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Kasganj News: साक्ष्यों की कमी से गैंगरेप और पॉक्सो के आरोपी रिहा
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कासगंज। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) धनंजय मिश्रा की अदालत ने नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में साक्ष्य पर्याप्त न मिलने पर तीनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में सफल नहीं हो सका।
अभियोजन के अनुसार, थाना सिढ़पुरा क्षेत्र के एक व्यक्ति ने 20 मई 2022 को अपनी नाबालिग पुत्री के साथ सामूहिक दुष्कर्म और अन्य आरोपों को लेकर आकाश, रविकांत और योगेंद्र कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराया था। विवेचना के बाद पुलिस ने तीनों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 376 डी, 504, 506 तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 5/6 के तहत आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपने समर्थन में नौ गवाहों के बयान कराए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने पाया कि मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों में कई विरोधाभास हैं तथा आरोपों की पुष्टि के लिए पर्याप्त और विश्वसनीय साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ने संदेह का लाभ देते हुए आकाश, रविकांत और योगेंद्र कुमार को सभी आरोपों से बरी कर दिया।
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अभियोजन के अनुसार, थाना सिढ़पुरा क्षेत्र के एक व्यक्ति ने 20 मई 2022 को अपनी नाबालिग पुत्री के साथ सामूहिक दुष्कर्म और अन्य आरोपों को लेकर आकाश, रविकांत और योगेंद्र कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराया था। विवेचना के बाद पुलिस ने तीनों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 376 डी, 504, 506 तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 5/6 के तहत आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
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सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपने समर्थन में नौ गवाहों के बयान कराए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने पाया कि मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों में कई विरोधाभास हैं तथा आरोपों की पुष्टि के लिए पर्याप्त और विश्वसनीय साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ने संदेह का लाभ देते हुए आकाश, रविकांत और योगेंद्र कुमार को सभी आरोपों से बरी कर दिया।
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