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Kasganj News: बारिश बनी किसानों के चेहरे की मुस्कान, खरीफ की बुवाई ने पकड़ी रफ्तार
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फोटो26कासगंज में गांव सैलई के पास खेत में धान की रोपाई करते किसान ।संवाद
कासगंज। लंबे इंतजार के बाद बुधवार को जिले में मानसून की पहली अच्छी बारिश हुई। इस वर्षा से किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है। खेतों में पर्याप्त पानी भरने के बाद खरीफ फसलों की बुवाई ने तेजी पकड़ ली है।
बारिश के बाद जिले के कई क्षेत्रों में धान की रोपाई शुरू हो गई है। खेतों में पर्याप्त नमी और पानी उपलब्ध होने से किसान पूरे परिवार के साथ रोपाई कार्य में जुट गए हैं। मक्का, बाजरा, उड़द, मूंग और तिल जैसी अन्य खरीफ फसलों की बुवाई करने वाले किसानों ने भी खेतों की तैयारी तेज कर दी है। कृषि विशेषज्ञों ने इस समय पर हुई बारिश को खरीफ फसलों के लिए बेहद लाभदायक बताया है। उनका कहना है कि यदि आने वाले दिनों में भी मानसून सक्रिय रहा, तो बुवाई का लक्ष्य समय पर पूरा हो जाएगा। इससे फसलों की अच्छी बढ़वार की भी उम्मीद रहेगी। किसान रामसिंह, पीतांबर और चोबसिंह ने बताया कि जून में बारिश न होने से खेती पिछड़ रही थी। लेकिन अब मानसून की शुरुआत ने नई उम्मीद जगा दी है। अच्छी बारिश से सिंचाई पर होने वाला खर्च भी कम होगा। इससे पैदावार बेहतर होने की संभावना बढ़ेगी।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह बारिश खरीफ फसलों के लिए बहुत फायदेमंद है। यदि मानसून सक्रिय रहता है, तो बुवाई का लक्ष्य पूरा होगा। फसलों की बढ़वार भी अच्छी होने की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि बारिश से सिंचाई का खर्च घटेगा। इससे बेहतर पैदावार की संभावना बढ़ेगी। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में धान की रोपाई का कार्य शुरू हो गया है। किसान परिवार सहित खेतों में काम कर रहे हैं। खेतों में पर्याप्त पानी और नमी उपलब्ध है। मक्का, बाजरा, उड़द, मूंग और तिल जैसी फसलों के लिए भी तैयारी तेज हो गई है। किसान इन फसलों की बुवाई के लिए अपने खेतों को तैयार कर रहे हैं।
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कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह बारिश खरीफ फसलों के लिए बहुत फायदेमंद है। यदि मानसून सक्रिय रहता है, तो बुवाई का लक्ष्य पूरा होगा। फसलों की बढ़वार भी अच्छी होने की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि बारिश से सिंचाई का खर्च घटेगा। इससे बेहतर पैदावार की संभावना बढ़ेगी।
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बारिश के बाद जिले के कई क्षेत्रों में धान की रोपाई शुरू हो गई है। खेतों में पर्याप्त नमी और पानी उपलब्ध होने से किसान पूरे परिवार के साथ रोपाई कार्य में जुट गए हैं। मक्का, बाजरा, उड़द, मूंग और तिल जैसी अन्य खरीफ फसलों की बुवाई करने वाले किसानों ने भी खेतों की तैयारी तेज कर दी है। कृषि विशेषज्ञों ने इस समय पर हुई बारिश को खरीफ फसलों के लिए बेहद लाभदायक बताया है। उनका कहना है कि यदि आने वाले दिनों में भी मानसून सक्रिय रहा, तो बुवाई का लक्ष्य समय पर पूरा हो जाएगा। इससे फसलों की अच्छी बढ़वार की भी उम्मीद रहेगी। किसान रामसिंह, पीतांबर और चोबसिंह ने बताया कि जून में बारिश न होने से खेती पिछड़ रही थी। लेकिन अब मानसून की शुरुआत ने नई उम्मीद जगा दी है। अच्छी बारिश से सिंचाई पर होने वाला खर्च भी कम होगा। इससे पैदावार बेहतर होने की संभावना बढ़ेगी।
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कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह बारिश खरीफ फसलों के लिए बहुत फायदेमंद है। यदि मानसून सक्रिय रहता है, तो बुवाई का लक्ष्य पूरा होगा। फसलों की बढ़वार भी अच्छी होने की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि बारिश से सिंचाई का खर्च घटेगा। इससे बेहतर पैदावार की संभावना बढ़ेगी। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में धान की रोपाई का कार्य शुरू हो गया है। किसान परिवार सहित खेतों में काम कर रहे हैं। खेतों में पर्याप्त पानी और नमी उपलब्ध है। मक्का, बाजरा, उड़द, मूंग और तिल जैसी फसलों के लिए भी तैयारी तेज हो गई है। किसान इन फसलों की बुवाई के लिए अपने खेतों को तैयार कर रहे हैं।
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कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह बारिश खरीफ फसलों के लिए बहुत फायदेमंद है। यदि मानसून सक्रिय रहता है, तो बुवाई का लक्ष्य पूरा होगा। फसलों की बढ़वार भी अच्छी होने की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि बारिश से सिंचाई का खर्च घटेगा। इससे बेहतर पैदावार की संभावना बढ़ेगी।