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Kanpur News: बकरी पालन का हुनर सीख कारोबार करेंगी महिलाएं
Fri, 26 Jun 2026 01:40 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Fri, 26 Jun 2026 01:40 AM IST
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कानपुर देहात। समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एनआरएलएम विभाग की तरफ से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। बकरी पालन को बढ़ावा देने व महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से पशु चिकित्सा विभाग सहयोग करेगा और चयनित महिलाओं को पांच बकरी व एक बकरा निशुल्क उपलब्ध कराएगा।
ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में नौ हजार स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इनसे जुड़ी एक लाख से अधिक महिलाएं खुद का कारोबार कर रही हैं। साथ ही अन्य महिलाओं को साथ में जोड़कर उन्हें भी रोजगार उपलब्ध करा रही हैं। विभाग ने समूह की 36 महिलाओं को बकरी पालन करने के तरीके सिखाएं हैं। इन्हें बकरी पालन की वैज्ञानिक तकनीकी, राशन वैलेंसी, बकरियों को होने वाले रोग और उनकी रोकथाम, टीकाकरण की जानकारी दी गई है। साथ ही कारोबार शुरू करने में समस्या न हो, इसके लिए आवेदन करने वाली महिलाओं को योजना के तहत ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
जिला मिशन प्रबंधक निखा सचान ने बताया कि पशु चिकित्सा विभाग की तरफ से योजना के तहत ग्रामीण स्तर पर बकरी पालन के लाभार्थियों का चयन किया जाना है। इसके लिए ग्राम पंचायतों में बैठक कर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से आवेदन मांगे जाएंगे। इसमें कुशल बकरी पालकों को वरीयता दी जानी हैं। हालांकि बीते तीन वर्षों में योजना का लाभ ले चुकी महिलाएं शामिल नहीं की जाएंगी। आवेदनों का सत्यापन कर पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में जमा किया जाएगा। इसमें महिलाओं को आधार कार्ड, बैंक पासबुक की छायाप्रति, बकरी पालन प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र व बकरी इकाई को न्यूनतम तीन वर्ष तक संचालित किए जाने का शपथ पत्र 10 रुपये के स्टांप पेपर पर देना होगा। इसका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
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बयान
समूह की महिलाओं को बकरी पालन का कारोबार करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके लिए चयनित महिलाओं को समय-समय पर प्रशिक्षण भी दिया जाता है। पशु चिकित्सा विभाग की तरफ से महिलाओं को पांच बकरी व एक बकरा निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वह स्वरोजगार कर खुद की आमदनी कर सके। इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को योजना से लाभांवित कर आत्मनिर्भर बनाना है। - अशोक कुमार, उपायुक्त, एनआरएलएम
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ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में नौ हजार स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इनसे जुड़ी एक लाख से अधिक महिलाएं खुद का कारोबार कर रही हैं। साथ ही अन्य महिलाओं को साथ में जोड़कर उन्हें भी रोजगार उपलब्ध करा रही हैं। विभाग ने समूह की 36 महिलाओं को बकरी पालन करने के तरीके सिखाएं हैं। इन्हें बकरी पालन की वैज्ञानिक तकनीकी, राशन वैलेंसी, बकरियों को होने वाले रोग और उनकी रोकथाम, टीकाकरण की जानकारी दी गई है। साथ ही कारोबार शुरू करने में समस्या न हो, इसके लिए आवेदन करने वाली महिलाओं को योजना के तहत ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
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जिला मिशन प्रबंधक निखा सचान ने बताया कि पशु चिकित्सा विभाग की तरफ से योजना के तहत ग्रामीण स्तर पर बकरी पालन के लाभार्थियों का चयन किया जाना है। इसके लिए ग्राम पंचायतों में बैठक कर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से आवेदन मांगे जाएंगे। इसमें कुशल बकरी पालकों को वरीयता दी जानी हैं। हालांकि बीते तीन वर्षों में योजना का लाभ ले चुकी महिलाएं शामिल नहीं की जाएंगी। आवेदनों का सत्यापन कर पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में जमा किया जाएगा। इसमें महिलाओं को आधार कार्ड, बैंक पासबुक की छायाप्रति, बकरी पालन प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र व बकरी इकाई को न्यूनतम तीन वर्ष तक संचालित किए जाने का शपथ पत्र 10 रुपये के स्टांप पेपर पर देना होगा। इसका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
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समूह की महिलाओं को बकरी पालन का कारोबार करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके लिए चयनित महिलाओं को समय-समय पर प्रशिक्षण भी दिया जाता है। पशु चिकित्सा विभाग की तरफ से महिलाओं को पांच बकरी व एक बकरा निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वह स्वरोजगार कर खुद की आमदनी कर सके। इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को योजना से लाभांवित कर आत्मनिर्भर बनाना है। - अशोक कुमार, उपायुक्त, एनआरएलएम