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Kasganj News: बीएलओ ड्यूटी कर रहे शिक्षक की डेंगू से मौत
Thu, 04 Dec 2025 11:51 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Updated Thu, 04 Dec 2025 11:51 PM IST
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फोटो07कासगंज के आवास विकास कॉलोनी में शिक्षक की मौत के बाद रोते बिलखते परिजन । संवाद
कासगंज। बीएलओ ड्यूटी कर रहे शिक्षक की डेंगू से मौत हो गई। 29 नवंबर को प्रपत्र जमा करते समय शिक्षक बेहोश हो गए थे। हरियाणा के फरीदाबाद में उनका इलाज चल रहा था।
शिक्षक रोहतास कुमार राजपूत निवासी आवास विकास कॉलाेनी कंपोजिट विद्यालय देवरी प्रहलादपुर में प्राइमरी विभाग में प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात थे। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान( एसआईआर) में प्रहलादपुर गांव में भाग संख्या 132 में उनकी बीएलओ की ड्यूटी लगी थी। 29 नवंबर 2025 को गणना प्रपत्र एकत्रित करने के दौरान उनकी अचानक तबीयत बिगड़r और वह बेहोश हो गए।
उनके बेहोश होने की सूचना ग्रामीणों ने विद्यालय में दी। मौके पर पहुंचे शिक्षकों ने परिजनों को जानकारी दी। इसके बाद परिजन उन्हें निजी चिकित्सक के पास ले गए। हालत में सुधार नहीं होने परिजन उनको 1 दिसंबर को एकॉर्ड हॉस्पिटल फरीदाबाद में भर्ती कराया गया, जहां उनको डेंगू की पुष्टि हुई। इलाज के दौरान अस्पताल में उनकी मौत हो गई। मृतक के तीन बच्चे हैं। एक बेटी हर्षिता की शादी हो चुकी है। जबकि पुत्र जतिन तथा पुत्री चेतना अविवाहित हैं। बीएसए सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि शिक्षक के बीमार हाेने पर उनके पुत्र ने प्रार्थनापत्र दिया था। इस पर उन्हें रिलीव कर दिया गया था। वह पहले से किडनी रोग से पीड़ित थे। परिजन ने डेंगू से मौत होना बताया है।
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शिक्षक रोहतास कुमार राजपूत निवासी आवास विकास कॉलाेनी कंपोजिट विद्यालय देवरी प्रहलादपुर में प्राइमरी विभाग में प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात थे। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान( एसआईआर) में प्रहलादपुर गांव में भाग संख्या 132 में उनकी बीएलओ की ड्यूटी लगी थी। 29 नवंबर 2025 को गणना प्रपत्र एकत्रित करने के दौरान उनकी अचानक तबीयत बिगड़r और वह बेहोश हो गए।
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उनके बेहोश होने की सूचना ग्रामीणों ने विद्यालय में दी। मौके पर पहुंचे शिक्षकों ने परिजनों को जानकारी दी। इसके बाद परिजन उन्हें निजी चिकित्सक के पास ले गए। हालत में सुधार नहीं होने परिजन उनको 1 दिसंबर को एकॉर्ड हॉस्पिटल फरीदाबाद में भर्ती कराया गया, जहां उनको डेंगू की पुष्टि हुई। इलाज के दौरान अस्पताल में उनकी मौत हो गई। मृतक के तीन बच्चे हैं। एक बेटी हर्षिता की शादी हो चुकी है। जबकि पुत्र जतिन तथा पुत्री चेतना अविवाहित हैं। बीएसए सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि शिक्षक के बीमार हाेने पर उनके पुत्र ने प्रार्थनापत्र दिया था। इस पर उन्हें रिलीव कर दिया गया था। वह पहले से किडनी रोग से पीड़ित थे। परिजन ने डेंगू से मौत होना बताया है।
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