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Kasganj News: ऑनलाइन शिकायतों के निस्तारण में छह ब्लॉक फिसड्डी
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कासगंज। ऑनलाइन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और मौके पर जाकर जांच न करने के मामले में जिले के छह विकास खंडों की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं। आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतों के निस्तारण के बावजूद फरियादियों से असंतुष्ट फीडबैक मिलने पर जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) राजेश चौरसिया ने संबंधित सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) के वेतन आहरण पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
सितंबर माह की आईजीआरएस समीक्षा में कासगंज जिले को 66वीं रैंक प्राप्त हुई थी। शासन स्तर पर शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और फील्ड विजिट न करने की बात सामने आई। जिलाधिकारी के नाराजगी जताने के बाद डीपीआरओ ने कार्रवाई की है।
समीक्षा में पटियाली, सोरों, सहावर, गंजडुंडवारा, अमांपुर और कासगंज ब्लॉक में सबसे अधिक असंतुष्ट फीडबैक मिले। पटियाली में 35, सोरों में 26, सहावर में 24, गंजडुंडवारा में 23, अमांपुर में 16 और कासगंज में 32 शिकायतकर्ता निस्तारण से असंतुष्ट रहे।
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डीपीआरओ राजेश चौरसिया ने चेतावनी दी है कि अक्तूबर माह में सभी शिकायतों का शत-प्रतिशत गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा कड़ी जवाबदेही तय होगी।
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सितंबर माह की आईजीआरएस समीक्षा में कासगंज जिले को 66वीं रैंक प्राप्त हुई थी। शासन स्तर पर शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और फील्ड विजिट न करने की बात सामने आई। जिलाधिकारी के नाराजगी जताने के बाद डीपीआरओ ने कार्रवाई की है।
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समीक्षा में पटियाली, सोरों, सहावर, गंजडुंडवारा, अमांपुर और कासगंज ब्लॉक में सबसे अधिक असंतुष्ट फीडबैक मिले। पटियाली में 35, सोरों में 26, सहावर में 24, गंजडुंडवारा में 23, अमांपुर में 16 और कासगंज में 32 शिकायतकर्ता निस्तारण से असंतुष्ट रहे।
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डीपीआरओ राजेश चौरसिया ने चेतावनी दी है कि अक्तूबर माह में सभी शिकायतों का शत-प्रतिशत गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा कड़ी जवाबदेही तय होगी।