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Coronavirus: क्वारंटीन होने के डर से मजदूर फांसी पर झूला, 15 दिन पहले पड़ोसी निकला था संक्रमित
Sun, 03 May 2020 07:47 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 03 May 2020 07:47 PM IST
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मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : amar ujala
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उत्तर प्रदेश के औरैया में हॉटस्पॉट घोषित क्षेत्र हालेपुर गांव में क्वारंटीन होने के डर से कोरोना संक्रमित पाए गए मरीज के पड़ोसी लज्जाराम कठेरिया (55) ने शनिवार रात पेड़ पर फंदे से लटक आत्महत्या कर ली। एक दिन पहले दिबियापुर के क्वारंटीन सेंटर से लौटे बेटे ने पिता को क्वारंटीन भेजे जाने की जानकारी दी थी, तबसे पिता परेशान थे।
दरअसल, 17 अप्रैल को हालेपुर गांव में कोरोना संक्रमित युवक मिला था। ऐहतियात के तौर पर युवक के संपर्क में आए कई लोगों को क्वरंटीन किया गया था, जिसमें उसके पड़ोसी भी थे। इस दौरान संक्रमित के पड़ोसी लज्जाराम कठेरिया के बेटे ध्रुव सिंह को दिबियापुर स्थित क्वारंटीन सेंटर भेज दिया गया था।
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दरअसल, 17 अप्रैल को हालेपुर गांव में कोरोना संक्रमित युवक मिला था। ऐहतियात के तौर पर युवक के संपर्क में आए कई लोगों को क्वरंटीन किया गया था, जिसमें उसके पड़ोसी भी थे। इस दौरान संक्रमित के पड़ोसी लज्जाराम कठेरिया के बेटे ध्रुव सिंह को दिबियापुर स्थित क्वारंटीन सेंटर भेज दिया गया था।
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तब से लज्जाराम परेशान रहते थे। शुक्रवार को ध्रुव क्वारंटीन सेंटर से घर लौट आया था। उसने पिता से बोला था कि अधिकारियों के निर्देश पर अब उन्हें क्वारंटीन सेंटर जाना है। डरने की कोई बात नहीं है। लेकिन लज्जाराज तनाव में थे। शनिवार देर रात वह चुपचाप घर से निकले और खेत में लगे पेड़ पर फांसी लगा ली।
कोतवाली प्रभारी सुधीर सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमित मरीज के लज्जाराम पड़ोसी थे। उनका नाम भी क्वारंटीन होने की लिस्ट में था। इसी के चलते वह डिप्रेशन में रहते थे। प्रथम दृष्ट्या आत्महत्या की प्रतीत होती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह पता चलेगी।
घर की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं थी लज्जाराम की पत्नी तारावती एवं ग्रामीणों ने बताया लज्जाराम मजदूरी करते थे। घर की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं थी। लज्जाराम अपने पीछे 3 पुत्र और दो पुत्रियां छोड़ गए हैं। परिवार बड़े पुत्र ध्रुव की शादी की तैयारी कर रहा था। पत्नी के अनुसार गांव में कोरोना वायरस और हॉटस्पॉट के चलते वह डिप्रेशन में रहने लगे थे। जिसके कारण उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है।
कोतवाली प्रभारी सुधीर सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमित मरीज के लज्जाराम पड़ोसी थे। उनका नाम भी क्वारंटीन होने की लिस्ट में था। इसी के चलते वह डिप्रेशन में रहते थे। प्रथम दृष्ट्या आत्महत्या की प्रतीत होती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह पता चलेगी।
घर की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं थी लज्जाराम की पत्नी तारावती एवं ग्रामीणों ने बताया लज्जाराम मजदूरी करते थे। घर की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं थी। लज्जाराम अपने पीछे 3 पुत्र और दो पुत्रियां छोड़ गए हैं। परिवार बड़े पुत्र ध्रुव की शादी की तैयारी कर रहा था। पत्नी के अनुसार गांव में कोरोना वायरस और हॉटस्पॉट के चलते वह डिप्रेशन में रहने लगे थे। जिसके कारण उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है।