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Kasganj News: 15 दिसंबर से थम जाएगा बैंड-बाजा-बरात का शोर
Fri, 05 Dec 2025 11:59 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Updated Fri, 05 Dec 2025 11:59 PM IST
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फोटो37कासगंज में शादी समारोह के लिए सजाया गया मैरिज होम। संवाद
कासगंज। इस साल के विवाह आयोजन में अब दो ही शुभ मुहूर्त रह गए हैं। 15 दिसंबर से शुक्र अस्त होने व खरमास के चलते बैंड-बाजा- बरात का शोर लगभग दो माह के लिए थम जाएगा। इसके बाद 10 फरवरी से विवाह आयोजन शुरू होंगे।
साल का आखिरी सहालग का सीजन देवोत्थान एकादशी से शुरू हुआ था। अब यह सीजन समाप्ति है। 11 और 12 दिसंबर के दो मुहूर्त ही शेष हैं। इसके बाद शुक्र अस्त व खरमास का ग्रहण शादी समारोह सहित अन्य मांगलिक कार्यों पर लग जाएगा। लोगों को लगभग दो माह तक इंतजार करना होगा।
ज्योतिषाचार्य भरत राम गौड़ ने बताया कि धर्मशास्त्रों के मुताबिक शुक्र ग्रह का अस्त होना और सूर्य के धनु राशि में प्रवेश के साथ लगने वाला खरमास शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना जाता है। इस अवधि में शादी, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यक्रमों पर रोक रहती है।
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उन्होंने बताया कि 15 दिसंबर से विवाह आयोजन सहित अन्य मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाएगी। खरमास एक माह तक रहेगा। जबकि शुक्र का उदय 1 फरवरी को होगा। इसके बाद 10 फरवरी से ही फिर से मांगलिक कार्य शुरू होंगे।
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साल का आखिरी सहालग का सीजन देवोत्थान एकादशी से शुरू हुआ था। अब यह सीजन समाप्ति है। 11 और 12 दिसंबर के दो मुहूर्त ही शेष हैं। इसके बाद शुक्र अस्त व खरमास का ग्रहण शादी समारोह सहित अन्य मांगलिक कार्यों पर लग जाएगा। लोगों को लगभग दो माह तक इंतजार करना होगा।
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ज्योतिषाचार्य भरत राम गौड़ ने बताया कि धर्मशास्त्रों के मुताबिक शुक्र ग्रह का अस्त होना और सूर्य के धनु राशि में प्रवेश के साथ लगने वाला खरमास शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना जाता है। इस अवधि में शादी, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यक्रमों पर रोक रहती है।
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उन्होंने बताया कि 15 दिसंबर से विवाह आयोजन सहित अन्य मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाएगी। खरमास एक माह तक रहेगा। जबकि शुक्र का उदय 1 फरवरी को होगा। इसके बाद 10 फरवरी से ही फिर से मांगलिक कार्य शुरू होंगे।