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आंधी-बारिश ने मचाई आफत : छह साल का रिकॉर्ड टूटा : 60 मिमी अधिक बारिश दर्ज, जनजीवन प्रभावित
Tue, 05 May 2026 12:16 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Updated Tue, 05 May 2026 12:16 AM IST
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फोटो23गंजडुंडवारा में बारिश के बाद मोहनपुर रोड पर भरा पानी। संवाद
कासगंज। जिले में तड़के हुई तेज बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। कुछ घंटों की बारिश ने मई में ही मानसून जैसा अहसास करा दिया। औसतन 60.66 मिमी वर्षा के साथ छह साल का रिकॉर्ड टूट गया। इस बारिश ने शहर और गांव दोनों जगह मुश्किलें भी खड़ी कर दीं। सहावर में 97 मिमी, कासगंज में 63 मिमी बारिश हुई। जबकि पटियाली में 22 मिमी बारिश दर्ज की गई।
मई माह आमतौर पर तपती गर्मी और सूखे के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार अप्रत्याशित रूप से भारी बारिश का गवाह बना। तड़के शुरू हुई बारिश ने कुछ ही घंटों में पूरे महीने के औसत को पार कर दिया और जिले में कुल औसत वर्षा 60.66 मिमी दर्ज की गई। सबसे ज्यादा असर सहावर क्षेत्र में देखने को मिला, जहां 97 मिमी बारिश दर्ज की गई। कासगंज में 63 मिमी वर्षा हुई, जबकि पटियाली में 22 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इन आंकड़ों ने स्पष्ट कर दिया कि इस बार मौसम ने सामान्य पैटर्न को पूरी तरह बदल दिया है।
पिछले तीन दिनों में हुई अतिरिक्त 3 मिमी बारिश के साथ मई माह में अब तक कुल औसत वर्षा 63.66 मिमी तक पहुंच चुकी है। यह न केवल पिछले छह वर्षों का सबसे बड़ा आंकड़ा है, बल्कि मई महीने के सामान्य रुझान से भी कहीं अधिक है। बारिश ने जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी, वहीं जलभराव ने शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। मुख्य सड़कों पर पानी भरने से यातायात बाधित हुआ और लोगों को घंटों जाम व परेशानी का सामना करना पड़ा। मोहल्लों में जलभराव के कारण घरों से निकलना मुश्किल हो गया, वहीं ग्रामीण इलाकों में खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
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विशेषज्ञों का कहना है कि मई में इतनी बारिश असामान्य है। कई वर्षों में यह महीना लगभग सूखा ही निकल जाता है, लेकिन इस बार कुछ घंटों की बारिश ने पूरे महीने का औसत पार कर दिया। अगर पिछले आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2021 में मई माह में 51 मिमी औसत बारिश दर्ज की गई थी, जबकि इस बार 63.66 मिमी का आंकड़ा नया रिकॉर्ड बन गया है। हालांकि, जलभराव से लोगों को कई घंटों बाद राहत मिल सकी, लेकिन इस बारिश ने यह जरूर दिखा दिया कि अचानक मौसम बदलाव से निपटने के लिए व्यवस्थाएं अभी भी पूरी तरह तैयार नहीं हैं।
मई माह में जिले में बारिश का रिकॉर्ड (औसत मिमी में):
2008 – 27.8
2009 – 17.36
2017 – 34.33
2021 – 51
2022 – 24.13
2025 – 48.33
2026 – 63.66
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मई माह आमतौर पर तपती गर्मी और सूखे के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार अप्रत्याशित रूप से भारी बारिश का गवाह बना। तड़के शुरू हुई बारिश ने कुछ ही घंटों में पूरे महीने के औसत को पार कर दिया और जिले में कुल औसत वर्षा 60.66 मिमी दर्ज की गई। सबसे ज्यादा असर सहावर क्षेत्र में देखने को मिला, जहां 97 मिमी बारिश दर्ज की गई। कासगंज में 63 मिमी वर्षा हुई, जबकि पटियाली में 22 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इन आंकड़ों ने स्पष्ट कर दिया कि इस बार मौसम ने सामान्य पैटर्न को पूरी तरह बदल दिया है।
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पिछले तीन दिनों में हुई अतिरिक्त 3 मिमी बारिश के साथ मई माह में अब तक कुल औसत वर्षा 63.66 मिमी तक पहुंच चुकी है। यह न केवल पिछले छह वर्षों का सबसे बड़ा आंकड़ा है, बल्कि मई महीने के सामान्य रुझान से भी कहीं अधिक है। बारिश ने जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी, वहीं जलभराव ने शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। मुख्य सड़कों पर पानी भरने से यातायात बाधित हुआ और लोगों को घंटों जाम व परेशानी का सामना करना पड़ा। मोहल्लों में जलभराव के कारण घरों से निकलना मुश्किल हो गया, वहीं ग्रामीण इलाकों में खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
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विशेषज्ञों का कहना है कि मई में इतनी बारिश असामान्य है। कई वर्षों में यह महीना लगभग सूखा ही निकल जाता है, लेकिन इस बार कुछ घंटों की बारिश ने पूरे महीने का औसत पार कर दिया। अगर पिछले आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2021 में मई माह में 51 मिमी औसत बारिश दर्ज की गई थी, जबकि इस बार 63.66 मिमी का आंकड़ा नया रिकॉर्ड बन गया है। हालांकि, जलभराव से लोगों को कई घंटों बाद राहत मिल सकी, लेकिन इस बारिश ने यह जरूर दिखा दिया कि अचानक मौसम बदलाव से निपटने के लिए व्यवस्थाएं अभी भी पूरी तरह तैयार नहीं हैं।
मई माह में जिले में बारिश का रिकॉर्ड (औसत मिमी में):
2008 – 27.8
2009 – 17.36
2017 – 34.33
2021 – 51
2022 – 24.13
2025 – 48.33
2026 – 63.66