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Kasganj News: बाढ़ ने रोका अस्पताल का रास्ता, पिता की गोद में बेटे ने तोड़ा दम
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फोटो 33- बुखार से मौत का शिकार बालक सागर का फाइल फोटो
कासगंज/ पटियाली। पटियाली के नगला जयकिशन गांव में शुक्रवार को तीन दिन से तेज बुखार से पीड़ित सात साल के सागर ने पिता भूदेव की गोद में ही दम तोड़ दिया। चारों तरफ बाढ़ का पानी भरा होने के कारण मासूम को वक्त पर इलाज नहीं मिल सका।
मौत के बाद भी बेबसी खत्म नहीं हुई परिजन और ग्रामीण बालक के शव को दो किलोमीटर तक बाढ़ के पानी से निकालकर ले गए तब जाकर सूखे स्थान पर अंतिम संस्कार किया जा सका। एक हफ्ते में बुखार से हुई इस दूसरी मौत के बाद पूरे इलाके में डर का माहौल है।
पिता ने बताया कि सागर को पिछले तीन दिनों से तेज बुखार आ रहा था। चारों तरफ पानी भरा होने के कारण उसे बाहर अस्पताल नहीं ले जा सके और गांव के ही एक चिकित्सक से दवा दिलवा रहे थे। शुक्रवार सुबह करीब 4 बजे बालक की हालत अधिक बिगड़ गई और देखते ही देखते उसने पिता की गोद में दम तोड़ दिया।
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अंतिम संस्कार के दौरान भी परिजन को भारी संघर्ष करना पड़ा। पिता भूदेव अन्य ग्रामीणों के साथ बालक के शव को गोद में लेकर करीब दो किलोमीटर तक बाढ़ के पानी से पैदल निकले और सूखे स्थान पर पहुंचकर बच्चे को दफनाया।
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बुखार से वृद्ध की माैत हो चुकी है
कुछ दिन पूर्व पास के ही बाढ़ प्रभावित गांव नगला जैली में भी धर्मवीर नामक वृद्ध की बुखार से मौत हो चुकी है, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चिंता बढ़ गई है। गांव के उर्वेश ने बताया कि बालक की मां भी बुखार की चपेट में हैं जिनका इलाज कराया जा रहा है। अन्य कई लोगों को बुखार आ रहा है।
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वर्जन-
बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगातार स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी नगला जयकिशन में शिविर लगाया गया था। फिर से गांव में स्वास्थ्य टीम भेजी गई है। - डॉ. आकाश सिंह, चिकित्साधीक्षक, गंजडुंडवारा सीएचसी
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मौत के बाद भी बेबसी खत्म नहीं हुई परिजन और ग्रामीण बालक के शव को दो किलोमीटर तक बाढ़ के पानी से निकालकर ले गए तब जाकर सूखे स्थान पर अंतिम संस्कार किया जा सका। एक हफ्ते में बुखार से हुई इस दूसरी मौत के बाद पूरे इलाके में डर का माहौल है।
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पिता ने बताया कि सागर को पिछले तीन दिनों से तेज बुखार आ रहा था। चारों तरफ पानी भरा होने के कारण उसे बाहर अस्पताल नहीं ले जा सके और गांव के ही एक चिकित्सक से दवा दिलवा रहे थे। शुक्रवार सुबह करीब 4 बजे बालक की हालत अधिक बिगड़ गई और देखते ही देखते उसने पिता की गोद में दम तोड़ दिया।
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अंतिम संस्कार के दौरान भी परिजन को भारी संघर्ष करना पड़ा। पिता भूदेव अन्य ग्रामीणों के साथ बालक के शव को गोद में लेकर करीब दो किलोमीटर तक बाढ़ के पानी से पैदल निकले और सूखे स्थान पर पहुंचकर बच्चे को दफनाया।
बुखार से वृद्ध की माैत हो चुकी है
कुछ दिन पूर्व पास के ही बाढ़ प्रभावित गांव नगला जैली में भी धर्मवीर नामक वृद्ध की बुखार से मौत हो चुकी है, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चिंता बढ़ गई है। गांव के उर्वेश ने बताया कि बालक की मां भी बुखार की चपेट में हैं जिनका इलाज कराया जा रहा है। अन्य कई लोगों को बुखार आ रहा है।
वर्जन-
बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगातार स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी नगला जयकिशन में शिविर लगाया गया था। फिर से गांव में स्वास्थ्य टीम भेजी गई है। - डॉ. आकाश सिंह, चिकित्साधीक्षक, गंजडुंडवारा सीएचसी