंद्र की सी.टी. खराब होने के कारण बिजली आपूर्ति ठप है। बिजली के अभाव में इलाके की पेयजल व्यवस्था भी पूरी तरह से चरमरा गई है। हैंडपम्पों में डाले गए सबमर्सिबल पंप के न चलने से ग्रामीणों में पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। उधर जिम्मेदार हैं कि ठप बिजली आपूर्ति को लेकर पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए हैं।
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साल भर से काम नहीं कर रही ट्रिपिंग
सरायअकिल उपकेंद्र की ट्रिपिंग वर्ष भर से काम नहीं कर रही है। इसके चलते लाइन में फाल्ट आने पर आपूर्ति ब्रेक डाउन नहीं होती। नतीजा यह रहता है कि लाइन के तार आए दिन टूटकर गिरते हैं। तारों के टूटकर गिरने के बाद संबंधित इलाके की आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो जाती है। जेई सौरभ मौर्य ट्रिपिंग को लेकर कई बार उच्चाधिकारियों को पत्राचार कर चुके हैं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही। महकमे के अधिकारियों की मनमानी का दंश इलाके के उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
मैं अभी नया हूं, सामान का चार्ज मेरे पास नहीं है। मामले में एसडीओ से जानकारी करते हुए समस्या का निदान कराया जाएगा। सी.टी. नैनी से मंगवा कर लगवाई जा रही है। संभवत: शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल करा दी जाएगी।
मेघ सिंह, एक्सईएन चायल
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-चीफ के दबाव बनाने पर 72 घंटे बाद नैनी से मिली सीटी
इंजीनियर के अभाव में संविदा लाइनमैनों से काम करा रहे जेई
अमर उजाला ब्यूरो
सरायअकिल।
स्थानीय विद्युत उपकेंद्र की सी.टी. ब्रस्ट होने से इलाके के 50 गांवों व उनके मजरों के उपभोक्ता चार दिन से बगैर बिजली के जी रहे हैं। ठप बिजली आपूर्ति को देखते हुए उपभोक्ताओं ने अधिकारियों पर दबाव बनाया तो गुरुवार शाम नैनी से सीटी मंगाई गई। सामान मिलने के 24 घंटे बाद भी इंजीनियर के न आने से विद्युत आपूति नहीं बहाल हो सकी। बिजली न मिलने से उपभोक्ताओं का हाल बेहाल है।
सरायअकिल उपकेंद्र में लगी सी.टी. मंगलवार को ब्रस्ट हो गई। सी टी के ब्रस्ट होने के बाद उपकेंद्र से जुड़े गांवों की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से चरमरा गई। पहले दिन तो उपभोक्ताओं को इसकी जानकारी ही नहीं हो सकी। दूसरे दिन दोपहर तक बिजली न मिलने पर उपभोक्ताओं ने उपकेंद्र के एसएसओ व जेई को फोन लगाना शुरू किया। इस दौरान जिम्मेदार बताते रहे कि सी.टी. जिले में उपलब्ध नहीं है। उच्चाधिकारियों को बता दिया गया है। इसके बाद बृहस्पतिवार की सुबह तक जिम्मेदार सी.टी. का इंतजाम नहीं कर सके। उपभोक्ताओं ने एक्सईएन से लेकर चीफ तक जब दबाव बनाया तो उनकी नींद टूटी। किसी तरह गुरुवार की शाम नैनी के स्टोर से सी.टी. का इंतजाम कराया गया। शुक्रवार की सुबह तक जब उपकेंद्र में एक भी मैकेनिक नहीं पहुंचे तो जेई सौरभ मौर्य ने संविदा लाइनमैन के सहारे फिटिंग शुरू कराई और तीन बजे तक कोई सफलता नहीं मिल सकी थी। उधर चार दिन से ठप बिजली आपूर्ति को लेकर इलाके के उपभोक्ताओं का हाल बेहाल है।
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पेयजल के लिए मचा हाहाकार
सरायअकिल उपकेंद्र की सी.टी. खराब होने के कारण बिजली आपूर्ति ठप है। बिजली के अभाव में इलाके की पेयजल व्यवस्था भी पूरी तरह से चरमरा गई है। हैंडपम्पों में डाले गए सबमर्सिबल पंप के न चलने से ग्रामीणों में पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। उधर जिम्मेदार हैं कि ठप बिजली आपूर्ति को लेकर पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए हैं।
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साल भर से काम नहीं कर रही ट्रिपिंग
सरायअकिल उपकेंद्र की ट्रिपिंग वर्ष भर से काम नहीं कर रही है। इसके चलते लाइन में फाल्ट आने पर आपूर्ति ब्रेक डाउन नहीं होती। नतीजा यह रहता है कि लाइन के तार आए दिन टूटकर गिरते हैं। तारों के टूटकर गिरने के बाद संबंधित इलाके की आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो जाती है। जेई सौरभ मौर्य ट्रिपिंग को लेकर कई बार उच्चाधिकारियों को पत्राचार कर चुके हैं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही। महकमे के अधिकारियों की मनमानी का दंश इलाके के उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
मैं अभी नया हूं, सामान का चार्ज मेरे पास नहीं है। मामले में एसडीओ से जानकारी करते हुए समस्या का निदान कराया जाएगा। सी.टी. नैनी से मंगवा कर लगवाई जा रही है। संभवत: शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल करा दी जाएगी।
मेघ सिंह, एक्सईएन चायल