{"_id":"6935be079768b12cd90444fd","slug":"the-mohanpur-canal-is-low-on-water-and-its-not-reaching-the-culvertsfarmers-are-worried-relying-on-diesel-pump-sets-and-irrigation-costs-are-increasing-kasganj-news-c-175-1-kas1001-140499-2025-12-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kasganj News: मोहनपुर रजवाहा में पानी कम, कुलाबों तक नहीं पहुंच रहा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kasganj News: मोहनपुर रजवाहा में पानी कम, कुलाबों तक नहीं पहुंच रहा
विज्ञापन
फोटो- 16
- किसान परेशान, डीजल पंपसेट के हैं सहारे, सिंचाई में आ रहा ज्यादा खर्च
संवाद न्यूज एजेंसी
कासगंज। लंबे इंतजार के बाद मोहनपुर रजवाहा में पानी तो आ गया, लेकिन मात्रा कम होने से कुलाबों तक नहीं पहुंच रहा। इससे किसान खेतों की सिंचाई करने से वंचित हो रहे हैं। सिंचाई विभाग ने नरौरा खंड से अतिरिक्त पानी की मांग की है। अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला।
इस समय खेतों में गेहूं, आलू, मटर की फसलें हैं। पानी न मिलने से किसान डीजल पंपसेट के सहारे सिंचाई के लिए मजबूर हो रहे हैं। डीजल पंप से की जाने वाली सिंचाई की लागत अधिक है। किसानों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। पांच दिन पूर्व नहर व रजवाहाें में पानी आया था। यह काफी कम था। रजवाहों में कुलाबों की ऊंचाई अधिक है। पानी इनसे नीचे है।
किसान बोले-सफाई का काम ठीक से नहीं हुआ
किसानों ने समस्या के समाधान के लिए सिंचाई विभाग से मांग उठाई है। जिला प्रशासन से भी समाधान की मांग की है। किसान फूलचंद्र का कहना है कि रजवाहा में सफाई का काम ठीक से नहीं हुआ है। इससे समस्या बनी हुई है। वहीं किसान रिषभ का कहना है कि 23 बीघा खेत में गेहूं की फसल है। रजवाहा के माध्यम से ही खेत की सिंचाई करते हैं। अब दिक्कत है।
विज्ञापन
- गंगा के नरौरा बैराज पर कमी होने के कारण कम पानी आया है। इस संबंध में नरौरा बैराज को पत्र लिखकर अतिरिक्त पानी छोड़ने की मांग की है।- एसएस गिरी, अधिशासी अभियंता सिंचाई
विज्ञापन
- किसान परेशान, डीजल पंपसेट के हैं सहारे, सिंचाई में आ रहा ज्यादा खर्च
संवाद न्यूज एजेंसी
कासगंज। लंबे इंतजार के बाद मोहनपुर रजवाहा में पानी तो आ गया, लेकिन मात्रा कम होने से कुलाबों तक नहीं पहुंच रहा। इससे किसान खेतों की सिंचाई करने से वंचित हो रहे हैं। सिंचाई विभाग ने नरौरा खंड से अतिरिक्त पानी की मांग की है। अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला।
इस समय खेतों में गेहूं, आलू, मटर की फसलें हैं। पानी न मिलने से किसान डीजल पंपसेट के सहारे सिंचाई के लिए मजबूर हो रहे हैं। डीजल पंप से की जाने वाली सिंचाई की लागत अधिक है। किसानों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। पांच दिन पूर्व नहर व रजवाहाें में पानी आया था। यह काफी कम था। रजवाहों में कुलाबों की ऊंचाई अधिक है। पानी इनसे नीचे है।
विज्ञापन
किसान बोले-सफाई का काम ठीक से नहीं हुआ
किसानों ने समस्या के समाधान के लिए सिंचाई विभाग से मांग उठाई है। जिला प्रशासन से भी समाधान की मांग की है। किसान फूलचंद्र का कहना है कि रजवाहा में सफाई का काम ठीक से नहीं हुआ है। इससे समस्या बनी हुई है। वहीं किसान रिषभ का कहना है कि 23 बीघा खेत में गेहूं की फसल है। रजवाहा के माध्यम से ही खेत की सिंचाई करते हैं। अब दिक्कत है।
विज्ञापन
- गंगा के नरौरा बैराज पर कमी होने के कारण कम पानी आया है। इस संबंध में नरौरा बैराज को पत्र लिखकर अतिरिक्त पानी छोड़ने की मांग की है।- एसएस गिरी, अधिशासी अभियंता सिंचाई