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Kasganj News: जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण के विरोध में सपा अल्पसंख्यक सभा का प्रदर्शन
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फोटो 46 - कासगंज में कलक्ट्रेट पर जौहर विश्वविद्यालय के समर्थन में प्रदर्शन कर डीएम को ज्ञापन द
कासगंज। समाजवादी अल्पसंख्यक सभा ने सोमवार को पूर्व मंत्री आजम खान की रामपुर में स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इसमें विश्वविद्यालय के 38 भवनों को ध्वस्त करने की प्रस्तावित कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने और मामले का विधिसम्मत समाधान कराने की मांग उठाई।
सपा अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष असहाब हुसैन ने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि हजारों विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों की उम्मीदों का केंद्र है। ऐसे में भवनों को ध्वस्त करने की कार्रवाई छात्रहित और जनहित दोनों के विपरीत होगी।
उन्होंने कहा कि यदि भूमि अथवा निर्माण से संबंधित कोई विवाद है तो उसका निस्तारण न्यायिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो। प्रतिनिधिमंडल ने दावा किया कि विश्वविद्यालय निर्माण के समय ग्राम सींगनखेड़ा रामपुर विकास प्राधिकरण के विनियमित क्षेत्र में शामिल नहीं था। बाद में 27 सितंबर 2024 को इस क्षेत्र को प्राधिकरण में शामिल किया गया, जबकि विश्वविद्यालय का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका था।
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प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप कर प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगाने तथा पूरे प्रकरण का निष्पक्ष और न्यायोचित समाधान सुनिश्चित कराने की मांग की। इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष खलील खान, प्रदेश सचिव अनवर अख्तर, नगर अध्यक्ष तारिक महमूद, मोहम्मद आरिफ दिलदार, शराफत, आरिफ सैफी, तौहीद, समी, मोहम्मद अजहर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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सपा अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष असहाब हुसैन ने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि हजारों विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों की उम्मीदों का केंद्र है। ऐसे में भवनों को ध्वस्त करने की कार्रवाई छात्रहित और जनहित दोनों के विपरीत होगी।
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उन्होंने कहा कि यदि भूमि अथवा निर्माण से संबंधित कोई विवाद है तो उसका निस्तारण न्यायिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो। प्रतिनिधिमंडल ने दावा किया कि विश्वविद्यालय निर्माण के समय ग्राम सींगनखेड़ा रामपुर विकास प्राधिकरण के विनियमित क्षेत्र में शामिल नहीं था। बाद में 27 सितंबर 2024 को इस क्षेत्र को प्राधिकरण में शामिल किया गया, जबकि विश्वविद्यालय का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका था।
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प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप कर प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगाने तथा पूरे प्रकरण का निष्पक्ष और न्यायोचित समाधान सुनिश्चित कराने की मांग की। इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष खलील खान, प्रदेश सचिव अनवर अख्तर, नगर अध्यक्ष तारिक महमूद, मोहम्मद आरिफ दिलदार, शराफत, आरिफ सैफी, तौहीद, समी, मोहम्मद अजहर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।