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Kasganj News: निर्जला एकादशी पर बन रहा दुर्लभ त्रियोग, व्रत-दान का मिलेगा कई गुना फल
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फोटो 01 कासगंज फोटो ज्योतिषाचार्य पं. मुकुंद बल्लभ भट्ट। स्रोत:संवाद
कासगंज। इस वर्ष निर्जला एकादशी का पर्व विशेष आध्यात्मिक महत्व लेकर आ रहा है। उदयातिथि के अनुसार, यह व्रत 25 जून को रखा जाएगा। इस बार एकादशी पर रवि योग, शिव योग और सिद्ध योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिसे धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जा रहा है।
ज्योतिषाचार्य मुकुंद बल्लभ भट्ट ने इस संयोग को अत्यंत फलदायी बताया है। उन्होंने कहा कि इन तीनों शुभ योगों में भगवान विष्णु की आराधना, व्रत, जप और दान करने से साधकों को विशेष पुण्य फल मिलता है। मान्यता है कि निर्जला एकादशी का व्रत पूरे वर्ष की सभी एकादशियों के समान फल प्रदान करता है। ऐसे में इस बार बनने वाला यह त्रियोग श्रद्धालुओं के लिए और भी लाभकारी सिद्ध होगा। शिव योग सुबह लगभग 10:54 बजे तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद सिद्ध योग प्रारंभ हो जाएगा। वहीं, रवि योग पूरे दिन बना रहेगा। पूजा-अर्चना के लिए सुबह 10:39 बजे से दोपहर 2:09 बजे तक का समय विशेष रूप से शुभ माना गया है।
इन बातों का रखें ध्यान
-सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें
-पीले या सफेद रंग के वस्त्र पहनें, काले रंग के वस्त्रों से परहेज करें
-प्याज-लहसुन का सेवन न करें
-ब्रह्मचर्य का पालन करें
-भगवान विष्णु और तुलसी की पूजा करें
-जरूरतमंदों को जल, फल और अन्न का दान दें
सुख-समृद्धि के लिए करें ये उपाय
भगवान विष्णु के समक्ष घी का दीपक जलाएं। मान्यता है कि इससे मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि बनी रहती है।
मुख्य द्वार पर दीपक जलाने से सुख-शांति और संपन्नता का वास होता है।
पीपल के वृक्ष के नीचे दीपदान करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और वंशवृद्धि के योग बनते हैं।
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ज्योतिषाचार्य मुकुंद बल्लभ भट्ट ने इस संयोग को अत्यंत फलदायी बताया है। उन्होंने कहा कि इन तीनों शुभ योगों में भगवान विष्णु की आराधना, व्रत, जप और दान करने से साधकों को विशेष पुण्य फल मिलता है। मान्यता है कि निर्जला एकादशी का व्रत पूरे वर्ष की सभी एकादशियों के समान फल प्रदान करता है। ऐसे में इस बार बनने वाला यह त्रियोग श्रद्धालुओं के लिए और भी लाभकारी सिद्ध होगा। शिव योग सुबह लगभग 10:54 बजे तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद सिद्ध योग प्रारंभ हो जाएगा। वहीं, रवि योग पूरे दिन बना रहेगा। पूजा-अर्चना के लिए सुबह 10:39 बजे से दोपहर 2:09 बजे तक का समय विशेष रूप से शुभ माना गया है।
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इन बातों का रखें ध्यान
-सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें
-पीले या सफेद रंग के वस्त्र पहनें, काले रंग के वस्त्रों से परहेज करें
-प्याज-लहसुन का सेवन न करें
-ब्रह्मचर्य का पालन करें
-भगवान विष्णु और तुलसी की पूजा करें
-जरूरतमंदों को जल, फल और अन्न का दान दें
सुख-समृद्धि के लिए करें ये उपाय
भगवान विष्णु के समक्ष घी का दीपक जलाएं। मान्यता है कि इससे मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि बनी रहती है।
मुख्य द्वार पर दीपक जलाने से सुख-शांति और संपन्नता का वास होता है।
पीपल के वृक्ष के नीचे दीपदान करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और वंशवृद्धि के योग बनते हैं।