{"_id":"59ac53b14f1c1b10278b4fe6","slug":"11504465841-kaushambi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन हजार किसानों का माफ हुआ 53 करोड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन हजार किसानों का माफ हुआ 53 करोड़
Updated Mon, 04 Sep 2017 12:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीन हजार किसानों का 53 करोड़ कर्ज माफ
किसानों की सूची जारी, लेखपालों ने शुरू किया सत्यापन
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
बैंकों से लोन लेने वाले तीन हजार किसानों का 53 करोड़ का कर्ज माफ कर दिया गया है। पहले चरण 33 हजार किसानों में से तीन हजार किसानों का चयन किया गया है। इनकी सूची जारी कर दी गई है। इसी हफ्ते इनको प्रमाण पत्र दिया जाएगा। इसके लिए किसानों का लेखपालों ने सत्यापन शुरू कर दिया गया है।
बीजेपी सरकार ने वादा किया था सरकार बनने पर वह किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा। इसके तहत जिले के 33 हजार किसानों का चयन किया गया। पहले चरण में तीन हजार किसानों का चयन किया गया है। इन किसानों पर 53 करोड़ 46 लाख रुपया का कर्ज था। तीन हजार किसानों का कर्ज माफ करने के बाद सरकार ने सूची जारी कर दी है। यह सूची तहसीलवार जारी की गई है। तहसील प्रशासन को सूची मिल चुकी है। अब लेखपाल सूची में शामिल किसानों का सत्यापन कर रहे हैं। पहली सूची में शामिल होने वाल किसानों को जैसे ही इसका पता चला, उनकी बांछें खिल गईं। कर्ज माफ होने से किसान गदगद हैं। वह सरकार के इस फैसले से बहुत खुश हैं। इनमें तमाम ऐसे किसान हैं, जिनको अबकी बार आलू की फसल में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ था। आलू बोने वाले किसानों का कहना है कि सरकार ने कर्ज माफ करके उनको बड़ी राहत दी है।
मांगा जा रहा आधार कार्ड व हलफनामा
कर्जमाफी के दायरे में आए किसानों का सत्यापन लेखपाल कर रहे हैं। वह घर-घर जाकर तस्दीक कर रहे हैं कि किसान संबंधित गांव का रहने वाला है या नहीं। इसके अलावा किसानों का आधारकार्ड मांगा जा रहा है, साथ ही एक हलफनामा भी लिया जा रहा है। इसके लिए किसानों को दो दिन का समय दिया गया है।
विज्ञापन
प्रभारी मंत्री देंगे प्रमाण पत्र
प्रभारी मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी आठ सितंबर को कर्ज माफी के तहत तीन हजार किसानों को ऋण मोचन का प्रमाण पत्र जारी करेंगे। यही कारण है कि तहसील प्रशासन ने एक दम से जोर लगा दिया है कि किसानों की सारी औपचारिकताएं पूरी हो जाएं।
विज्ञापन
किसानों की सूची जारी, लेखपालों ने शुरू किया सत्यापन
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
बैंकों से लोन लेने वाले तीन हजार किसानों का 53 करोड़ का कर्ज माफ कर दिया गया है। पहले चरण 33 हजार किसानों में से तीन हजार किसानों का चयन किया गया है। इनकी सूची जारी कर दी गई है। इसी हफ्ते इनको प्रमाण पत्र दिया जाएगा। इसके लिए किसानों का लेखपालों ने सत्यापन शुरू कर दिया गया है।
बीजेपी सरकार ने वादा किया था सरकार बनने पर वह किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा। इसके तहत जिले के 33 हजार किसानों का चयन किया गया। पहले चरण में तीन हजार किसानों का चयन किया गया है। इन किसानों पर 53 करोड़ 46 लाख रुपया का कर्ज था। तीन हजार किसानों का कर्ज माफ करने के बाद सरकार ने सूची जारी कर दी है। यह सूची तहसीलवार जारी की गई है। तहसील प्रशासन को सूची मिल चुकी है। अब लेखपाल सूची में शामिल किसानों का सत्यापन कर रहे हैं। पहली सूची में शामिल होने वाल किसानों को जैसे ही इसका पता चला, उनकी बांछें खिल गईं। कर्ज माफ होने से किसान गदगद हैं। वह सरकार के इस फैसले से बहुत खुश हैं। इनमें तमाम ऐसे किसान हैं, जिनको अबकी बार आलू की फसल में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ था। आलू बोने वाले किसानों का कहना है कि सरकार ने कर्ज माफ करके उनको बड़ी राहत दी है।
विज्ञापन
मांगा जा रहा आधार कार्ड व हलफनामा
कर्जमाफी के दायरे में आए किसानों का सत्यापन लेखपाल कर रहे हैं। वह घर-घर जाकर तस्दीक कर रहे हैं कि किसान संबंधित गांव का रहने वाला है या नहीं। इसके अलावा किसानों का आधारकार्ड मांगा जा रहा है, साथ ही एक हलफनामा भी लिया जा रहा है। इसके लिए किसानों को दो दिन का समय दिया गया है।
विज्ञापन
प्रभारी मंत्री देंगे प्रमाण पत्र
प्रभारी मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी आठ सितंबर को कर्ज माफी के तहत तीन हजार किसानों को ऋण मोचन का प्रमाण पत्र जारी करेंगे। यही कारण है कि तहसील प्रशासन ने एक दम से जोर लगा दिया है कि किसानों की सारी औपचारिकताएं पूरी हो जाएं।