{"_id":"68546c21559a3222760666d3","slug":"you-can-become-a-vastu-shastra-expert-by-doing-pg-diploma-kanpur-news-c-12-1-knp1051-1156155-2025-06-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: पीजी डिप्लोमा कर बन सकते हैं वास्तुशास्त्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: पीजी डिप्लोमा कर बन सकते हैं वास्तुशास्त्री
विज्ञापन
कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के दीन दयाल शोध केंद्र में इस साल से पीजी डिप्लोमा इन वास्तुशास्त्र कोर्स शुरू हो रहा है। इसमें स्नातक में 45 फीसदी अंक पाने वाला किसी भी उम्र का छात्र प्रवेश ले सकता है। इसमें विद्यार्थियों को थ्योरी के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
शोध केंद्र के निदेशक प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी ने बताया कि केंद्र में एमए ज्योतिर्विज्ञान व कर्मकांड में डिप्लोमा के पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं। इस सत्र से वास्तुशास्त्र का कोर्स भी शुरू कर रहे हैं। शोध केंद्र के सहायक निदेशक डॉ. दिवाकर अवस्थी ने बताया कि एमए ज्योतिर्विज्ञान का कोर्स करने वाले विद्यार्थी अपना परामर्श केंद्र खोलकर रोजगार पा सकते हैं। वहीं, कर्मकांड से डिप्लोमा करने वाले विद्यार्थी पुरोहित बनकर स्वरोजगार शुरू कर सकते हैं। पीजी डिप्लोमा इन वास्तुशास्त्र की पढ़ाई करने वाले अच्छे वास्तुशास्त्री बनकर अपना रोजगार शुरू कर सकते हैं।
एमए ज्योतिर्विज्ञान
कुल सीट - 50
फीस- 10,200
अवधि- दो वर्ष, चार सेमेस्टर
अहर्ता- किसी भी विषय से स्नातक में 45 फीसदी अंक
पीजी डिप्लोमा इन वास्तुशास्त्र
कुल सीट - 30
फीस- 11,200
अवधि- एक वर्ष, दो सेमेस्टर
अहर्ता- किसी भी विषय से स्नातक में 45 फीसदी अंक
पीजी डिप्लोमा इन कर्मकांड
कुल सीट - 50
फीस- 9,200
अवधि- एक वर्ष, दो सेमेस्टर
अहर्ता- 45 फीसदी अंक के साथ इंटरमीडिएट पास
विज्ञापन
शोध केंद्र के निदेशक प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी ने बताया कि केंद्र में एमए ज्योतिर्विज्ञान व कर्मकांड में डिप्लोमा के पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं। इस सत्र से वास्तुशास्त्र का कोर्स भी शुरू कर रहे हैं। शोध केंद्र के सहायक निदेशक डॉ. दिवाकर अवस्थी ने बताया कि एमए ज्योतिर्विज्ञान का कोर्स करने वाले विद्यार्थी अपना परामर्श केंद्र खोलकर रोजगार पा सकते हैं। वहीं, कर्मकांड से डिप्लोमा करने वाले विद्यार्थी पुरोहित बनकर स्वरोजगार शुरू कर सकते हैं। पीजी डिप्लोमा इन वास्तुशास्त्र की पढ़ाई करने वाले अच्छे वास्तुशास्त्री बनकर अपना रोजगार शुरू कर सकते हैं।
विज्ञापन
एमए ज्योतिर्विज्ञान
कुल सीट - 50
फीस- 10,200
अवधि- दो वर्ष, चार सेमेस्टर
अहर्ता- किसी भी विषय से स्नातक में 45 फीसदी अंक
पीजी डिप्लोमा इन वास्तुशास्त्र
कुल सीट - 30
फीस- 11,200
अवधि- एक वर्ष, दो सेमेस्टर
अहर्ता- किसी भी विषय से स्नातक में 45 फीसदी अंक
पीजी डिप्लोमा इन कर्मकांड
कुल सीट - 50
फीस- 9,200
अवधि- एक वर्ष, दो सेमेस्टर
अहर्ता- 45 फीसदी अंक के साथ इंटरमीडिएट पास