{"_id":"5f9acad78ebc3e8cba6c42b2","slug":"youth-brutally-murdered-for-having-status-in-the-community","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हरदोई: बिरादरी में रुतबा रखने को की थी किशोर की नृशंस हत्या, चारों आरोपी गिरफ्तार, बांका और चाकू भी बरामद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरदोई: बिरादरी में रुतबा रखने को की थी किशोर की नृशंस हत्या, चारों आरोपी गिरफ्तार, बांका और चाकू भी बरामद
Thu, 29 Oct 2020 07:46 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 29 Oct 2020 07:46 PM IST
विज्ञापन
पुलिस गिरफ्त में चार आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
हरदोई जिले में अरवल थाना क्षेत्र के ग्राम नदना में किशोर की नृशंस हत्या कर शव फेंके जाने की घटना का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। अपनी बिरादरी में धमक कायम रखने को किशोर की हत्या करने वाले चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
हत्या में इस्तेमाल किए गए बांका और चाकू भी पुलिस ने बरामद कर लिया है। बीती 17 अक्तूबर से अरवल थाना क्षेत्र के ग्राम नदना से लापता भीम (16) पुत्र मोती लाल का शव 23 अक्तूबर को गांव में ही एक खेत में क्षत-विक्षत अवस्था में पड़ा मिला था।
कपड़ों और चप्पलों के आधार पर परिजनों ने शव की शिनाख्त की थी। मृतक के चाचा संतऋषि उर्फ संतराम ने तीन लोगों पर भीम की हत्या किए जाने की आशंका जताई थी। अपने कार्यालय कक्ष में एसपी अनुराग वत्स ने बताया कि गांव निवासी रामनिवास उर्फ जुगाड़ी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की गई, तो उसने बताया कि गांव के ही राजीव पुत्र तोताराम, राम किशोर पुत्र राजेंद्र और भइया लाल पुत्र शिव दयाल निवासी ग्राम नसरापुर कोतवाली और जनपद कन्नौज के साथ मिलकर 17 अक्तूबर की रात ही की थी।
विज्ञापन
पुलिस का दावा है कि गांव में अपनी बिरादरी में वर्चस्व कायम रखने के लिए भीम की हत्या की गई। दरअसल भीम, उसके चाचा संतऋषि व अन्य परिजनों का आना जाना गांव के पूर्व प्रधान के यहां था। राम निवास ने अपने साथियों के साथ मिलकर कई बार संतऋषि, भीम आदि को पूर्व प्रधान से मेलजोल न रखने को कहा था।
विज्ञापन
हत्या में इस्तेमाल किए गए बांका और चाकू भी पुलिस ने बरामद कर लिया है। बीती 17 अक्तूबर से अरवल थाना क्षेत्र के ग्राम नदना से लापता भीम (16) पुत्र मोती लाल का शव 23 अक्तूबर को गांव में ही एक खेत में क्षत-विक्षत अवस्था में पड़ा मिला था।
विज्ञापन
कपड़ों और चप्पलों के आधार पर परिजनों ने शव की शिनाख्त की थी। मृतक के चाचा संतऋषि उर्फ संतराम ने तीन लोगों पर भीम की हत्या किए जाने की आशंका जताई थी। अपने कार्यालय कक्ष में एसपी अनुराग वत्स ने बताया कि गांव निवासी रामनिवास उर्फ जुगाड़ी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की गई, तो उसने बताया कि गांव के ही राजीव पुत्र तोताराम, राम किशोर पुत्र राजेंद्र और भइया लाल पुत्र शिव दयाल निवासी ग्राम नसरापुर कोतवाली और जनपद कन्नौज के साथ मिलकर 17 अक्तूबर की रात ही की थी।
विज्ञापन
पुलिस का दावा है कि गांव में अपनी बिरादरी में वर्चस्व कायम रखने के लिए भीम की हत्या की गई। दरअसल भीम, उसके चाचा संतऋषि व अन्य परिजनों का आना जाना गांव के पूर्व प्रधान के यहां था। राम निवास ने अपने साथियों के साथ मिलकर कई बार संतऋषि, भीम आदि को पूर्व प्रधान से मेलजोल न रखने को कहा था।
न मानने पर सबक सिखाने की धमकी दी थी। 17 अक्तूबर की रात गांव के पूर्व प्रधान के भाई रवि की तेरहवीं थी। तेरहवीं में संतऋषि, भीम गए थे। इससे नाराज होकर भीम को रास्ते में पकड़कर एक खेत में हत्या करने के बाद शव के टुकड़े कर फेंक दिए थे।
घटना में इस्तेमाल बांका और चाकू एक खेत में गड्ढा खोदकर दबा दिएए गए थे। राम निवास की निशानदेही पर इन्हें भी बरामद कर लिया गया। एसपी अनुराग वत्स ने बताया कि चारों आरोपियों पर रासुका भी लगाया जा रहा है।
पुलिस ने माना जंगली जानवर खा गए शव के टुकड़े
चारों हत्यारोपियों ने भीम की हत्या बेहद नृशंस तरीके से की। उसकी गर्दन काटने के बाद शरीर के कई टुकड़े किए। यही कारण रहा कि मौके पर जब शव बरामद हुआ, तो पोस्टमार्टम के लिए ले जाने को टुकड़े एकत्र कर पोटली जैसी बनाई गई।
पैर के पंजे टुकड़ों में मिले थे, तो सिर भी अलग मिला था। पुलिस ने यह भी माना है कि सात दिन तक शव के टुकड़े पड़े रहने के दौरान जंगली मवेशी कुछ हिस्से को खा गए और शव के कुछ टुकड़ों को उठा भी ले गए।
घटना में इस्तेमाल बांका और चाकू एक खेत में गड्ढा खोदकर दबा दिएए गए थे। राम निवास की निशानदेही पर इन्हें भी बरामद कर लिया गया। एसपी अनुराग वत्स ने बताया कि चारों आरोपियों पर रासुका भी लगाया जा रहा है।
पुलिस ने माना जंगली जानवर खा गए शव के टुकड़े
चारों हत्यारोपियों ने भीम की हत्या बेहद नृशंस तरीके से की। उसकी गर्दन काटने के बाद शरीर के कई टुकड़े किए। यही कारण रहा कि मौके पर जब शव बरामद हुआ, तो पोस्टमार्टम के लिए ले जाने को टुकड़े एकत्र कर पोटली जैसी बनाई गई।
पैर के पंजे टुकड़ों में मिले थे, तो सिर भी अलग मिला था। पुलिस ने यह भी माना है कि सात दिन तक शव के टुकड़े पड़े रहने के दौरान जंगली मवेशी कुछ हिस्से को खा गए और शव के कुछ टुकड़ों को उठा भी ले गए।