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Kasganj News: व्यवस्था की नाकामी... एक किमी तक पानी के बीच होकर निकाली शवयात्रा
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फोटो 38- कछला गंगाघाट पर बढा जलस्तर। स्रोत: संवाद
कासगंज/पटियाली। गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर से तटीय गांवों के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सिस्टम की नाकामी का नतीजा है कि इन गांवों के लोग मुसीबतों का सामना कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को मूंझखेड़ा में वृद्धा की मौत होने पर ग्रामीणों को चिता जलाने के लिए स्थान नहीं मिला। शमशान घाट डूबा हुआ है। ग्रामीणों को एक किमी. किलोमीटर तक पानी के बीच होकर शवयात्रा को ले जाना पड़ा। तब कहीं जाकर अंतिम संस्कार हो सका।
पहाड़ों की बारिश के बाद नरौरा बैराज में लगातार प्रवाह बढ़ रहा है। इसका असर गंगा के जलस्तर पर पड़ा है। पटियाली कस्बे के गांव मूंझखेड़ा, नगला नरपत, नगला दुर्जन, नगला जयकिशन, नगला दिपी, पनसोती नगला सहित एक दर्जन से ज्यादा गांवों के लोग जूझ रहे हैं। खेतों के साथ ही रास्ते भी जलमग्न हो चुके हैं।मुश्किल हालात में बसर करना मुश्किल हो गया है। मूंझखेड़ा में 80 वर्षीय वृद्धा फूलवती का निधन हो गया। गांव के श्मशान घाट में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। ग्रामीणों को करीब एक किलोमीटर तक पानी के बीच से होकर शवयात्रा निकालनी पड़ी। नंगे बदन होकर ग्रामीण किसी तरह शव को लेकर सूखे स्थान पर पहुंचे, जहां अंतिम संस्कार किया गया। मृतका के परिजन का कहना है कि बाढ़ से जूझ रहे लोगों की दिक्कतों पर किसी का ध्यान नहीं है। लगातार बढ़ते जलस्तर ने भी नींद उड़ा रखी है। बाढ़ का पानी भरा होने के कारण प्रभावित इलाकों में विद्युत आपूर्ति प्रभावित है।
तीन सेमी. बढ़ी गंगा, बढ़ गई चिंता
पटियाली। गंगा के जलस्तर में पिछले 24 घंटे में तीन सेंटीमीटर का उछाल आया है। बैराजों से भी पानी का प्रवाह लगातार बढ़ रहा है। इससे तटीय इलाकों में बसे गांवों के लोगों की चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अभी तक प्रशासन ने कोई इंतजाम नहीं किया है। फसलें डूब चुकी हैं। पशुओं को चराने की जगह नहीं बची है। रोजी-रोटी का संकट बढ़ता जा रहा है मगर प्रशासन मौन साधे बैठा है।
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बैराजों से पानी का प्रवाह
हरिद्वार बैराज से- 108697 क्यूसेक
बिजनौर बैराज से- 74503 क्यूसेक
नरौरा बैराज से - 83835 क्यूसेक
कछला ब्रिज- 162.50 मीटर के निशान पर
वर्जन-
- बैराजों से गंगा में प्रवाह बढ़ रहा है। जिले में बढ़े हुए पानी का असर आने लगा है लेकिन जलस्तर में मामूली वृद्धि ही रहेगी। सिंचाई विभाग निरंतर निगरानी कर रहा है-
शरद सौरभ गिरी, अधिशासी अभियंता सिंचाई।
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पहाड़ों की बारिश के बाद नरौरा बैराज में लगातार प्रवाह बढ़ रहा है। इसका असर गंगा के जलस्तर पर पड़ा है। पटियाली कस्बे के गांव मूंझखेड़ा, नगला नरपत, नगला दुर्जन, नगला जयकिशन, नगला दिपी, पनसोती नगला सहित एक दर्जन से ज्यादा गांवों के लोग जूझ रहे हैं। खेतों के साथ ही रास्ते भी जलमग्न हो चुके हैं।मुश्किल हालात में बसर करना मुश्किल हो गया है। मूंझखेड़ा में 80 वर्षीय वृद्धा फूलवती का निधन हो गया। गांव के श्मशान घाट में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। ग्रामीणों को करीब एक किलोमीटर तक पानी के बीच से होकर शवयात्रा निकालनी पड़ी। नंगे बदन होकर ग्रामीण किसी तरह शव को लेकर सूखे स्थान पर पहुंचे, जहां अंतिम संस्कार किया गया। मृतका के परिजन का कहना है कि बाढ़ से जूझ रहे लोगों की दिक्कतों पर किसी का ध्यान नहीं है। लगातार बढ़ते जलस्तर ने भी नींद उड़ा रखी है। बाढ़ का पानी भरा होने के कारण प्रभावित इलाकों में विद्युत आपूर्ति प्रभावित है।
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तीन सेमी. बढ़ी गंगा, बढ़ गई चिंता
पटियाली। गंगा के जलस्तर में पिछले 24 घंटे में तीन सेंटीमीटर का उछाल आया है। बैराजों से भी पानी का प्रवाह लगातार बढ़ रहा है। इससे तटीय इलाकों में बसे गांवों के लोगों की चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अभी तक प्रशासन ने कोई इंतजाम नहीं किया है। फसलें डूब चुकी हैं। पशुओं को चराने की जगह नहीं बची है। रोजी-रोटी का संकट बढ़ता जा रहा है मगर प्रशासन मौन साधे बैठा है।
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बैराजों से पानी का प्रवाह
हरिद्वार बैराज से- 108697 क्यूसेक
बिजनौर बैराज से- 74503 क्यूसेक
नरौरा बैराज से - 83835 क्यूसेक
कछला ब्रिज- 162.50 मीटर के निशान पर
वर्जन-
- बैराजों से गंगा में प्रवाह बढ़ रहा है। जिले में बढ़े हुए पानी का असर आने लगा है लेकिन जलस्तर में मामूली वृद्धि ही रहेगी। सिंचाई विभाग निरंतर निगरानी कर रहा है-
शरद सौरभ गिरी, अधिशासी अभियंता सिंचाई।

फोटो 38- कछला गंगाघाट पर बढा जलस्तर। स्रोत: संवाद