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Kasganj News: ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी तैयार, कंप्यूटर का इंतजार
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कासगंज। जिले की 103 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी बनकर तैयार हो गई हैं। इन लाइब्रेरी में फर्नीचर और किताबें तो आ गई हैं, लेकिन अभी तक कंप्यूटर स्थापित नहीं हुए हैं। प्रत्येक पंचायत भवन में चार लाख रुपये की लागत से यह लाइब्रेरी बनाई जा रही हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में लाइब्रेरी न होने से छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए शहर जाना पड़ता था। सरकार ने इस समस्या को दूर करने के लिए ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना का फैसला लिया। 103 ग्राम पंचायतों में फर्नीचर, निजी प्रकाशन और नेशनल बुक ट्रस्ट की पुस्तकें भेजी गई हैं। हालांकि, यूपी डेस्को की ओर से पंचायतों में अभी तक कंप्यूटर व अन्य उपकरण नहीं भेजे गए हैं। कंप्यूटर न होने से इन लाइब्रेरी का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस कार्य के लिए शासन से 3.9 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत हुई थी।
लाइब्रेरी के संचालन से गांवों में छात्र-छात्राओं और युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिलेगी। इससे उनका सामान्य ज्ञान भी बढ़ेगा। यह पहल ग्रामीण छात्रों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। जिला पंचायत राज अधिकारी राजेश चौरसिया ने बताया कि इन पंचायतों में फर्नीचर और किताबें भेज दी गई हैं। उन्होंने कहा कि यूपी डेस्को से कंप्यूटर प्राप्त होने पर पंचायतों में भेजे जाएंगे।
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ग्रामीण क्षेत्रों में लाइब्रेरी न होने से छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए शहर जाना पड़ता था। सरकार ने इस समस्या को दूर करने के लिए ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना का फैसला लिया। 103 ग्राम पंचायतों में फर्नीचर, निजी प्रकाशन और नेशनल बुक ट्रस्ट की पुस्तकें भेजी गई हैं। हालांकि, यूपी डेस्को की ओर से पंचायतों में अभी तक कंप्यूटर व अन्य उपकरण नहीं भेजे गए हैं। कंप्यूटर न होने से इन लाइब्रेरी का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस कार्य के लिए शासन से 3.9 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत हुई थी।
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लाइब्रेरी के संचालन से गांवों में छात्र-छात्राओं और युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिलेगी। इससे उनका सामान्य ज्ञान भी बढ़ेगा। यह पहल ग्रामीण छात्रों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। जिला पंचायत राज अधिकारी राजेश चौरसिया ने बताया कि इन पंचायतों में फर्नीचर और किताबें भेज दी गई हैं। उन्होंने कहा कि यूपी डेस्को से कंप्यूटर प्राप्त होने पर पंचायतों में भेजे जाएंगे।
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