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एनओसी के बाद भी बालू खनन से पीछे हट रहे पट्टाधारक
Updated Tue, 04 Dec 2018 06:31 PM IST
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एनओसी के बाद भी बालू खनन से पीछे हट रहे पट्टाधारक
यमुना बालू घाटों की हकीकत खंगालने आए भू-वैज्ञानिक
पट्टाधारकों से की वार्ता, घाट चालू कराने का दिया निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। जिले में आधा दर्जन बालू घाटों की एनओसी दस दिन पहले आ गई। इसके बावजूद पट्टाधारकों ने खनन नहीं शुरू किया। घाटों पर बालू खनन नहीं होने को लेकर खनन डायरेक्टर डॉ. रोशन जैकब ने भू-वैज्ञानिक को हकीकत खंगालने के लिए भेजा है। मंगलवार को आए भू-वैज्ञानिक ने पट्टाधारकों से उनकी समस्या सुन घाटों पर खनन शुरू करने का निर्देश दिया।
जिले में लगभग 20 यमुना बालू घाटों का पट्टा स्वीकृत हो चुका है। इनमें से छेकवा, भकंदा, दिया, कटैया, पभोषा, महेवाघाट, दलेलागंज बालू घाटों पर खनन शुरू हो चुका है। बाकी के छह घाटों के पट्टेधारक पर्यावरण एनओसी लाने के बाद खनन की प्रक्रिया शुरू नहीं कर रहे हैं। इनमें डेढ़ावल के खंड संख्या 5-6, 11-12, महेवाघाट का 22-23, दलेलागंज का 45-46, 43-44, व कटैया का 17-18 शामिल हैं। डायरेक्टर खनन ने खान निरीक्षक राजरंजन को बार-बार इन घाटों का संचालन कराने का निर्देश दिया। पट्टाधारकों पर जब घाट संचालन का दबाव बनाया गया तो उन्होंने रॉयल्टी का रोना रोते हुए हाथ खड़े कर लिए। मामले की असलियत खंगालने के लिए डायरेक्टर मंगलवार को भू-वैज्ञानिक ए.सी. शुक्ला को जिले में भेजा। भू-वैज्ञानिक ने एनओसी लाने वाले पट्टेधारकों व उनके प्रतिनिधियों से वार्ता की। पट्टेधारकों ने भू-वैज्ञानिक के समक्ष अपनी शर्त रखा कि जिस दिन से खनन शुरू करें उस दिन से उनसे रॉयल्टी की अगली किस्त ली जाय। पर शासकीय नियमों में इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण पट्टेधारकों और भू-वैज्ञानिक के बीच बात नहीं बन सकी। इस दौरान खान निरीक्षक के अलावा पट्टेधारक केशरी नंदन सिंह, नीलम सिंह के प्रतिनिधि, साईं एसोसिएट्स के प्रतिनिधि समेत छह पट्टेधारक मौजूद रहे।
पाइप लाइन फटने से रास्ते में जलभराव
मंझनपुर (ब्यूरो)। नगर पालिका परिषद भरवारी के वार्ड तीन में पेयजल पाइप लाइन फट गई है। इससे वार्ड के रास्ते में जलभराव हो गया है। आवागमन में हो रही परेशानी की शिकातय पर अधिशाषी अधिकारी ने जल्द ही पाइप लाइन दुरुस्त कराने का आश्वासन दिया है।
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नगर पंचायत वार्ड तीन से गुजरी पेयजल पाइप लाइन दो दिन से फटी है। जलापूर्ति के दौरान फटी पाइपलाइन से निकल रहा पानी वार्ड की गलियों में भर जाता है। इससे लोगों को आने-जाने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा जलापूर्ति बंद होने पर सड़क पर भरा गंदा पानी पाइप लाइन के सहारे लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। ऐसे में लोग प्रदूषित पानी पीने के लिए मजबूर हैं। वार्ड के पूर्व सभासद आफताब अहमद ने मामले की शिकायत ईओ गिरीश कुमार से करते हुए पाइप लाइन ठीक कराने की मांग की है।
प्राथमिक शिक्षक संघ ने किया समस्याओं पर विचार
मंझनपुर (ब्यूरो)। प्राथमिक शिक्षक संघ की बैठक जिला कार्यालय में मंगलवार को हुई। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष गिरिजेश कुशवाहा ने किया। इस मौके पर शिक्षकों की 10 समस्याओं पर बिन्दुवार विचार-विमर्श किया गया। जिलाध्यक्ष ने एक ही कैम्पस में प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के संचालन का विरोध करते हुए कहा कि इससे प्राथमिक शिक्षकों को परेशानी होगी। इसके अलावा मध्यान्न भोजन योजना के धनराशि भुगतान, रसोइया मानदेय, प्रोन्नत शिक्षकों का भुगतान प्रोन्नति तिथि से करने समेत दस समस्याओं पर संगठन के पदाधिकारियों बारी-बारी से अपनी बात रखी। बैठक में हिमांशु तिवारी, जय प्रकाश गुप्ता, रामनरेश मौर्य, सजल सिंह समेत संगठन के सभी पदाधिकारी शिक्षक मौजूद रहे।
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यमुना बालू घाटों की हकीकत खंगालने आए भू-वैज्ञानिक
पट्टाधारकों से की वार्ता, घाट चालू कराने का दिया निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। जिले में आधा दर्जन बालू घाटों की एनओसी दस दिन पहले आ गई। इसके बावजूद पट्टाधारकों ने खनन नहीं शुरू किया। घाटों पर बालू खनन नहीं होने को लेकर खनन डायरेक्टर डॉ. रोशन जैकब ने भू-वैज्ञानिक को हकीकत खंगालने के लिए भेजा है। मंगलवार को आए भू-वैज्ञानिक ने पट्टाधारकों से उनकी समस्या सुन घाटों पर खनन शुरू करने का निर्देश दिया।
जिले में लगभग 20 यमुना बालू घाटों का पट्टा स्वीकृत हो चुका है। इनमें से छेकवा, भकंदा, दिया, कटैया, पभोषा, महेवाघाट, दलेलागंज बालू घाटों पर खनन शुरू हो चुका है। बाकी के छह घाटों के पट्टेधारक पर्यावरण एनओसी लाने के बाद खनन की प्रक्रिया शुरू नहीं कर रहे हैं। इनमें डेढ़ावल के खंड संख्या 5-6, 11-12, महेवाघाट का 22-23, दलेलागंज का 45-46, 43-44, व कटैया का 17-18 शामिल हैं। डायरेक्टर खनन ने खान निरीक्षक राजरंजन को बार-बार इन घाटों का संचालन कराने का निर्देश दिया। पट्टाधारकों पर जब घाट संचालन का दबाव बनाया गया तो उन्होंने रॉयल्टी का रोना रोते हुए हाथ खड़े कर लिए। मामले की असलियत खंगालने के लिए डायरेक्टर मंगलवार को भू-वैज्ञानिक ए.सी. शुक्ला को जिले में भेजा। भू-वैज्ञानिक ने एनओसी लाने वाले पट्टेधारकों व उनके प्रतिनिधियों से वार्ता की। पट्टेधारकों ने भू-वैज्ञानिक के समक्ष अपनी शर्त रखा कि जिस दिन से खनन शुरू करें उस दिन से उनसे रॉयल्टी की अगली किस्त ली जाय। पर शासकीय नियमों में इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण पट्टेधारकों और भू-वैज्ञानिक के बीच बात नहीं बन सकी। इस दौरान खान निरीक्षक के अलावा पट्टेधारक केशरी नंदन सिंह, नीलम सिंह के प्रतिनिधि, साईं एसोसिएट्स के प्रतिनिधि समेत छह पट्टेधारक मौजूद रहे।
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पाइप लाइन फटने से रास्ते में जलभराव
मंझनपुर (ब्यूरो)। नगर पालिका परिषद भरवारी के वार्ड तीन में पेयजल पाइप लाइन फट गई है। इससे वार्ड के रास्ते में जलभराव हो गया है। आवागमन में हो रही परेशानी की शिकातय पर अधिशाषी अधिकारी ने जल्द ही पाइप लाइन दुरुस्त कराने का आश्वासन दिया है।
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नगर पंचायत वार्ड तीन से गुजरी पेयजल पाइप लाइन दो दिन से फटी है। जलापूर्ति के दौरान फटी पाइपलाइन से निकल रहा पानी वार्ड की गलियों में भर जाता है। इससे लोगों को आने-जाने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा जलापूर्ति बंद होने पर सड़क पर भरा गंदा पानी पाइप लाइन के सहारे लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। ऐसे में लोग प्रदूषित पानी पीने के लिए मजबूर हैं। वार्ड के पूर्व सभासद आफताब अहमद ने मामले की शिकायत ईओ गिरीश कुमार से करते हुए पाइप लाइन ठीक कराने की मांग की है।
प्राथमिक शिक्षक संघ ने किया समस्याओं पर विचार
मंझनपुर (ब्यूरो)। प्राथमिक शिक्षक संघ की बैठक जिला कार्यालय में मंगलवार को हुई। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष गिरिजेश कुशवाहा ने किया। इस मौके पर शिक्षकों की 10 समस्याओं पर बिन्दुवार विचार-विमर्श किया गया। जिलाध्यक्ष ने एक ही कैम्पस में प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के संचालन का विरोध करते हुए कहा कि इससे प्राथमिक शिक्षकों को परेशानी होगी। इसके अलावा मध्यान्न भोजन योजना के धनराशि भुगतान, रसोइया मानदेय, प्रोन्नत शिक्षकों का भुगतान प्रोन्नति तिथि से करने समेत दस समस्याओं पर संगठन के पदाधिकारियों बारी-बारी से अपनी बात रखी। बैठक में हिमांशु तिवारी, जय प्रकाश गुप्ता, रामनरेश मौर्य, सजल सिंह समेत संगठन के सभी पदाधिकारी शिक्षक मौजूद रहे।