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Kasganj News: यूपीआई से अधिक भुगतान पर सता रही लागत की चिंता
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फोटो 01 कासगंज फोटो निशीथ गुप्ता। स्रोत संवाद
कासगंज। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के नए शुल्क ढांचे ने बड़े कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। नई व्यवस्था के तहत 2000 रुपये तक के मर्चेंट ट्रांजेक्शन को तो शुल्क मुक्त रखा गया है लेकिन इससे अधिक के लेन-देन पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
इससे तहत 0.4 फीसदी शुल्क और 75 हजार रुपये या उससे अधिक के भुगतान पर अधिकतम 300 रुपये शुल्क देना पड़ सकता है। हालांकि छोटी खरीदारी करने वाले ग्राहकों को इससे राहत मिल सकती है।
कारोबारियों का कहना है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलने के साथ अब बड़ी रकम भी यूपीआई के जरिए आने लगी है। ऐसे में शुल्क बढ़ने से लेनदेन की लागत पर भी असर पड़ेगा।
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ये बोले व्यापारी
यूपीआई ने भुगतान को बेहद आसान बना दिया है। छोटे भुगतान पर शुल्क नहीं होना राहत है लेकिन बड़े लेनदेन पर शुल्क से व्यापारियों का खर्च बढ़ सकता है। - निशीथ गुप्ता, व्यापारी
ग्राहक अब नकदी रखने के बजाय मोबाइल से भुगतान करना पसंद करते हैं। बड़े भुगतान पर शुल्क लगा तो इसका असर व्यापार की लागत पर पड़ेगा।-राजकुमार जाखेटिया, व्यापारी
थोक कारोबार में एक दिन में कई बड़े डिजिटल भुगतान होते हैं। ऐसे में 0.4 फीसदी शुल्क भी कुल मिलाकर बड़ी रकम बन सकता है। -विपिन चोला, व्यापारी
यूपीआई शुल्क की व्यवस्था की व्यापारियों को स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि वे अपनी भुगतान व्यवस्था उसी हिसाब से तय कर सकें।-पंकज अग्रवाल, व्यापारी
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ग्राहक बोले—
रोजमर्रा की खरीदारी में यूपीआई सबसे सुविधाजनक है। 2000 रुपये तक भुगतान शुल्क मुक्त रहने से छोटे ग्राहकों पर सीधा असर नहीं पड़ेगा लेकिन बड़े भुगतान पर शुल्क की व्यवस्था स्पष्ट होनी चाहिए।- राजीव वार्ष्णेय
डिजिटल भुगतान ने नकदी रखने की जरूरत कम कर दी है। बड़े भुगतान पर शुल्क लगेगा तो इससे ग्राहकों की दिक्कत भी बढ़ेगी। उनको खरीदारी के लिए नकदी लेकर चलना होगा।- रमनदीप सिंह
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इससे तहत 0.4 फीसदी शुल्क और 75 हजार रुपये या उससे अधिक के भुगतान पर अधिकतम 300 रुपये शुल्क देना पड़ सकता है। हालांकि छोटी खरीदारी करने वाले ग्राहकों को इससे राहत मिल सकती है।
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कारोबारियों का कहना है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलने के साथ अब बड़ी रकम भी यूपीआई के जरिए आने लगी है। ऐसे में शुल्क बढ़ने से लेनदेन की लागत पर भी असर पड़ेगा।
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ये बोले व्यापारी
यूपीआई ने भुगतान को बेहद आसान बना दिया है। छोटे भुगतान पर शुल्क नहीं होना राहत है लेकिन बड़े लेनदेन पर शुल्क से व्यापारियों का खर्च बढ़ सकता है। - निशीथ गुप्ता, व्यापारी
ग्राहक अब नकदी रखने के बजाय मोबाइल से भुगतान करना पसंद करते हैं। बड़े भुगतान पर शुल्क लगा तो इसका असर व्यापार की लागत पर पड़ेगा।-राजकुमार जाखेटिया, व्यापारी
थोक कारोबार में एक दिन में कई बड़े डिजिटल भुगतान होते हैं। ऐसे में 0.4 फीसदी शुल्क भी कुल मिलाकर बड़ी रकम बन सकता है। -विपिन चोला, व्यापारी
यूपीआई शुल्क की व्यवस्था की व्यापारियों को स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि वे अपनी भुगतान व्यवस्था उसी हिसाब से तय कर सकें।-पंकज अग्रवाल, व्यापारी
ग्राहक बोले—
रोजमर्रा की खरीदारी में यूपीआई सबसे सुविधाजनक है। 2000 रुपये तक भुगतान शुल्क मुक्त रहने से छोटे ग्राहकों पर सीधा असर नहीं पड़ेगा लेकिन बड़े भुगतान पर शुल्क की व्यवस्था स्पष्ट होनी चाहिए।- राजीव वार्ष्णेय
डिजिटल भुगतान ने नकदी रखने की जरूरत कम कर दी है। बड़े भुगतान पर शुल्क लगेगा तो इससे ग्राहकों की दिक्कत भी बढ़ेगी। उनको खरीदारी के लिए नकदी लेकर चलना होगा।- रमनदीप सिंह

फोटो 01 कासगंज फोटो निशीथ गुप्ता। स्रोत संवाद

फोटो 01 कासगंज फोटो निशीथ गुप्ता। स्रोत संवाद

फोटो 01 कासगंज फोटो निशीथ गुप्ता। स्रोत संवाद

फोटो 01 कासगंज फोटो निशीथ गुप्ता। स्रोत संवाद

फोटो 01 कासगंज फोटो निशीथ गुप्ता। स्रोत संवाद