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जर्दा कारोबार अनिश्चितकाल के लिए बंद
ZARDA businesses closed indefinitely
Updated Tue, 30 Jun 2015 01:50 AM IST
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जिला प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप लगा कर शहर के सभी थोक व फुटकर जर्दा व्यापारियों ने सोमवार को अनिश्चितकाल के लिए अपनी दुकानें बंद कर दीं। व्यापारियों ने दुकानों में ताला डाल कर काली पट्टी बांधी और तंबाकू की जांच के नाम पर उत्पीड़न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की।
उधर, शक्करपट्टी में बुलाई गई बैठक में यह तय किया कि जर्दा व्यापारी मंगलवार को मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन दोपहर 12 बजे कमिश्नर को देकर उत्पीड़न रोकने की मांग करेंगे। साथ ही यह अनुरोध करेंगे कि जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी के नेतृत्व में कराई जाए।
व्यापारियों का कहना है कि जब तक मांगें नहीं मानी जाएंगी, दुकानें बंद रहेंगी। घंटाघर, कलक्टरगंज, नयागंज, शक्करपट्टी, लाल फाटक, पान दरीबा, लाल बंगला, गोविंद नगर, नौबस्ता और नवाबगंज में जर्दा की छोटी बड़ी 800 से अधिक दुकानें और दो हजार से अधिक छोटे बड़े व्यापारी व कारोबारी हैं।
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व्यापारी बताते हैं कि शहर में जब से तंबाकू को लेकर अभियान चला है तब से आए दिन दुकानों पर छापे मारी हो रही। अधिकारी और विभागीय कर्मचारी आए दिन छापे के नाम पर उनका आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न कर रहे हैं।
तीन दिन पहले कानपुर जर्दा मर्चेंट एसोसिएशन ने अपनी व्यथा कानपुर उद्योग व्यापार मंडल के नये मनोनीत अध्यक्ष विजय पांडेय और महामंत्री विनोद गुप्ता को सुनाई।
जर्दा एसोसिएसन के मंत्री विनोद गुप्ता व अन्य पदाधिकारियों ने रणनीति तय की। व्यापारियों का कहना है कि मंगलवार को कमिश्नर ने भी उनकी बात नहीं सुनी तो आगे की रणनीति तय की जाएगी। बैठक में विजय पांडेय, विनोद पांडेय, रोशन लाल अरोड़ा, मुकुंद मिश्रा, अशोक केसरवानी, अचल गुप्ता, राकेश सिंह, संजय राठौर, संत मिश्रा, अभिषेक तिवारी, चंद्र प्रकाश, नवनीत, शेष नारायण, एसके चौरसिया, अतुल अग्रवाल, मनीष अरोड़ा, मनोज साहू, मुमताज, नफीस और राम चंदर सहित कई व्यापारी मौजूद रहे।
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उधर, शक्करपट्टी में बुलाई गई बैठक में यह तय किया कि जर्दा व्यापारी मंगलवार को मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन दोपहर 12 बजे कमिश्नर को देकर उत्पीड़न रोकने की मांग करेंगे। साथ ही यह अनुरोध करेंगे कि जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी के नेतृत्व में कराई जाए।
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व्यापारियों का कहना है कि जब तक मांगें नहीं मानी जाएंगी, दुकानें बंद रहेंगी। घंटाघर, कलक्टरगंज, नयागंज, शक्करपट्टी, लाल फाटक, पान दरीबा, लाल बंगला, गोविंद नगर, नौबस्ता और नवाबगंज में जर्दा की छोटी बड़ी 800 से अधिक दुकानें और दो हजार से अधिक छोटे बड़े व्यापारी व कारोबारी हैं।
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व्यापारी बताते हैं कि शहर में जब से तंबाकू को लेकर अभियान चला है तब से आए दिन दुकानों पर छापे मारी हो रही। अधिकारी और विभागीय कर्मचारी आए दिन छापे के नाम पर उनका आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न कर रहे हैं।
तीन दिन पहले कानपुर जर्दा मर्चेंट एसोसिएशन ने अपनी व्यथा कानपुर उद्योग व्यापार मंडल के नये मनोनीत अध्यक्ष विजय पांडेय और महामंत्री विनोद गुप्ता को सुनाई।
जर्दा एसोसिएसन के मंत्री विनोद गुप्ता व अन्य पदाधिकारियों ने रणनीति तय की। व्यापारियों का कहना है कि मंगलवार को कमिश्नर ने भी उनकी बात नहीं सुनी तो आगे की रणनीति तय की जाएगी। बैठक में विजय पांडेय, विनोद पांडेय, रोशन लाल अरोड़ा, मुकुंद मिश्रा, अशोक केसरवानी, अचल गुप्ता, राकेश सिंह, संजय राठौर, संत मिश्रा, अभिषेक तिवारी, चंद्र प्रकाश, नवनीत, शेष नारायण, एसके चौरसिया, अतुल अग्रवाल, मनीष अरोड़ा, मनोज साहू, मुमताज, नफीस और राम चंदर सहित कई व्यापारी मौजूद रहे।