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Kasganj News: 14 गांठों में छिपा अनंत का रहस्य, विष्णु पूजा और गणेश विसर्जन आज
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फोटो02पंड़ित भरत राम गौड़। संवाद
कासगंज। 14 गांठों वाला अनंत सूत्र, भगवान विष्णु की पूजा और गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन अनंत चतुर्दशी पर आस्था के ये रंग एक साथ दिखाई देंगे। दस दिवसीय गणेशोत्सव का समापन भी इसी दिन होगा। श्रद्धालु भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा कर अनंत सूत्र धारण करेंगे।
ज्योतिषाचार्य पंडित भरत राम गौड़ के अनुसार, अनंत सूत्र की 14 गांठों को धार्मिक मान्यता में 14 लोकों का प्रतीक माना गया है। इसे धारण कर श्रद्धालु सुख, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं। पौराणिक मान्यता के अनुसार, वनवास के दौरान पांडवों ने भी अनंत चतुर्दशी का व्रत किया था जिसके बाद उनके कष्ट दूर हुए।
मान्यता के चलते श्रद्धालुओं के बीच इस व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार, इस दिन रवि योग, मालव्य राजयोग और बुधादित्य राजयोग का संयोग भी बन रहा है। धार्मिक दृष्टि से इन योगों को शुभ माना जाता है, जिससे पर्व का महत्व और बढ़ जाता है।
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मुहूर्त पर नजर
अनंत सूत्र बांधने का समय सुबह 6:28 बजे से रात 11:06 बजे तक
गणेश विसर्जन के लिए लाभ चौघड़िया सुबह 7:41 से 9:11
अमृत 9:11 से 10:42
शुभ चौघड़िया दोपहर 12:12 से 1:43 बजे तक
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ऐसे करें पूजा
स्नान के बाद पूजा स्थल की सफाई कर भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित करें। पीले फूल, फल, पंचामृत, धूप और दीप अर्पित कर व्रत का संकल्प लें। अनंत देव की पूजा और व्रत कथा के बाद 14 गांठ वाला सूत्र भगवान को अर्पित कर हाथ में बांधें और आरती कर प्रसाद वितरित करें।
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ज्योतिषाचार्य पंडित भरत राम गौड़ के अनुसार, अनंत सूत्र की 14 गांठों को धार्मिक मान्यता में 14 लोकों का प्रतीक माना गया है। इसे धारण कर श्रद्धालु सुख, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं। पौराणिक मान्यता के अनुसार, वनवास के दौरान पांडवों ने भी अनंत चतुर्दशी का व्रत किया था जिसके बाद उनके कष्ट दूर हुए।
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मान्यता के चलते श्रद्धालुओं के बीच इस व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार, इस दिन रवि योग, मालव्य राजयोग और बुधादित्य राजयोग का संयोग भी बन रहा है। धार्मिक दृष्टि से इन योगों को शुभ माना जाता है, जिससे पर्व का महत्व और बढ़ जाता है।
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मुहूर्त पर नजर
अनंत सूत्र बांधने का समय सुबह 6:28 बजे से रात 11:06 बजे तक
गणेश विसर्जन के लिए लाभ चौघड़िया सुबह 7:41 से 9:11
अमृत 9:11 से 10:42
शुभ चौघड़िया दोपहर 12:12 से 1:43 बजे तक
ऐसे करें पूजा
स्नान के बाद पूजा स्थल की सफाई कर भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित करें। पीले फूल, फल, पंचामृत, धूप और दीप अर्पित कर व्रत का संकल्प लें। अनंत देव की पूजा और व्रत कथा के बाद 14 गांठ वाला सूत्र भगवान को अर्पित कर हाथ में बांधें और आरती कर प्रसाद वितरित करें।