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Kasganj News: घरों में भर रहा बाढ़ का पानी, मुश्किल में जिंदगानी
Wed, 09 Sep 2026 11:25 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Updated Wed, 09 Sep 2026 11:25 PM IST
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फोटो 19- बाढ़ के पानी से कटती नगला जयकिशन मार्ग की सड़क। संवाद
कासगंज/ पटियाली। नरौरा बैराज से पानी का प्रवाह बढ़ते ही गंगा की धारा फिर रौद्र होने लगी है। पटियाली के बाढ़ प्रभावित इलाके के ग्रामीणों के सामने लगातार चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं। तमाम ग्रामीणों के घर, झोपड़ियों, पशुबाड़े में पानी भर गया है। इससे ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
पिछले 24 घंटे में नरौरा बैराज से छोड़े जाने के बाद करीब 6 हजार क्यूसेक पानी का प्रवाह बढ़ गया। इसका असर जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों में हो रहा है। शहवाजपुर पर गंगा की रौद्र धारा बांध से टकरा रही है, जिससे बांध के कटने का खतरा बढ़ गया है। शहवाजपुर पर पानी का फैलाव भी खादर और चारागाहों की ओर हो गया है। इससे पशुओं के चारे की भी समस्या उत्पन्न हो गई है।
किलौनी में कटान कर रही गंगा की धारा को नियंत्रित करने में सिंचाई विभाग जुटा है। वहां कटान रोधी कार्य कराए जा रहे हैं। पटियाली के नगला दुर्जन में बाढ़ का पानी भरा है। लोगों के मकानों, झोपड़ियों, पशुबाड़ों में कई कई फुट पानी जमा है। झोपड़ियों में रहने वाले लोग सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए हैं। तमाम ग्रामीण बाढ़ के पानी के बीच ही चारपाइयों पर रहने को विवश हैं। लगातार पानी का स्तर बाढ़ प्रभावित इलाकों में बढ़ रहा है। बाढ़ का सर्वाधिक प्रभाव नगला जैली, मूंझखेड़ा, नगला दिपी, नगला नरपत, नगला हंसी, नगला खना, राजेपुर कुर्रा, नगला जयकिशन में बना हुआ है।
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नगला दुर्जन के उर्वेश ने बताया कि इतने लंबे समय तक बाढ़ का ठहराव होने से परेशानी बढ़ी है। खेतों में बाढ़ का पानी भरने से बाजरा, मक्का की फसलें खराब हो गई हैं। सनौड़ी के टूटे हुए पुल की ओर नाव से ही आवागमन हो रहा है। शहवाजपुर के किसान धर्मपाल ने बताया कि मंगलवार की रात से पानी लगातार बढ़ रहा है। पशुओं को चराने का संकट हो गया है।
बाढ़ के पानी से कट रहीं सड़कें
नगला जयकिशन की ओर गंगा का जलस्तर बढ़ने से मार्ग भी कटने लगा है। ग्रामीणों ने रोकथाम के लिए रेत की बोरियां भी लगाई हैं, लेकिन दूसरी ओर पानी बढ़ रहा है।
नायब तहसीलदार पहुंचे बाढ़ प्रभावित इलाके में
पटियाली। नायब तहसीलदार रोहित सक्सेना बाढ़ प्रभावित मूंझखेड़ा गांव पहुंचे। जहां उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से समस्याएं पूछीं और निदान का भरोसा दिया। नायब तहसीलदार ने ग्रामीणों को बताया कि स्वास्थ्य टीमें बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंच रही हैं। लगातार यह क्रम जारी रहेगा।
बैराजों से पानी का प्रवाह
हरिद्वार बैराज से- 95512 क्यूसेक
बिजनौर बैराज से- 95003 क्यूसेक
नरौरा बैराज से - 111969 क्यूसेक
कछला ब्रिज- 162.58 मीटर के निशान पर
वर्जन -
- नरौरा बैराज से प्रवाह बढ़ने के बाद जलस्तर में वृद्धि हुई है। जल्द ही जलस्तर में कमी आएगी। क्योंकि हरिद्वार और बिजनौर बैराजों से प्रवाह घटने लगा है। सिंचाई विभाग पूरी तरह से अलर्ट पर है। - शरद सौरभ गिरी, अधिशासी अभियंता, सिंचाई
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पिछले 24 घंटे में नरौरा बैराज से छोड़े जाने के बाद करीब 6 हजार क्यूसेक पानी का प्रवाह बढ़ गया। इसका असर जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों में हो रहा है। शहवाजपुर पर गंगा की रौद्र धारा बांध से टकरा रही है, जिससे बांध के कटने का खतरा बढ़ गया है। शहवाजपुर पर पानी का फैलाव भी खादर और चारागाहों की ओर हो गया है। इससे पशुओं के चारे की भी समस्या उत्पन्न हो गई है।
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किलौनी में कटान कर रही गंगा की धारा को नियंत्रित करने में सिंचाई विभाग जुटा है। वहां कटान रोधी कार्य कराए जा रहे हैं। पटियाली के नगला दुर्जन में बाढ़ का पानी भरा है। लोगों के मकानों, झोपड़ियों, पशुबाड़ों में कई कई फुट पानी जमा है। झोपड़ियों में रहने वाले लोग सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए हैं। तमाम ग्रामीण बाढ़ के पानी के बीच ही चारपाइयों पर रहने को विवश हैं। लगातार पानी का स्तर बाढ़ प्रभावित इलाकों में बढ़ रहा है। बाढ़ का सर्वाधिक प्रभाव नगला जैली, मूंझखेड़ा, नगला दिपी, नगला नरपत, नगला हंसी, नगला खना, राजेपुर कुर्रा, नगला जयकिशन में बना हुआ है।
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नगला दुर्जन के उर्वेश ने बताया कि इतने लंबे समय तक बाढ़ का ठहराव होने से परेशानी बढ़ी है। खेतों में बाढ़ का पानी भरने से बाजरा, मक्का की फसलें खराब हो गई हैं। सनौड़ी के टूटे हुए पुल की ओर नाव से ही आवागमन हो रहा है। शहवाजपुर के किसान धर्मपाल ने बताया कि मंगलवार की रात से पानी लगातार बढ़ रहा है। पशुओं को चराने का संकट हो गया है।
बाढ़ के पानी से कट रहीं सड़कें
नगला जयकिशन की ओर गंगा का जलस्तर बढ़ने से मार्ग भी कटने लगा है। ग्रामीणों ने रोकथाम के लिए रेत की बोरियां भी लगाई हैं, लेकिन दूसरी ओर पानी बढ़ रहा है।
नायब तहसीलदार पहुंचे बाढ़ प्रभावित इलाके में
पटियाली। नायब तहसीलदार रोहित सक्सेना बाढ़ प्रभावित मूंझखेड़ा गांव पहुंचे। जहां उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से समस्याएं पूछीं और निदान का भरोसा दिया। नायब तहसीलदार ने ग्रामीणों को बताया कि स्वास्थ्य टीमें बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंच रही हैं। लगातार यह क्रम जारी रहेगा।
बैराजों से पानी का प्रवाह
हरिद्वार बैराज से- 95512 क्यूसेक
बिजनौर बैराज से- 95003 क्यूसेक
नरौरा बैराज से - 111969 क्यूसेक
कछला ब्रिज- 162.58 मीटर के निशान पर
वर्जन -
- नरौरा बैराज से प्रवाह बढ़ने के बाद जलस्तर में वृद्धि हुई है। जल्द ही जलस्तर में कमी आएगी। क्योंकि हरिद्वार और बिजनौर बैराजों से प्रवाह घटने लगा है। सिंचाई विभाग पूरी तरह से अलर्ट पर है। - शरद सौरभ गिरी, अधिशासी अभियंता, सिंचाई

फोटो 19- बाढ़ के पानी से कटती नगला जयकिशन मार्ग की सड़क। संवाद

फोटो 19- बाढ़ के पानी से कटती नगला जयकिशन मार्ग की सड़क। संवाद