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Kasganj News: सिमट गई गंगा, छूट गए दुश्वारियाें के निशान
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फोटो22पटियाली नगला दुर्जन में बारिश से कटी सड़क।स्रोत: वीडियो ग्रैव
कासगंज। जिले में गंगा का जलस्तर कम होने के बाद भले ही बाढ़ विदा हो गई हो लेकिन उसकी छोड़ी गई तबाही के निशान बर्बादी की गवाही दे रहे हैं। जुलाई माह में पटियाली तहसील के गंगा खादर क्षेत्र में आए बाढ़ के पानी का ठहराव करीब 50 दिनों तक लगातार बना रहा, जिससे निचले इलाकों में भारी जलभराव हुआ। इससे किसानों की फसलें सड़ गईं थीं।
बाढ़ से सबसे अधिक क्षति सड़कों और पुलियों को हुई है। राजेपुर कुर्रा से सनौढ़ी मार्ग पूरी तरह कट गया है और पुलियों के दोनों ओर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। सनौढ़ी से नगला जयकिशन मार्ग पर तीन पुलियां क्षतिग्रस्त हैं।
इसके अलावा मूझखेड़ा और नगला दुर्जन से नरदौली जाने वाला मार्ग भी कई जगह कटा हुआ है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। सनौढ़ी का मुख्य पुल चार साल पहले आई बाढ़ के बाद से अब तक नहीं बन पाया है, जिसका दंश खादर के 20 गांवों के लोग भुगत रहे हैं। यहां गंगा पार करने के लिए आज भी ग्रामीणों को नाव का ही सहारा लेना पड़ता है।
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टूटे रास्तों और ध्वस्त पुलियों के कारण इन इलाकों का संपर्क मार्ग बाधित हो गया है और ग्रामीणों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। लंबे समय से ठप पड़ी व्यवस्थाओं से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है, और वे स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
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क्या बोले ग्रामीण
भले ही बाढ़ चली गई लेकिन दुश्वारियां कम लेने का नाम नहीं ले रही। सड़क, पुल, पुलिया कटे होने से आवागमन में दिक्कतें हैं। जगह-जगह पानी भरा हुआ है। मच्छर पनप रहे हैं। - आदित्य प्रताप, नगला पदम
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सनौढ़ी का पुल चार साल पहले से कटा हुआ है। अभी तक पुल का निर्माण नहीं हुआ है जबकि इस पुल के मार्ग से 20 गांव जुड़े हैं। लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। नाव का सहारा लेना पड़ता है। काफी फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। कब मुआवजा मिलेगा कुछ पता नहीं है। - अखिलेश ,नगला पदम
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बाढ़ प्रभावित इलाकों में बिजली की भी समस्या है। पोल भी जर्जर हालत में हैं। कोई सुनने वाला नहीं हैं। बाढ़ रोकने के लिए भी कोई प्रयास नहीं होते। आखिर कब तक ग्रामीण इस बर्बादी का सामना करेंगे। - उर्वेश कुमार, नगला दुर्जन
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वर्जन :
गंगा के जलस्तर में काफी कमी आई है। बाढ़ उतर रही है। सड़क, पुल, पुलिया के संबंध में लोक निर्माण विभाग एवं अन्य विभाग प्रस्ताव तैयार करके आगे की कार्रवाई करेंगे। सिंचाई विभाग बांधों की मरम्मत कराएगा। - शरद सौरभ गिरि, अधिशासी अभियंता सिंचाई
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बाढ़ से सबसे अधिक क्षति सड़कों और पुलियों को हुई है। राजेपुर कुर्रा से सनौढ़ी मार्ग पूरी तरह कट गया है और पुलियों के दोनों ओर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। सनौढ़ी से नगला जयकिशन मार्ग पर तीन पुलियां क्षतिग्रस्त हैं।
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इसके अलावा मूझखेड़ा और नगला दुर्जन से नरदौली जाने वाला मार्ग भी कई जगह कटा हुआ है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। सनौढ़ी का मुख्य पुल चार साल पहले आई बाढ़ के बाद से अब तक नहीं बन पाया है, जिसका दंश खादर के 20 गांवों के लोग भुगत रहे हैं। यहां गंगा पार करने के लिए आज भी ग्रामीणों को नाव का ही सहारा लेना पड़ता है।
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टूटे रास्तों और ध्वस्त पुलियों के कारण इन इलाकों का संपर्क मार्ग बाधित हो गया है और ग्रामीणों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। लंबे समय से ठप पड़ी व्यवस्थाओं से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है, और वे स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
क्या बोले ग्रामीण
भले ही बाढ़ चली गई लेकिन दुश्वारियां कम लेने का नाम नहीं ले रही। सड़क, पुल, पुलिया कटे होने से आवागमन में दिक्कतें हैं। जगह-जगह पानी भरा हुआ है। मच्छर पनप रहे हैं। - आदित्य प्रताप, नगला पदम
सनौढ़ी का पुल चार साल पहले से कटा हुआ है। अभी तक पुल का निर्माण नहीं हुआ है जबकि इस पुल के मार्ग से 20 गांव जुड़े हैं। लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। नाव का सहारा लेना पड़ता है। काफी फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। कब मुआवजा मिलेगा कुछ पता नहीं है। - अखिलेश ,नगला पदम
बाढ़ प्रभावित इलाकों में बिजली की भी समस्या है। पोल भी जर्जर हालत में हैं। कोई सुनने वाला नहीं हैं। बाढ़ रोकने के लिए भी कोई प्रयास नहीं होते। आखिर कब तक ग्रामीण इस बर्बादी का सामना करेंगे। - उर्वेश कुमार, नगला दुर्जन
वर्जन :
गंगा के जलस्तर में काफी कमी आई है। बाढ़ उतर रही है। सड़क, पुल, पुलिया के संबंध में लोक निर्माण विभाग एवं अन्य विभाग प्रस्ताव तैयार करके आगे की कार्रवाई करेंगे। सिंचाई विभाग बांधों की मरम्मत कराएगा। - शरद सौरभ गिरि, अधिशासी अभियंता सिंचाई