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Kasganj News: बाजारों में सजने लगीं कांवड़ और सजावट की दुकानें
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फोटो 35- अभिषेक माहेश्वरी, दुकानदार, थोक कारोबारी। स्रोत संवाद
सोरोंजी। तीर्थनगरी में सावन महीने का प्रसिद्ध कांवड़ मेला 29 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। इस बार 3 अगस्त को सावन का पहला सोमवार है। मेले को देखते हुए स्थानीय और आसपास के जिलों के दुकानदार अपनी दुकानें सजाने में जुट गए हैं।
कासगंज गेट, चंदन चौक, हरि की पैड़ी मार्ग और लहरा घाट पर कांवड़ की दुकानें तेजी से तैयार की जा रही हैं। बारिश के मौसम को ध्यान में रखकर दुकानदार अपनी दुकानों को वॉटरप्रूफ बना रहे हैं। थोक बाजारों से फुटकर व्यापारी कांवड़ सजाने का सामान जैसे - शीशा, तस्वीरें, कपड़ा, गंगाजली, कंठी माला, खिलौने और घुंघरू-घंटी धड़ल्ले से खरीद रहे हैं।
यह सारा सामान दिल्ली, बनारस, शिकारपुर, मुरादाबाद, कोलकाता, मथुरा और पुरदिल नगर जैसे बड़े शहरों से ट्रांसपोर्ट के जरिए आ रहा है। सावन के सोमवार को गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक करने का खास महत्व है।
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इसी आस्था के चलते राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से आने वाले कांवड़िये सोरोंजी से गंगाजल लेकर सैकड़ों किलोमीटर पैदल यात्रा करते हैं। वे खूबसूरत कांवड़ों में गंगाजल का पात्र रखकर ले जाते हैं।
इस साल सावन में कुल चार 3, 10, 17, 24 अगस्त पड़ रहे हैं। व्यापारियों को उम्मीद है कि इस बार बड़ी संख्या में कांवड़िये आएंगे, जिससे बाजार में अच्छी खरीदारी होगी।
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मेले से अच्छे व्यापार की उम्मीद
- सावन मास के कांवड़ मेले की तैयारिया पूरी हैं, दूर दराज की मंडियों से रोजाना ट्रांसपोर्ट से माल आ रहा है। खुदरा दुकानदार माल खरीदकर ले जा रहे हैं।- चेतन अग्रवाल, थोक कारोबारी
- सावन मास के कांवड़ मेले में अच्छे व्यापार की उम्मीद है। यह मेला पूरे सावन माह चलता है जबकि महाशिवरात्रि का मेला केवल एक सप्ताह चलता है, जिससे इस मास में अच्छा व्यापार होता है। - अभिषेक माहेश्वरी, दुकानदार
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कासगंज गेट, चंदन चौक, हरि की पैड़ी मार्ग और लहरा घाट पर कांवड़ की दुकानें तेजी से तैयार की जा रही हैं। बारिश के मौसम को ध्यान में रखकर दुकानदार अपनी दुकानों को वॉटरप्रूफ बना रहे हैं। थोक बाजारों से फुटकर व्यापारी कांवड़ सजाने का सामान जैसे - शीशा, तस्वीरें, कपड़ा, गंगाजली, कंठी माला, खिलौने और घुंघरू-घंटी धड़ल्ले से खरीद रहे हैं।
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यह सारा सामान दिल्ली, बनारस, शिकारपुर, मुरादाबाद, कोलकाता, मथुरा और पुरदिल नगर जैसे बड़े शहरों से ट्रांसपोर्ट के जरिए आ रहा है। सावन के सोमवार को गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक करने का खास महत्व है।
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इसी आस्था के चलते राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से आने वाले कांवड़िये सोरोंजी से गंगाजल लेकर सैकड़ों किलोमीटर पैदल यात्रा करते हैं। वे खूबसूरत कांवड़ों में गंगाजल का पात्र रखकर ले जाते हैं।
इस साल सावन में कुल चार 3, 10, 17, 24 अगस्त पड़ रहे हैं। व्यापारियों को उम्मीद है कि इस बार बड़ी संख्या में कांवड़िये आएंगे, जिससे बाजार में अच्छी खरीदारी होगी।
मेले से अच्छे व्यापार की उम्मीद
- सावन मास के कांवड़ मेले की तैयारिया पूरी हैं, दूर दराज की मंडियों से रोजाना ट्रांसपोर्ट से माल आ रहा है। खुदरा दुकानदार माल खरीदकर ले जा रहे हैं।- चेतन अग्रवाल, थोक कारोबारी
- सावन मास के कांवड़ मेले में अच्छे व्यापार की उम्मीद है। यह मेला पूरे सावन माह चलता है जबकि महाशिवरात्रि का मेला केवल एक सप्ताह चलता है, जिससे इस मास में अच्छा व्यापार होता है। - अभिषेक माहेश्वरी, दुकानदार

फोटो 35- अभिषेक माहेश्वरी, दुकानदार, थोक कारोबारी। स्रोत संवाद

फोटो 35- अभिषेक माहेश्वरी, दुकानदार, थोक कारोबारी। स्रोत संवाद