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Kasganj News: अंक बढ़वाने या पास कराने के फोन-मैसेज पर जानकारी साझा नहीं करें
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कासगंज। यूपी बोर्ड की वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट कंपार्टमेंट परीक्षा के बीच साइबर ठगों की सक्रियता बढ़ गई है। परीक्षा परिणाम में अंक बढ़वाने, पास कराने या रिजल्ट में बदलाव कराने का लालच देकर ठगी किए जाने की आशंका को देखते हुए शिक्षा विभाग पूरी तरह अलर्ट हो गया है। इसे लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) रजनेश कुमार ने परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी है।
डीआईओएस द्वारा जारी सार्वजनिक सूचना में बताया गया है कि साइबर अपराधी खुद को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद या बोर्ड का कर्मचारी बताकर फोन, मैसेज या अन्य डिजिटल माध्यमों से संपर्क कर रहे हैं। वे रिजल्ट में हेरफेर का झांसा देकर परीक्षार्थियों से उनकी निजी जानकारी और पैसों की मांग कर रहे हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद कभी भी परीक्षार्थियों से इस प्रकार व्यक्तिगत संपर्क नहीं करती है। इसलिए किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना रोल नंबर, बैंक खाता विवरण, ओटीपी या अन्य कोई भी गोपनीय जानकारी बिल्कुल साझा न करें।
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यदि छात्रों या अभिभावकों को ऐसा कोई संदिग्ध कॉल या संदेश प्राप्त होता है, तो वे उसका स्क्रीनशॉट या कॉल रिकॉर्डिंग सुरक्षित रख लें। इसकी तुरंत सूचना जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के साथ-साथ संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को दें। इसके अलावा, साइबर अपराध की आधिकारिक शिकायत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दर्ज कराई जा सकती है।
डीआईओएस ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश पुलिस के सहयोग से ऐसे साइबर ठगों की पहचान की जाएगी। पकड़े जाने पर आरोपियों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की सुसंगत धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी से अपील की है कि किसी भी प्रलोभन में न आएं और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
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डीआईओएस द्वारा जारी सार्वजनिक सूचना में बताया गया है कि साइबर अपराधी खुद को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद या बोर्ड का कर्मचारी बताकर फोन, मैसेज या अन्य डिजिटल माध्यमों से संपर्क कर रहे हैं। वे रिजल्ट में हेरफेर का झांसा देकर परीक्षार्थियों से उनकी निजी जानकारी और पैसों की मांग कर रहे हैं।
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विभाग ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद कभी भी परीक्षार्थियों से इस प्रकार व्यक्तिगत संपर्क नहीं करती है। इसलिए किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना रोल नंबर, बैंक खाता विवरण, ओटीपी या अन्य कोई भी गोपनीय जानकारी बिल्कुल साझा न करें।
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यदि छात्रों या अभिभावकों को ऐसा कोई संदिग्ध कॉल या संदेश प्राप्त होता है, तो वे उसका स्क्रीनशॉट या कॉल रिकॉर्डिंग सुरक्षित रख लें। इसकी तुरंत सूचना जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के साथ-साथ संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को दें। इसके अलावा, साइबर अपराध की आधिकारिक शिकायत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दर्ज कराई जा सकती है।
डीआईओएस ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश पुलिस के सहयोग से ऐसे साइबर ठगों की पहचान की जाएगी। पकड़े जाने पर आरोपियों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की सुसंगत धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी से अपील की है कि किसी भी प्रलोभन में न आएं और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।