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Kasganj News: दो बार ऑनलाइन एंट्री के साथ बोर्ड ने बढ़ाई निगरानी
Wed, 28 Jan 2026 12:08 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Updated Wed, 28 Jan 2026 12:08 AM IST
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कासगंज। यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 में प्रायोगिक परीक्षा में निगरानी के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। इस बार परीक्षकों को मोबाइल एप पर अंकों की दो बार ऑनलाइन एंट्री करना अनिवार्य होगा, जिससे किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना खत्म हो सके। जिले में दूसरे चरण की प्रयोगात्मक परीक्षाएं 2 फरवरी से शुरू होंगी।
नई प्रणाली के तहत परीक्षक अपने आवंटित परीक्षार्थियों के समूह में से अधिकतम 80 छात्रों के अंक मोबाइल एप पर अपलोड करेंगे। पहली एंट्री के बाद सिस्टम दोबारा उसी समूह के अंकों को अपलोड करने के लिए विंडो खोलेगा, जिससे अंक की सटीकता सुनिश्चित हो सके।
यदि पहली और दूसरी एंट्री में कोई अंतर (मिसमैच) पाया जाता है, तो सिस्टम दोनों प्रविष्टियों को प्रदर्शित करेगा और परीक्षक को गलत अंकों को संशोधित करने का अवसर मिलेगा। सिस्टम किसी भी त्रुटिपूर्ण या अधूरी प्रविष्टि को स्वीकार नहीं करेगा।
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मोबाइल एप में लॉग-इन करने के बाद सिस्टम जिओ-पैरामीटर के माध्यम से लोकेशन सत्यापित करेगा। निर्धारित दूरी के भीतर होने पर ही प्रायोगिक परीक्षा की अनुमति मिलेगी, जिससे फर्जी एंट्री और बाहरी हस्तक्षेप पर प्रभावी रोक लगेगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक जगदीश प्रसाद शुक्ला ने बताया कि इस बार पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और अंकों की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
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नई प्रणाली के तहत परीक्षक अपने आवंटित परीक्षार्थियों के समूह में से अधिकतम 80 छात्रों के अंक मोबाइल एप पर अपलोड करेंगे। पहली एंट्री के बाद सिस्टम दोबारा उसी समूह के अंकों को अपलोड करने के लिए विंडो खोलेगा, जिससे अंक की सटीकता सुनिश्चित हो सके।
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यदि पहली और दूसरी एंट्री में कोई अंतर (मिसमैच) पाया जाता है, तो सिस्टम दोनों प्रविष्टियों को प्रदर्शित करेगा और परीक्षक को गलत अंकों को संशोधित करने का अवसर मिलेगा। सिस्टम किसी भी त्रुटिपूर्ण या अधूरी प्रविष्टि को स्वीकार नहीं करेगा।
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मोबाइल एप में लॉग-इन करने के बाद सिस्टम जिओ-पैरामीटर के माध्यम से लोकेशन सत्यापित करेगा। निर्धारित दूरी के भीतर होने पर ही प्रायोगिक परीक्षा की अनुमति मिलेगी, जिससे फर्जी एंट्री और बाहरी हस्तक्षेप पर प्रभावी रोक लगेगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक जगदीश प्रसाद शुक्ला ने बताया कि इस बार पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और अंकों की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।