भाई के लिए दे दी जान: गंगा में डूब रहे किशोर को बचाने के लिए कूद पड़ीं बहनें, नाबालिग सलोनी और कोमल की मौत
बहनों ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए शिवनेश को सुरक्षित बाहर निकाल दिया, लेकिन इस दौरान वे स्वयं गहरे पानी में फंस गईं और डूबने लगीं। आसपास स्नान कर रहे सनी और जीतपाल ने दोनों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक वे पानी में समा चुकी थीं।
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यूपी के कासगंज में गंजडुंडवारा के थाना सुन्नगढ़ी क्षेत्र के गांव मुजफ्फरनगर में गंगा स्नान के दौरान भाई को बचाने के प्रयास में दो सगी बहनों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक बहनों की पहचान 16 वर्षीय सलोनी और 14 वर्षीय कोमल के रूप में हुई है।
गंगा स्नान करने गए थे तीनों बच्चे
जानकारी के अनुसार गांव निवासी इंद्रपाल कश्यप के तीन बच्चे सलोनी, कोमल और 12 वर्षीय शिवनेश गंगा स्नान करने गए थे। स्नान के दौरान शिवनेश अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। भाई को संकट में देखकर दोनों बहनें बिना अपनी परवाह किए उसे बचाने के लिए पानी में कूद पड़ीं।
भाई को तो बचा लिया पर खुद न बच सकीं
बहनों ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए शिवनेश को सुरक्षित बाहर निकाल दिया, लेकिन इस दौरान वे स्वयं गहरे पानी में फंस गईं और डूबने लगीं। आसपास स्नान कर रहे सनी और जीतपाल ने दोनों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक वे पानी में समा चुकी थीं।
कोमल मिली पर हो चुकी थी देर
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने मौके की ओर दौड़ लगा दी। ग्रामीणों ने तत्काल तलाश अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद कोमल को पानी से बाहर निकाला गया और उपचार के लिए सीएचसी सहावर भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सलोनी का भी शव मिला
वहीं बड़ी बहन सलोनी की तलाश लगातार जारी रही। सूचना पर थाना प्रभारी पवन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों, प्रशासन और राहत दल की मदद से करीब साढ़े दस बजे सलोनी का शव भी गंगा से बरामद कर लिया गया। बाद में एसडीएम, मजिस्ट्रेट और एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई की।
पिता हैं शिक्षामित्र, परिवार पर टूटा पहाड़
मृतक बहनों के पिता इंद्रपाल कश्यप गांव के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र हैं। बताया जाता है कि सलोनी जीएनएम की तैयारी कर रही थी, जबकि कोमल ने हाल ही में हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। दो बेटियों की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। भाई की जान बचाने के लिए अपनी जान न्योछावर करने वाली इन बहनों की बहादुरी और त्याग की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। जिसने भी घटना के बारे में सुना, उसकी आंखें नम हो गईं।