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Kasganj News: बालक की मौत के बाद हरकत में आया स्वास्थ्य विभाग
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फोटो 35 कासगंज स्वास्थ्य विभाग की टीम नगरिया स्थित न्यू विनायक हड्डी का अस्पताल को सील करने की
कासगंज। इलाज में कथित लापरवाही से एक बालक की मौत का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को जिले में झोलाछाप चिकित्सकों और अवैध अस्पतालों के खिलाफ अभियान चलाया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार के निर्देशन में हुई कार्रवाई में दो अवैध चिकित्सा संस्थानों को सील कर दिया गया, जबकि बालक की मौत के मामले में आरोपी चिकित्सक के घर पहुंचकर उसके परिजन को नोटिस दिया गया।
नोडल अधिकारी डॉ. उत्कर्ष के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नगरिया क्षेत्र में संचालित न्यू विनायक हड्डी का अस्पताल और माया फिजियोथेरेपी सेंटर का निरीक्षण किया। जांच में दोनों संस्थान बिना वैध पंजीकरण, आवश्यक अभिलेख और निर्धारित मानकों के संचालित मिले। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर दोनों संस्थानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
इसके बाद टीम मल्लाह नगर पहुंची, जहां जीतू पुत्र सकेश की इलाज के दौरान मौत के मामले की जांच की गई। मृतक के पिता सकेश ने चिकित्सक अरविंद पर गलत इलाज और लापरवाही का आरोप लगाया। जांच के दौरान आरोपी की दुकान बंद मिली और वह घर पर भी नहीं मिला। स्वास्थ्य विभाग ने उसके परिजन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार ने स्पष्ट किया कि जिले में बिना पंजीकरण संचालित अस्पताल, क्लीनिक और झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। साथ ही लोगों से अपील की कि इलाज के लिए केवल पंजीकृत अस्पतालों और योग्य चिकित्सकों की ही सेवाएं लें तथा अवैध चिकित्सा संस्थानों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराएं।
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नोडल अधिकारी डॉ. उत्कर्ष के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नगरिया क्षेत्र में संचालित न्यू विनायक हड्डी का अस्पताल और माया फिजियोथेरेपी सेंटर का निरीक्षण किया। जांच में दोनों संस्थान बिना वैध पंजीकरण, आवश्यक अभिलेख और निर्धारित मानकों के संचालित मिले। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर दोनों संस्थानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
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इसके बाद टीम मल्लाह नगर पहुंची, जहां जीतू पुत्र सकेश की इलाज के दौरान मौत के मामले की जांच की गई। मृतक के पिता सकेश ने चिकित्सक अरविंद पर गलत इलाज और लापरवाही का आरोप लगाया। जांच के दौरान आरोपी की दुकान बंद मिली और वह घर पर भी नहीं मिला। स्वास्थ्य विभाग ने उसके परिजन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार ने स्पष्ट किया कि जिले में बिना पंजीकरण संचालित अस्पताल, क्लीनिक और झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। साथ ही लोगों से अपील की कि इलाज के लिए केवल पंजीकृत अस्पतालों और योग्य चिकित्सकों की ही सेवाएं लें तथा अवैध चिकित्सा संस्थानों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराएं।