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Kanpur News: बढ़ रहा यमुना का जलस्तर, सताने लगी बाढ़ की चिंता

Mon, 07 Sep 2026 01:40 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Mon, 07 Sep 2026 01:40 AM IST
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Yamuna's water level rising; flood concerns mounting.
मूसानगर। यमुना नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। इससे नदी किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों को बाढ़ की चिंता सताने लगी है। हालांकि अभी धौलपुर (राजस्थान) गेज में यमुना खतरे के निशान से नीचे है। रविवार को एडीएम वित्त एवं राजस्व ने एसडीएम भोगनीपुर के साथ बाढ़ संभावित गांवों का दौरा किया। लोगों से वार्ता कर आवश्यक जानकारी दी।
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भोगनीपुर तहसील क्षेत्र में चपरघटा से जुड़े 12 से अधिक गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। संपर्क मार्गों पर बनी पुलिया पानी में डूबने से कई गांवों का आवागमन प्रभावित होने की आशंका है। शनिवार को मुक्ता देवी घाट मंदिर के पीछे बना पक्का घाट पानी में डूब गया जबकि हलिया घाट के पास भी पानी पहुंचने लगा। कालपी कार्यालय कर्मी सौरभ ने बताया कि शनिवार को यमुना नदी का जलस्तर करीब पांच सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा है। शाम चार बजे यमुना का जलस्तर 99.52 मीटर दर्ज किया गया। नदी में खतरे का निशान 108 मीटर है। जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से नदी किनारे बसे गांवों में ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
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ग्रामीण घसीटे, राम सिंह, दुर्गा प्रसाद और शत्रुघ्न आदि ने बताया कि शनिवार सुबह यमुना नदी का बहाव अचानक तेज हो गया। नदी का जलस्तर बढ़ने से सेंगुर नदी भी उफनाने लगती है। इससे क्षेत्र में बाढ़ के हालात पैदा हो जाते हैं। बाढ़ आने पर ग्रामीणों को नाव के सहारे आवागमन करना पड़ता है। वहीं, सैकड़ों बीघा खरीफ की फसल जलमग्न होकर नष्ट हो जाती है। मवेशियों के लिए चारे का संकट खड़ा हो जाता है।
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इन मार्गों के डूबने से टूटता है संपर्क
मुसरिया, नगीना बांगर, बम्हरौली घाट, आढ़न पथार और पड़ाव पुलिया के बाढ़ में डूबने से कई गांवों का संपर्क प्रभावित हो जाता है। चपरघटा, आढ़न, पथार, पड़ाव, रसूलपुर, भरतौली, कुंभापुर, चतुरीपुरवा, क्योटरा बांगर, हलिया, नयापुरवा, सरौंटा, नगीना बांगर, मुसरिया, कलुवाताला, मौदन और कट्टापुरवा समेत अन्य गांवों पर बाढ़ का असर पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बाढ़ के दौरान यही स्थिति बनती है। बीते साल बाढ़ में भी फसल समेत अन्य नुकसान हुआ था।
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धौलपुर में जलस्तर खतरे के निशान से एक मीटर नीचे
भोगनीपुर एसडीएम देवेंद्र सिंह ने बताया कि राजस्थान के धौलपुर में यमुना नदी का जलस्तर 129.70 मीटर पहुंच गया है। जो खतरे के निशान से करीब एक मीटर नीचे है। इसके चलते यमुना का जलस्तर और बढ़ने की संभावना है। एहतियात के तौर पर शनिवार सुबह एडीएम वित्त एवं राजस्व दुष्यंत कुमार मौर्य के साथ आढ़न पथार, क्योटरा बांगर, नगीना बांगर और चपरघटा पुल का निरीक्षण किया गया। ग्रामीणों को नदी का पानी बढ़ने की जानकारी देते हुए बाढ़ के दौरान नदी किनारे नहीं जाने की अपील की गई। एसडीएम ने बताया कि तहसील प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। भोगनीपुर क्षेत्र में आठ बाढ़ चौकियां और सात शरणार्थी स्थल बनाए गए हैं। संबंधित क्षेत्रीय लेखपालों को इन क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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यहां बनाई गई हैं बाढ़ चौकियां
बालाजी धाम चपरघटा, नगर पंचायत मूसानगर, रसूलपुर भुरंडा जूनियर विद्यालय, प्राथमिक विद्यालय सरौटा, प्रांतीय रक्षक दल स्टेडियम दौलतपुर, उच्च प्राथमिक विद्यालय नौबादपुर, मिलन केंद्र देवराहट, ग्राम सचिवालय, कथरी।
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यहां बनाए गए शरणार्थी स्थल
महात्मा गांधी इंटर कॉलेज हलिया, सीपीकेयू इंटर कॉलेज मूसानगर, प्राथमिक विद्यालय मूसानगर, प्रांतीय रक्षक दल स्टेडियम दौलतपुर, गौशाला शाहपुर अमरौधा, मिलन केंद्र देवराहट, पूर्व माध्यमिक विद्यालय पथार, केंद्रीय जल आयोग।
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जानवरों व बच्चों को लेकर नदी की ओर न जाएं
अमरौधा। रविवार को एडीएम वित्त एवं राजस्व दुष्यंत कुमार मौर्य ने बाढ़ संभावित गांवों आढ़न, पथार, चपरघटा एवं हलिया में लोगों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि बच्चों और जानवरों को लेकर नदी की ओर न जाएं। पथार में नव निर्मित पुलिया का निरीक्षण किया। यहां एसडीएम देवेंद्र सिंह, क्षेत्रीय लेखपाल प्रवीण शुक्ला आदि रहे। (संवाद)
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सिंचाई विभाग ने जलस्तर बढ़ने की दी चेतावनी, बाढ़ चौकियां सक्रिय
कानपुर देहात। चंबल नदी के कैचमेंट एरिया में भारी बारिश के चलते यमुना नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना है। सिंचाई विभाग ने रविवार शाम से जलस्तर बढ़ने की चेतावनी दी है। इसके बाद जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। एडीएम वित्त एवं राजस्व दुष्यंत कुमार मौर्य ने बताया कि संभावित बाढ़ को देखते हुए सभी बाढ़ चौकियों और तहसील स्तरीय कंट्रोल रूम को तत्काल सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ चौकियों पर चरणवार ड्यूटी लगाकर कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है। कहा कि सभी राजस्व निरीक्षक, नायब तहसीलदार और तहसीलदारों को बाढ़ संभावित गांवों का लगातार भ्रमण करेंगे और स्थिति पर नजर रखेंगे ताकि बाढ़ की स्थिति बनने पर तत्काल राहत कार्य शुरू किया जा सके। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय बनाए रखने और एसडीएम भोगनीपुर, सिकंदरा और एडीएम से निरंतर संपर्क में रहने को कहा है। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों में न जाएं और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचना दें। जिला स्तर पर ईओसी/बाढ़ कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। टोल फ्री नंबर 1077 और मोबाइल नंबर 9044070030, 9454416429 पर संपर्क किया जा सकता है। प्रशासन ने बाढ़ से निपटने की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। (संवाद)
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फोटो- 9 पांडु नदी जलस्तर बढ़ने से भग्गा निवादा की गलियों में जलभराव। संवाद
तोरना बाजार व कुर्सी खेड़ा में सड़कें जलमग्न
रसूलाबाद। बीते दिनों हुई लगातार बारिश से बढ़े पांडु नदी के जलस्तर से पलिया-बासखेड़ा व अंता जाने वाली सड़क जलमग्न है। इधर तोरना बाजार, कुर्सी खेड़ा में भी गलियों में जलभराव हो गया है। कुर्सीखेड़ा में गणेश मंदिर के चारों ओर पानी भरा है।
रसूलाबाद क्षेत्र में पांडु नदी जलस्तर स्थिर है। हालांकि खिरिया, घाघू, मितई निवादा, गुदैला, अंता, अनी निवादा, बासखेड़ा, तोरना बाजार, कुर्सी खेड़ा, भग्गा निवादा समेत 17 गांवों में नदी का पानी पहुंच गया है। खेड़ा कुर्सी में करीब 100 एकड़ क्षेत्र में फसलें जलमग्न हो गई हैं। तोरना निवासी मोंटी दीक्षित, भोला अवस्थी, राजू, दीपेंद्र मिश्रा आदि ने बताया कि पांडु नदी का जलस्तर फिलहाल स्थिर है।
14 नवंबर से गणेश महोत्सव होना है लेकिन गणेश मंदिर के चारों ओर जलभराव है। इधर भग्गा निवादा गांव में पांडु नदी का पानी गलियों में भरा है। इसी से होकर लोग आवाजाही कर रहे हैं। जलभराव के चलते बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। लोगों भग्गा निवादा निवासी सोनू सिंह, गोवर्धन सिंह, जयचंद्र सिंह, भूरा आदि ने बताया कि कोई बीमार हो जाए तो उसे अस्पताल ले जाना बड़ी चुनौती होगी। धान और बाजरा की फसल जलमग्न हो गई है। गांव क्षेत्र में करीब 250 बीघा फसल जलमग्न है। एसडीएम अभिषेक कुमार ने बताया कि पांडु नदी जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।

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फोटो- 8 तालाब ओवरफ्लो होने से जोत में यमदग्नि आश्रम के रास्ते पर जलभराव। संवाद
यमदग्नि आश्रम के रास्ते पर जलभराव
रसूलाबाद। जोत गांव में तालाब ओवरफ्लो होने से यमदग्नि आश्रम स्थित शिव मंदिर जाने वाला मुख्य मार्ग पर जलभराव है। इससे आश्रम आने-जाने वाले श्रद्धालुओं के साथ ही आसपास के ग्रामीणों को भी आवागमन में परेशानी हो रही है। जोत गांव से होकर डभारी, परसौरा, महाकपुर्वा, ढकपुर्वा रायपुर, बैरीसाल, चित्तानिवादा, कछवाइन निवादा, मटेरा, बेहरापुर, सजावारपुर आदि गांवों के लोग निकलते हैं। पप्पू शुक्ला, विपिन शुक्ला, प्रांशु सिंह, सनी सिंह, सत्यम, लकी, अमित और भूरा ने बताया कि नाला अवरुद्ध है। मुख्य मार्ग पर लंबे समय से जलभराव की समस्या बनी हुई है। बारिश होने के बाद स्थिति और गंभीर हो जाती है। बाइक सवार जरा सा चूके तो दुर्घटना तय है। बीडीओ विपुल विक्रम सिंह ने बताया कि ग्राम सचिव निर्देशित किया गया है। अवरुद्ध नाला खुलवाकर जल निकासी दुरुस्त कराई जाएगी। (संवाद)
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