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Kanpur News: दूषित खानपान से टाइफाइड से ग्रसित हो रहे युवा व बच्चे
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इटावा। बाजार का खुला दूषित खानपान लोगों की सेहत पर असर डाल रहा है। बड़ी संख्या में युवा और बच्चे टाइफाइड की चपेट में आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल 539 लोग संक्रमित हुए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इतनी बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने की वजह तलाशी तो दूषित खानपान सामने आया।
समय के साथ लोगों के खानपान में तेजी से बदलाव आया है। खासकर युवा एवं बच्चे बाजार के भोजन को अधिक पसंद कर रहे हैं। बाजार में बिकने वाले चाट-पकौड़े, कचौड़ी, समोसे आमतौर पर खुले में होते हैं। ऐसे में यह खाद्य पदार्थ लोगों की सेहत पर असर डालते हैं। इनके सेवन से सबसे ज्यादा पेट से जुड़ी बीमारियां होती हैं।
इसके साथ ही घर पर भोजन करते समय साफ-सफाई को नजरअंदाज करना भी इस बीमारी को आमंत्रण देना है। टाइफाइड में शरीर का सबसे अधिक प्रभावित भाग आंत होता है। इससे पाचन तंत्र पर असर पड़ता है। अगर समय पर ध्यान नहीं दिया गया तो शरीर के कई अन्य अंग भी इसकी चपेट में आने लगते हैं। टाइफाइड के रोगियों को पेट दर्द, दस्त, कब्ज और वजन कम होने जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
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टाइफाइड के प्रमुख लक्षण...
-उच्च बुखार
-भूख में कमी
-सिरदर्द
- दस्त
-गले में खराश
-चकत्ते
-मांस पेशियों और जोड़ों में दर्द
-सूखी खांसी
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बीमारी का इस तरह करें बचाव-- -
-हाथों को साफ करके भोजन करें।
-दूषित पानी व भोजन न करें।
-कच्ची सब्जियां न खाएं।
-कच्चा दूूध न पिएं।
-फलों को अच्छी तरह से धोकर खाएं।
-बाजार के खुले खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
-भोजन करने से पहले हाथ को अच्छी तरह से धोएं।
-घर में साफ सफाई पर विशेष ध्यान दें।
-चिकित्सक की सलाह पर टीका लगवाएं।
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कोट--
टाइफाइड एक गंभीर बीमारी है। यह साल्मोनेला एन्टेरिका, सेरोटाइप टाइफी, बैक्टीरिया से होता है। यह साल्मोनेला पैराटाइफी बैक्टीरियम से भी फैलता है। यह बैक्टीरिया पानी और खाने के जरिए लोगों के अंदर जाता है। परिवार के किसी सदस्य के चपेट में आने से अन्य लोगों में फैलने का खतरा रहता है। जिला अस्पताल पर आने वाले मरीजों में युवा एवं बच्चों की संख्या अधिक रहती है।
-बृजेंद्र कुमार सिंह, सीएमओ
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समय के साथ लोगों के खानपान में तेजी से बदलाव आया है। खासकर युवा एवं बच्चे बाजार के भोजन को अधिक पसंद कर रहे हैं। बाजार में बिकने वाले चाट-पकौड़े, कचौड़ी, समोसे आमतौर पर खुले में होते हैं। ऐसे में यह खाद्य पदार्थ लोगों की सेहत पर असर डालते हैं। इनके सेवन से सबसे ज्यादा पेट से जुड़ी बीमारियां होती हैं।
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इसके साथ ही घर पर भोजन करते समय साफ-सफाई को नजरअंदाज करना भी इस बीमारी को आमंत्रण देना है। टाइफाइड में शरीर का सबसे अधिक प्रभावित भाग आंत होता है। इससे पाचन तंत्र पर असर पड़ता है। अगर समय पर ध्यान नहीं दिया गया तो शरीर के कई अन्य अंग भी इसकी चपेट में आने लगते हैं। टाइफाइड के रोगियों को पेट दर्द, दस्त, कब्ज और वजन कम होने जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
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टाइफाइड के प्रमुख लक्षण...
-उच्च बुखार
-भूख में कमी
-सिरदर्द
- दस्त
-गले में खराश
-चकत्ते
-मांस पेशियों और जोड़ों में दर्द
-सूखी खांसी
बीमारी का इस तरह करें बचाव
-हाथों को साफ करके भोजन करें।
-दूषित पानी व भोजन न करें।
-कच्ची सब्जियां न खाएं।
-कच्चा दूूध न पिएं।
-फलों को अच्छी तरह से धोकर खाएं।
-बाजार के खुले खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
-भोजन करने से पहले हाथ को अच्छी तरह से धोएं।
-घर में साफ सफाई पर विशेष ध्यान दें।
-चिकित्सक की सलाह पर टीका लगवाएं।
कोट
टाइफाइड एक गंभीर बीमारी है। यह साल्मोनेला एन्टेरिका, सेरोटाइप टाइफी, बैक्टीरिया से होता है। यह साल्मोनेला पैराटाइफी बैक्टीरियम से भी फैलता है। यह बैक्टीरिया पानी और खाने के जरिए लोगों के अंदर जाता है। परिवार के किसी सदस्य के चपेट में आने से अन्य लोगों में फैलने का खतरा रहता है। जिला अस्पताल पर आने वाले मरीजों में युवा एवं बच्चों की संख्या अधिक रहती है।
-बृजेंद्र कुमार सिंह, सीएमओ