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Kasganj News: 100 से अधिक किसानों की मक्का और धान की फसल जलमग्न
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फोटो12न्यौली में खेतों में भरे पानी में घुसकर बची फसल काटकर लाते किसान। संवाद
सोरोंजी। सितंबर के अंतिम सप्ताह की लगातार बारिश के बाद सोरोंजी क्षेत्र के न्यौली गांव और आसपास के खेतों में अब भी जलभराव बना हुआ है। खेतों में चार से पांच फीट तक पानी भरा होने के कारण 100 से अधिक किसानों की मक्का और धान की फसलें डूब गई हैं। हालात यह हैं कि किसान पानी के बीच उतरकर बची हुई फसल को बाहर निकालने को मजबूर हैं।
रामदास, सत्य प्रकाश, दीप सिंह, अमन सिंह, पप्पू आदि किसानों का कहना है कि जल निकासी का रास्ता न होने के कारण मानपुर नगरिया, दतलाना और उड़ेर की तरफ से आया पानी नेशनल हाईवे-530बी की पुलिया के रास्ते लगातार खेतों में भर रहा है। यदि समय रहते पानी नहीं निकला, तो बची-खुची फसल भी पूरी तरह नष्ट हो जाएगी और किसानों की लागत डूब जाएगी।
इसके अलावा, खेतों में लंबे समय तक पानी भरे रहने से किसानों को आगामी सरसों की बुवाई पिछड़ने की भी गहरी चिंता सता रही है। जलभराव की चपेट में हेमराज, सोमदत्त, सत्य प्रकाश गौतम, रामदास गौतम, अमन सिंह, चंदन सिंह, प्रदीप, सत्यराम, वीरपाल, हरि सिंह, चंद्रपाल, हिम्मत सिंह, हरिशंकर, वीरेंद्र ठाकुर, भारत सिंह ठाकुर, अली मोहम्मद और नासिर समेत 100 से अधिक किसानों के खेत बताए जा रहे हैं।
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पीड़ित किसानों ने जिला प्रशासन से तत्काल मौके का जायजा लेकर जल निकासी के पुख्ता इंतजाम करने तथा फसलों के नुकसान का वास्तविक आकलन कराकर उचित मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।
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रामदास, सत्य प्रकाश, दीप सिंह, अमन सिंह, पप्पू आदि किसानों का कहना है कि जल निकासी का रास्ता न होने के कारण मानपुर नगरिया, दतलाना और उड़ेर की तरफ से आया पानी नेशनल हाईवे-530बी की पुलिया के रास्ते लगातार खेतों में भर रहा है। यदि समय रहते पानी नहीं निकला, तो बची-खुची फसल भी पूरी तरह नष्ट हो जाएगी और किसानों की लागत डूब जाएगी।
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इसके अलावा, खेतों में लंबे समय तक पानी भरे रहने से किसानों को आगामी सरसों की बुवाई पिछड़ने की भी गहरी चिंता सता रही है। जलभराव की चपेट में हेमराज, सोमदत्त, सत्य प्रकाश गौतम, रामदास गौतम, अमन सिंह, चंदन सिंह, प्रदीप, सत्यराम, वीरपाल, हरि सिंह, चंद्रपाल, हिम्मत सिंह, हरिशंकर, वीरेंद्र ठाकुर, भारत सिंह ठाकुर, अली मोहम्मद और नासिर समेत 100 से अधिक किसानों के खेत बताए जा रहे हैं।
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पीड़ित किसानों ने जिला प्रशासन से तत्काल मौके का जायजा लेकर जल निकासी के पुख्ता इंतजाम करने तथा फसलों के नुकसान का वास्तविक आकलन कराकर उचित मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।