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Kasganj News: आंधी-बारिश के साथ ओलों की मार, किसान चिंतित
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फोटो30गांव रामपुर में बारिश के दौरान ओलावृष्टि से टमाटर की फसल में हुए नुकसान को देखते किसा
कासगंज/मोहनपुरा। जिले में शनिवार को अचानक आए आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। गेहूं, मक्का, तंबाकू, टमाटर और अन्य सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों में गहरी चिंता का माहौल है।
प्रभावित किसान अब हुए नुकसान का आकलन करने में जुटे हुए हैं और सरकारी राहत की उम्मीद कर रहे हैं। जिले में लगभग 2 लाख हेक्टेयर भूमि पर खेती होती है। ओलावृष्टि का सबसे अधिक प्रभाव उन फसलों पर पड़ा है जो कटाई के करीब थीं या जिनकी उपज का समय आ गया था।
गेहूं और तंबाकू की फसलें लगभग पूरी तरह पक चुकी थीं और कटाई की तैयारी में थीं, लेकिन ओलों की मार से ये फसलें बर्बाद हो गईं। मक्का की फसल, जो जायद सीजन के तहत बोई गई थी और अभी छोटी अवस्था में थी, वह भी ओलों के कारण नष्ट हो गई।
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इसके अतिरिक्त, इस समय क्षेत्र में उगाई जा रही विभिन्न प्रकार की सब्जियों जैसे टमाटर, लौकी, तोरई, भिंडी, काशीफल, खीरा और ककड़ी की फसलें भी ओलावृष्टि से बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। किसानों के अनुसार, ओलों का आकार इतना बड़ा था कि खेतों में लगे पौधे टूट गए और कई जगह फसलें जमीन पर बिखर गईं।
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किसानों की बात
ओलावृष्टि ने गेहूं और मक्का दोनों के खेतों को नुकसान पहुंचाया है। नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। ताकि विभाग को जानकारी दी जा सके।- कल्लू सिंह, किसान रामपुर
10 बीघा मक्का की फसल पूरी तरह चौपट हो गई है। ओलों से फसल झुक गई। खेत में पानी भर गया है। इससे फसल बर्बाद हो जाएगी। फिर से फसल की बुवाई करनी पड़ेगी।- उदित कुमार, किसान बेरी हरनामपुर
करीब 8 बीघा गेहूं खेत में बिछ गया है। खेत में पानी भरने से कटाई भी नहीं हो सकती। दाने खराब होने की आशंका है।- सुमंत कुमार, किसान गांव बादामपुर
ओलावृष्टि से तीन बीघा टमाटर की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। फसल खेत में बिछ गई। इससे काफी नुकसान हुआ है।-जितेंद्र कुमार, किसान गांव नगला डरू
वर्जन
ओलावृष्टि से मोहनपुरा क्षेत्र में सबसे अधिक असर है। क्षति का आंकलन कराया जा रहा है। टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में भेजी गई है। बीमा कराने वाले किसान स्वयं भी अपनी सूचना दे सकते हैं।- महेंद्र सिंह, उप कृषि निदेशक
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प्रभावित किसान अब हुए नुकसान का आकलन करने में जुटे हुए हैं और सरकारी राहत की उम्मीद कर रहे हैं। जिले में लगभग 2 लाख हेक्टेयर भूमि पर खेती होती है। ओलावृष्टि का सबसे अधिक प्रभाव उन फसलों पर पड़ा है जो कटाई के करीब थीं या जिनकी उपज का समय आ गया था।
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गेहूं और तंबाकू की फसलें लगभग पूरी तरह पक चुकी थीं और कटाई की तैयारी में थीं, लेकिन ओलों की मार से ये फसलें बर्बाद हो गईं। मक्का की फसल, जो जायद सीजन के तहत बोई गई थी और अभी छोटी अवस्था में थी, वह भी ओलों के कारण नष्ट हो गई।
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इसके अतिरिक्त, इस समय क्षेत्र में उगाई जा रही विभिन्न प्रकार की सब्जियों जैसे टमाटर, लौकी, तोरई, भिंडी, काशीफल, खीरा और ककड़ी की फसलें भी ओलावृष्टि से बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। किसानों के अनुसार, ओलों का आकार इतना बड़ा था कि खेतों में लगे पौधे टूट गए और कई जगह फसलें जमीन पर बिखर गईं।
किसानों की बात
ओलावृष्टि ने गेहूं और मक्का दोनों के खेतों को नुकसान पहुंचाया है। नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। ताकि विभाग को जानकारी दी जा सके।- कल्लू सिंह, किसान रामपुर
10 बीघा मक्का की फसल पूरी तरह चौपट हो गई है। ओलों से फसल झुक गई। खेत में पानी भर गया है। इससे फसल बर्बाद हो जाएगी। फिर से फसल की बुवाई करनी पड़ेगी।- उदित कुमार, किसान बेरी हरनामपुर
करीब 8 बीघा गेहूं खेत में बिछ गया है। खेत में पानी भरने से कटाई भी नहीं हो सकती। दाने खराब होने की आशंका है।- सुमंत कुमार, किसान गांव बादामपुर
ओलावृष्टि से तीन बीघा टमाटर की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। फसल खेत में बिछ गई। इससे काफी नुकसान हुआ है।-जितेंद्र कुमार, किसान गांव नगला डरू
वर्जन
ओलावृष्टि से मोहनपुरा क्षेत्र में सबसे अधिक असर है। क्षति का आंकलन कराया जा रहा है। टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में भेजी गई है। बीमा कराने वाले किसान स्वयं भी अपनी सूचना दे सकते हैं।- महेंद्र सिंह, उप कृषि निदेशक