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बजट : बिजली की कम दरें पावरलूम उद्योग के लिए बनेंगी संजीवनी

Thu, 12 Feb 2026 10:17 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 12 Feb 2026 10:17 PM IST
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Budget: Lower electricity rates will be a lifeline for the powerloom industry
फोटो 27 ऋ​षिपाल ​सिंह, पावरलूम संचालक। स्रोत: संवाद
कासगंज/गंजडुंडवारा। योगी सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में वस्त्र उद्योग और विशेष रूप से पावरलूम बुनकरों के लिए बड़ी घोषणा की है। अटल बिहारी वाजपेयी पावरलूम विद्युत फ्लैट रेट योजना के तहत 4,423 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है। इसे धीरे-धीरे खत्म हो रहे हथकरघा उद्योग के लिए संजीवनी माना जा रहा है।
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इस योजना के लागू होने से पावरलूम इकाइयों को सस्ती और फ्लैट रेट पर बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। इससे न केवल उत्पादन लागत में कमी आएगी, बल्कि तैयार कपड़ों की कीमतों में भी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी। बिजली की बढ़ी दरों और भारी-भरकम बिलों के चलते पावरलूम उद्योग तेजी से घट रहा था। सरकार की ओर से इसमें छूट देने पर दोबारा उद्योग रफ्तार पकड़ेगा।
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गंजडुंडवारा के पावरलूम संचालक अनिल मनोचा ने बताया कि पहले क्षेत्र में ढाई से तीन हजार मशीनें थी, लेकिन बिजली की दरें बढ़ने और टैरिफ योजना के खत्म होने से मशीन घटकर करीब 700 रह गईं हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व की बसपा और सपा सरकार के समय में फ्लैट रेट व्यवस्था के तहत प्रति लूम आधा किलोवाट पर 65 रुपये और एक किलोवाट पर 130 रुपये का शुल्क लगता था। इस व्यवस्था के बंद होने और मीटर रीडिंग के आधार पर बिल आने से काफी नुकसान हुआ। सरकार की ओर से सिर्फ 9000 रुपये की सब्सिडी दी जा रही है, जबकि बिल पहले से कई गुना ज्यादा आने लगे। इससे कम मशीनों वाले कई संचालकों को अपनी इकाइयां बंद करने पर मजबूर होना पड़ा। अब सरकार ने बजट में पावरलूम बुनकरों के उत्थान के लिए 4,423 करोड़ रुपये की योजना का एलान किया है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि कितनी राहत मिलेगी और कब तक योजना का लाभ मिलेगा। अगर पहले की तरह टैरिफ योजना लागू की जाती है तो इससे काफी राहत मिलेगी। तेज से कम हो रहे पावरलूम उद्योग के दोबारा जीवित होने की उम्मीद रहेगी।
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पावरलूम संचालक ऋषिपाल सिंह ने बताया कि विद्युत फ्लैट रेट व्यवस्था दोबारा बहाल होने से काफी राहत मिलेगी। सरकार की ओर से जीएसटी में भी राहत दी जानी चाहिए। इससे पावरलूम उद्योग को संजीवनी मिलेगी। बंद हो रही इकाइयां फिर से शुरू हो सकेंगी। बुनकरों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।

फोटो 27 ऋषिपाल सिंह, पावरलूम संचालक। स्रोत: संवाद

फोटो 27 ऋषिपाल सिंह, पावरलूम संचालक। स्रोत: संवाद

फोटो 27 ऋषिपाल सिंह, पावरलूम संचालक। स्रोत: संवाद

फोटो 27 ऋषिपाल सिंह, पावरलूम संचालक। स्रोत: संवाद

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