{"_id":"678a4ecf9bd16a52230eaa49","slug":"children-are-suffer-to-pneumonia-in-winter-doctors-issued-alert-2025-01-17","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Health: ठंड की चपेट में आ रहे बच्चे, खांसी के साथ फूल रही सांस; ऐसे पहचानें निमोनिया के लक्षण और करें बचाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Health: ठंड की चपेट में आ रहे बच्चे, खांसी के साथ फूल रही सांस; ऐसे पहचानें निमोनिया के लक्षण और करें बचाव
Fri, 17 Jan 2025 06:08 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Published by: अरुन पाराशर
Updated Fri, 17 Jan 2025 06:08 PM IST
सार
उपचार न लेने पर फेफड़ों में संक्रमण होने लगता है। लापरवाही होने पर समस्या गंभीर हो जाती है। ऐसे में समय से चिकित्सक से उपचार आवश्यक होता है। लापरवाही से बच्चे की जान का खतरा बढ़ जाता है।
विज्ञापन
अस्पताल में चल रहा बच्चे का इलाज।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ठंड के मौसम में बच्चों में निमोनिया का खतरा बढ़ गया है। कासगंज के जिला अस्पताल के बाल रोग विभाग में बच्चों की भीड़ बढ़ गई है। अस्पताल में बीमारियों की चपेट में आने वाले बच्चों में दस प्रतिशत निमोनिया से पीड़ित निकल रहे हैं।
विज्ञापन
जिले में पड़ रही कड़ाके की ठंड का असर बच्चों की सेहत पर देखा जा रहा है। 12 साल से कम आयु के बच्चों पर मौसम का सबसे अधिक असर देखा जा रहा है। इस आयु वर्ग के 150 तक बच्चे सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार की चपेट में आकर जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
इनमें से 15 से 20 तक बच्चों में निमोनिया निकल रहा है। 70 से 75 बच्चों को सांस लेने में दिक्कत तक की समस्या आ रही है। दो से तीन बच्चों को भर्ती तक करना पड़ रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ दिनेश बाबू ने बताया कि निमोनिया में सांस की समस्या होने लगती है।
समय से उपचार न लेने पर फेफड़ों में संक्रमण होने लगता है। लापरवाही होने पर समस्या गंभीर हो जाती है। ऐसे में समय से चिकित्सक से उपचार आवश्यक होता है। लापरवाही से बच्चे की जान का खतरा बढ़ जाता है। पांच साल तक की आयु के बच्चों के लिए विशेष सावधानी की आवश्यकता होती है। 15 से 20 बच्चों में निमोनिया मिल रहा है। सीएमएस डॉ. संजीव सक्सेना ने बताया कि ठंड के मौसम में बच्चों में निमोनिया के मामले सामने आ रहे हैं। अस्पताल में बच्चों के इलाज के लिए पर्याप्त इंतजाम हैं।
ऐसे करें निमोनिया से बचाव
- गर्म कपड़ों से पूरी तरह से शरीर को ढकें
- बच्चों को सुबह शाम पैरों में मोजे व जूते पहनाएं
- हल्की समस्या होने पर चिकित्सक से उपचार लें
- बच्चों का नियमित टीकाकरण कराएं
- गर्म कपड़ों से पूरी तरह से शरीर को ढकें
- बच्चों को सुबह शाम पैरों में मोजे व जूते पहनाएं
- हल्की समस्या होने पर चिकित्सक से उपचार लें
- बच्चों का नियमित टीकाकरण कराएं
ये हैं निमोनिया के लक्षण
- शरीर में कंपन व सीने का अंदर जाना
- छाती और पेट में दर्द
- सांस लेने या खांसने पर सीने में दर्द
- सर्दी, जुकाम, बुखार होना
- नाक बहना, गले में घरघराहट की आवाज आना
- शरीर में कंपन व सीने का अंदर जाना
- छाती और पेट में दर्द
- सांस लेने या खांसने पर सीने में दर्द
- सर्दी, जुकाम, बुखार होना
- नाक बहना, गले में घरघराहट की आवाज आना