Kanpur: रेल लाइन का पैनल बदलने के लिए तोड़ी डेढ़ सौ साल पुरानी कोठियां, तीन बार खराब हुई जेसीबी
अंग्रेजों के जमाने की छोटी रेल लाइन वाली रेल पुलिया की कोठियाें को मरम्मत कार्य के चलते जेसीबी से तोड़ा गया। डेढ़ सौ साल पुरानी कोठियां इतनी मजबूत थी कि तीन बार जेसीबी खराब हुई।
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कानपुर-लखनऊ रेल मार्ग के डाउन रेल लाइन की पुलिया संख्या 108 व 109 में लगे लोहे के गाटर पैनल को बदलने के लिए रेलवे की ओर से कार्य कराया जा रहा है। बुधवार को अंग्रेजों के जमाने की छोटी रेल लाइन वाली रेल पुलिया की कोठियाें को मरम्मत कार्य के चलते जेसीबी से तोड़ा गया। कोठियां इतनी मजबूत थी कि तीन बार जेसीबी खराब हुई।
बता दें कि छमकनाली रेल पुलिया संख्या 108 व 109 डाउन रेल पथ पर नए गाटर पैनल डाले जाने है, क्योंकि पुराने पैनल जर्जर हो चुके है और ट्रेन निकलने के दौरान भारी कंपन के साथ पुलिया हिलने लगती है। इसे रेलवे लखनऊ मंडल ने संज्ञान में लिया और तत्काल पैनल बदलने के निर्देश दिए। लखनऊ की एक कार्यदायी कंपनी को पैनल बदलने की जिम्मेदारी दी गई। बुधवार को जेसीबी से करीब डेढ़ वर्ष पुरानी छोटी रेल लाइन की कोठियों को तोड़ने का कार्य किया गया।
मजदूरों ने बताया कि कोठी काफी मजबूत थी, जिससे तीन बार जेसीबी तक खराब होकर बंद हो गई। दूसरी जेसीबी से फिर कोठियों को तोड़ा गया। बताया कि कोठियों में सीमेंट का प्रयोग नहीं दिखा। इनमें किसी विशेष प्रकार की पीली मिट्टी पाई गई, जो पत्थर की ईटों को जकड़े हुई थी। गंगाघाट स्टेशन मास्टर शकील ने बताया कि इस रेल लाइन पर कानपुर-लखनऊ के लिए किसी समय कोयला वाली ट्रेन चलती थी लेकिन बड़ी रेल लाइन के डबल ट्रैक होने के बाद इस लाइन को बंद कर पटरियां उखाड़ दी गई।