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Kasganj News: स्कूल में सोती रह गई मासूम, ताला लगाकर चले गए शिक्षक
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फोटो25सहावर का प्राथमिक विद्यालय खितौली । संवाद
सहावर। क्षेत्र के गांव खितौली स्थित पीएमश्री प्राथमिक विद्यालय में एक चौंका देने वाला वाकया सामने आया है। यहां कक्षा दो में पढ़ने वाली एक सात वर्षीय मासूम छात्रा छुट्टी के बाद भी क्लासरूम की बेंच पर सोती रह गई और स्टाफ स्कूल का मुख्य गेट बंद कर चला गया। काफी देर तक जब बच्ची घर नहीं पहुंची, तो परिजनों ने ग्राम प्रधान से संपर्क किया। इसके बाद स्कूल का ताला खुलवाकर मासूम को सकुशल बाहर निकाल लिया गया।
खितौली निवासी सुरेंद्र की पुत्री श्रुति (7) गांव के ही पीएमश्री प्राथमिक विद्यालय में कक्षा दो की छात्रा है। रोजाना की तरह वह मंगलवार (7 जुलाई) को भी स्कूल गई थी, लेकिन पढ़ाई के दौरान दोपहर में वह दरवाजे के पीछे वाली बेंच पर सो गई। छुट्टी के समय जब बच्चे बाहर निकले, तो कोने में सो रही श्रुति पर किसी की नजर नहीं पड़ी। इसके चलते विद्यालय स्टाफ, स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगाकर चला गया। इधर, जब काफी समय बीत जाने के बाद भी श्रुति घर नहीं पहुंची, तो उसकी मां ज्ञान आरती और परिजन चिंतित हो उठे। उन्होंने गांव में उसकी काफी तलाश की। घबराई हुई मां ने इसकी जानकारी तत्काल ग्राम प्रधान मोहम्मद आरिफ को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्राम प्रधान ने तुरंत विद्यालय की चाबी का इंतजाम कराया और स्कूल पहुंचे। गेट खोलकर जब अंदर देखा गया, तो मासूम श्रुति अंदर मिली। उसे सुरक्षित देखकर परिजनों ने राहत की सांस ली और उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक आए।
शिक्षकों पर कार्रवाई नहीं चाहते परिजन
घटना के बाद बच्ची के माता-पिता ने खंड शिक्षा अधिकारी को एक लिखित प्रार्थना पत्र दिया। इसमें उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि बच्ची दरवाजे के पीछे वाली बेंच पर सोई थी, जिसके कारण शिक्षकों की नजर उस पर नहीं पड़ सकी। परिजनों ने अधिकारियों से अनुरोध किया है कि वे विद्यालय के शिक्षकों के खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई न करें, क्योंकि यह महज एक अनजानी भूल थी।
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खितौली निवासी सुरेंद्र की पुत्री श्रुति (7) गांव के ही पीएमश्री प्राथमिक विद्यालय में कक्षा दो की छात्रा है। रोजाना की तरह वह मंगलवार (7 जुलाई) को भी स्कूल गई थी, लेकिन पढ़ाई के दौरान दोपहर में वह दरवाजे के पीछे वाली बेंच पर सो गई। छुट्टी के समय जब बच्चे बाहर निकले, तो कोने में सो रही श्रुति पर किसी की नजर नहीं पड़ी। इसके चलते विद्यालय स्टाफ, स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगाकर चला गया। इधर, जब काफी समय बीत जाने के बाद भी श्रुति घर नहीं पहुंची, तो उसकी मां ज्ञान आरती और परिजन चिंतित हो उठे। उन्होंने गांव में उसकी काफी तलाश की। घबराई हुई मां ने इसकी जानकारी तत्काल ग्राम प्रधान मोहम्मद आरिफ को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्राम प्रधान ने तुरंत विद्यालय की चाबी का इंतजाम कराया और स्कूल पहुंचे। गेट खोलकर जब अंदर देखा गया, तो मासूम श्रुति अंदर मिली। उसे सुरक्षित देखकर परिजनों ने राहत की सांस ली और उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक आए।
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शिक्षकों पर कार्रवाई नहीं चाहते परिजन
घटना के बाद बच्ची के माता-पिता ने खंड शिक्षा अधिकारी को एक लिखित प्रार्थना पत्र दिया। इसमें उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि बच्ची दरवाजे के पीछे वाली बेंच पर सोई थी, जिसके कारण शिक्षकों की नजर उस पर नहीं पड़ सकी। परिजनों ने अधिकारियों से अनुरोध किया है कि वे विद्यालय के शिक्षकों के खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई न करें, क्योंकि यह महज एक अनजानी भूल थी।
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