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मुर्दे को ले गए जिला अस्पताल, सीएमएस की झड़प
Updated Sun, 10 Sep 2017 01:03 AM IST
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मुर्दे को लेकर पहुंच गए जिला अस्पताल, सीएमएस से की झड़प
निजी अस्पताल में हुई थी अधेड़ की मौत
पुलिस के आने पर वाहन से भेजा गया शव
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
कोतवाली के रामचरन का पुरवा के एक अधेड़ की मौत निजी अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई। शनिवार सुबह शव लेकर परिजन जिला अस्पताल पहुंचे और सीएमएस पर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने का दबाव बनाने लगे। सीएमएस ने इंकार कर दिया तो परिजनों ने नोकझोंक की। इस पर सीएमएस ने पुलिस बुला ली। पुलिस के आने के बाद मामला शांत हुआ।
मंझनपुर थाना क्षेत्र के रामचरन का पुरवा निवासी पंचम लाल (50) पुत्र राम सजीवन बाल विकास पुष्टाहार विभाग में कर्मचारी था। दो दिन पहले वह गांव छ्ुट्टी पर आया था। शुक्रवार रात अधेड़ की अचानक तबियत बिगड़ गई। आनन-फानन घर वाले उसे मंझनपुर के एक निजी अस्पताल लेकर आए। यहां इलाज के दौरान शनिवार भोर में उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने सीएमएस डॉ. दीपक सेठ पर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। सीएमएस ने इंकार कर दिया तो वे लोग झगड़ने लगे। इसको लेकर नेतागिरी शुरू हो गई। सीएमएस के साथ परिजनों ने झड़प भी की। मामला बिगड़ते देख सीएमएस ने पुलिस बुला ली। एसआई पंधारी सरोज फोर्स के साथ पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। इसके बाद परिजन लाश लेकर चले गए।
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निजी अस्पताल में हुई थी अधेड़ की मौत
पुलिस के आने पर वाहन से भेजा गया शव
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
कोतवाली के रामचरन का पुरवा के एक अधेड़ की मौत निजी अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई। शनिवार सुबह शव लेकर परिजन जिला अस्पताल पहुंचे और सीएमएस पर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने का दबाव बनाने लगे। सीएमएस ने इंकार कर दिया तो परिजनों ने नोकझोंक की। इस पर सीएमएस ने पुलिस बुला ली। पुलिस के आने के बाद मामला शांत हुआ।
मंझनपुर थाना क्षेत्र के रामचरन का पुरवा निवासी पंचम लाल (50) पुत्र राम सजीवन बाल विकास पुष्टाहार विभाग में कर्मचारी था। दो दिन पहले वह गांव छ्ुट्टी पर आया था। शुक्रवार रात अधेड़ की अचानक तबियत बिगड़ गई। आनन-फानन घर वाले उसे मंझनपुर के एक निजी अस्पताल लेकर आए। यहां इलाज के दौरान शनिवार भोर में उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने सीएमएस डॉ. दीपक सेठ पर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। सीएमएस ने इंकार कर दिया तो वे लोग झगड़ने लगे। इसको लेकर नेतागिरी शुरू हो गई। सीएमएस के साथ परिजनों ने झड़प भी की। मामला बिगड़ते देख सीएमएस ने पुलिस बुला ली। एसआई पंधारी सरोज फोर्स के साथ पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। इसके बाद परिजन लाश लेकर चले गए।
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