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Kasganj News: पछाड़ खाकर गिरी भूमि, गुमसुम हुआ सुभाष
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फोटो53हाय मेरो सब लुट गयो: सहावर के गांव नगला माधौं में बिजली गिरने से बेटा,पुत्रवधु और नात
सहावर (कासगंज)। नगला मांधो में हादसे में पति नीरज को खोने वाली भूमि की हालत इतनी बिगड़ गई कि वह बार-बार जमीन पर पछाड़ खाकर गिर रही थी। अपनी पत्नी और इकलौती बेटी को अपनी आंखों के सामने गंवाने वाले सुभाष इस सदमे से पूरी तरह गुमशुम हो गए हैं।
घटना के समय सुभाष का भाई, पत्नी और बेटी बारिश से बचने के लिए एक पेड़ के नीचे गए थे, जबकि सुभाष खुद खेत पर मौजूद थे। इस बात का मलाल उन्हें अंदर ही अंदर खाए जा रहा है कि वे चाहकर भी कुछ नहीं कर सके। सुभाष के तीन बच्चों में इकलौती बेटी की मौत हो चुकी है और उनके दो छोटे बेटे अर्पित (11) और लवकुश (10) के सिर से मां का साया उठ चुका है।
उधर, नीरज के निधन से उनकी पत्नी भूमि और उनके दो मासूम बेटों तीन साल के हर्षित और डेढ़ साल के गोपी के जीवन से भी पिता का आंचल छिन गया है। भाई उपेंद्र बोला कि पूरा परिवार बिखर गया है।
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कान पड़ गए सुन्न
घटना के समय आसमान में काले बादल छाए होने के कारण तमाम किसान अपने खेतों में मौजूद थे। कोई अपनी कटी हुई फसल को समेट रहा था तो कोई बारिश से बचाने के इंतजाम में जुटा था। ग्रामीण अशोक ने बताया कि जिस समय हादसा हुआ वह खेत से वापस लौट रहे थे। धमाका इतना तेज था कि कान सुन्न हो गए और पलक झपकते ही सब खत्म हो गया। एक ही झटके में तीन जिंदगियां खत्म हो गईं।
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पीड़ितों से मिले एसपी
एसपी ओपी सिंह हादसे की जानकारी के बाद जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिजन को ढांढ़स बंधाया और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। एसपी ने सहावर एसडीएम हर्षिता देवड़ा से पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी ली।
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घटना के समय सुभाष का भाई, पत्नी और बेटी बारिश से बचने के लिए एक पेड़ के नीचे गए थे, जबकि सुभाष खुद खेत पर मौजूद थे। इस बात का मलाल उन्हें अंदर ही अंदर खाए जा रहा है कि वे चाहकर भी कुछ नहीं कर सके। सुभाष के तीन बच्चों में इकलौती बेटी की मौत हो चुकी है और उनके दो छोटे बेटे अर्पित (11) और लवकुश (10) के सिर से मां का साया उठ चुका है।
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उधर, नीरज के निधन से उनकी पत्नी भूमि और उनके दो मासूम बेटों तीन साल के हर्षित और डेढ़ साल के गोपी के जीवन से भी पिता का आंचल छिन गया है। भाई उपेंद्र बोला कि पूरा परिवार बिखर गया है।
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कान पड़ गए सुन्न
घटना के समय आसमान में काले बादल छाए होने के कारण तमाम किसान अपने खेतों में मौजूद थे। कोई अपनी कटी हुई फसल को समेट रहा था तो कोई बारिश से बचाने के इंतजाम में जुटा था। ग्रामीण अशोक ने बताया कि जिस समय हादसा हुआ वह खेत से वापस लौट रहे थे। धमाका इतना तेज था कि कान सुन्न हो गए और पलक झपकते ही सब खत्म हो गया। एक ही झटके में तीन जिंदगियां खत्म हो गईं।
पीड़ितों से मिले एसपी
एसपी ओपी सिंह हादसे की जानकारी के बाद जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिजन को ढांढ़स बंधाया और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। एसपी ने सहावर एसडीएम हर्षिता देवड़ा से पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी ली।